USA and Iran Ceasefire Agreement: अमेरिका और ईरान के बीच जंग रोकने पर सहमति बन गई है। दोनों देश दो हफ्तों के लिए सीजफायर पर राजी हो गए हैं। इसके साथ ही होर्मुज स्ट्रेट जल्द खुलने की उम्मीद भी बढ़ गई है।
ऊर्जा आपूर्ति पर मंडरा रहे संकट के बीच भारत समेत कई देशों के लिए यह बड़ी राहत की खबर मानी जा रही है। इसी बीच नई दिल्ली में भारत सरकार ने सीजफायर का स्वागत किया और कहा कि तनाव कम करने का सबसे प्रभावी रास्ता कूटनीति ही है।
भारत ने कहा — हम हमेशा शांति के पक्षधर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संयुक्त प्रेस वार्ता में पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रम पर भारत का रुख स्पष्ट किया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्षविराम का भारत स्वागत करता है। भारत हमेशा से शांति का पक्षधर रहा है और कूटनीति ही तनाव कम करने और आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।
मिडिल ईस्ट में भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
रणधीर जायसवाल ने कहा कि मिडिल ईस्ट में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि भारतीयों की मदद के लिए लगातार एडवाइजरी जारी की जा रही है। साथ ही उन्हें हरसंभव लॉजिस्टिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार आगे भी जरूरत के मुताबिक भारतीय नागरिकों की मदद करती रहेगी।
बिजली को लेकर भी सरकार ने दी राहत की खबर
प्रेस वार्ता में कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी संजीव कुमार कासी ने कहा कि देश के पावर प्लांट्स को चलाने के लिए पर्याप्त कोयले का भंडार उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल 55 मिलियन टन कोयले का स्टॉक मौजूद है। यह भंडार बिना किसी बाधा के अगले 24 दिनों तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त है।
सीजफायर से भारत को कई मोर्चों पर राहत
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर से भारत को ऊर्जा, व्यापार और सुरक्षा के मोर्चे पर राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि अगर हालात स्थिर रहते हैं तो क्षेत्र में शांति बहाल होगी और वैश्विक बाजारों पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

