Washington/Tehran : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आखिरी समय में सीजफायर का ऐलान कर दिया गया। इससे पहले अमेरिका ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए भारतीय समयानुसार सुबह 5:30 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था। समयसीमा खत्म होने से करीब डेढ़ घंटे पहले, सुबह लगभग 4 बजे डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर संघर्षविराम की घोषणा की। इसके कुछ देर बाद शहबाज शरीफ ने भी दोनों देशों के बीच सहमति बनने की पुष्टि की।
अल्टीमेटम से बढ़ा था तनाव
अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलता, तो उसके पावर प्लांट और बुनियादी ढांचे पर हमले किए जाएंगे। जैसे-जैसे समयसीमा करीब आती गई, दुनिया भर की नजरें इस टकराव पर टिकी थीं।
दोनों देशों ने जताई अपनी-अपनी जीत
विश्लेषकों के अनुसार, इस समझौते को लेकर दोनों देश खुद को विजेता बता रहे हैं। एक ओर जहां अमेरिका तेल आपूर्ति और वैश्विक दबाव को देखते हुए बीच का रास्ता चाहता था, वहीं ईरान ने भी अपनी शर्तों पर सहमति बनवाने की कोशिश की।
पाकिस्तान की मध्यस्थता अहम
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने इस पूरे समझौते में अहम भूमिका निभाई। पाकिस्तानी अधिकारियों ने अमेरिकी और ईरानी नेताओं के बीच संदेश पहुंचाने का काम किया। इस दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अन्य अधिकारियों की भी बातचीत में भागीदारी रही।
आगे की बातचीत पर संशय
पाकिस्तान ने दोनों देशों को 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सीजफायर के बाद अमेरिका और ईरान आमने-सामने बैठकर आगे की वार्ता करेंगे या नहीं।

