जंग थमी तो बाजार झूम उठा: रुपया मजबूत, शेयर बाजार में रिकॉर्ड उछाल, सोना-चांदी भी दौड़े

Stock Market News: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली है। इसका असर भारत के बाजारों पर भी साफ दिखा। शेयर बाजार से लेकर सर्राफा बाजार तक हर तरफ तेजी का माहौल नजर आया।

छोटे और बड़े निवेशकों के चेहरे खिल उठे। वैश्विक तनाव कम होने से बाजार में भरोसा लौटा और निवेशकों ने जमकर खरीदारी की।

दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के युद्धविराम की खबर ने वैश्विक बाजारों में उत्साह भर दिया। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखी गई। शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों को करीब 18 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई।

शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी ने भरी उड़ान

ईरान और अमेरिका के बीच संघर्षविराम का सबसे ज्यादा असर शेयर बाजार पर दिखा। भारतीय शेयर बाजार के लिए दिन बेहद शानदार रहा। वैश्विक संकेतों और घरेलू निवेशकों के भरोसे के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में भारी उछाल देखने को मिला।

निफ्टी करीब 900 अंक उछलकर 24,000 के पार पहुंच गया। वहीं सेंसेक्स में करीब 3,000 अंकों की जोरदार तेजी देखने को मिली। इस तेजी से निवेशकों के पोर्टफोलियो में बड़ा सुधार देखने को मिला और बाजार में उत्साह का माहौल बन गया।

डॉलर के मुकाबले रुपया हुआ मजबूत

शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय रुपया भी मजबूत हुआ। विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये ने शानदार वापसी की। डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 50 पैसे मजबूत होकर 92.56 के स्तर पर पहुंच गया।

रुपये की मजबूती से आयात लागत कम होने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे आगे महंगाई पर भी असर पड़ सकता है।

सोने-चांदी में भी तेजी, निवेशकों के चेहरे खिले

सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, सोने और चांदी की कीमतों में भी जोरदार तेजी देखने को मिली। इससे सर्राफा बाजार में भी रौनक बढ़ गई।

एमसीएक्स पर सोना करीब 3,300 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़कर 1,53,770 रुपये पर पहुंच गया। वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोने में तेजी देखी गई।

चांदी की कीमतों में तो और भी बड़ी छलांग देखने को मिली। चांदी करीब 13,000 रुपये से ज्यादा बढ़कर 2,44,910 रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई।

औद्योगिक मांग और वैश्विक सुधार की उम्मीदों से चांदी में तेजी लौटी है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, भारत को राहत

युद्धविराम का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा। ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर करीब 94 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत को बड़ी राहत मिल सकती है। इससे आयात बिल कम होगा और महंगाई पर भी नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।

आगे भी बन सकते हैं नए रिकॉर्ड

जानकारों का मानना है कि अगर वैश्विक हालात इसी तरह स्थिर रहे, तो आने वाले दिनों में भारतीय बाजार नए रिकॉर्ड बना सकता है।

बुधवार की तेजी में रिटेल निवेशकों के पोर्टफोलियो में भी सुधार देखने को मिला है। इससे बाजार में भरोसा बढ़ा है और निवेशकों का उत्साह भी मजबूत हुआ है।

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