West Bengal Election: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के बीच चुनावी धांधली को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। BJP ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी के गढ़ माने जाने वाले डायमंड हार्बर क्षेत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि फलता इलाके के कई पोलिंग बूथों पर EVM में BJP के चुनाव चिन्ह वाले बटन पर टेप चिपका दिया गया, ताकि मतदाता भाजपा को वोट न दे सकें।
डायमंड हार्बर के फलता इलाके में लगा आरोप
BJP के मुताबिक, यह मामला डायमंड हार्बर क्षेत्र के फलता इलाके का है, जहां कई मतदान केंद्रों पर कथित तौर पर EVM से छेड़छाड़ की गई। पार्टी का आरोप है कि BJP के बटन पर टेप लगाने से मतदाताओं के सामने वोट देने का विकल्प ही खत्म कर दिया गया। इस मुद्दे को लेकर मतदान के बीच ही राजनीतिक माहौल गर्म हो गया।
TMC ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
तृणमूल कांग्रेस ने BJP के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। TMC का कहना है कि यह चुनाव आयोग और चुनाव पर्यवेक्षक IPS अजय पाल शर्मा की नाकामी है। पार्टी ने पहले भी उन पर अपने उम्मीदवार को धमकाने का आरोप लगाया था। TMC ने कहा कि BJP बिना सबूत के माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है।
BJP ने दोबारा मतदान की मांग की
BJP के मीडिया प्रभारी अमित मालवीय ने इस मामले को लेकर प्रभावित बूथों पर दोबारा मतदान की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि कई मतदान केंद्रों पर टेप का इस्तेमाल कर भाजपा को वोट देने का विकल्प खत्म कर दिया गया, जिससे मतदाता अपनी पसंद का उम्मीदवार नहीं चुन पा रहे हैं। उन्होंने इसे ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ बताते हुए कहा कि यही मॉडल अभिषेक बनर्जी की लोकसभा जीत में भी मददगार रहा।
TMC का पलटवार—पहले शिकायत करें
TMC प्रवक्ता रिजु दत्ता ने BJP के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि चुनाव पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा खुद फाल्टा में घूम-घूमकर लोगों, TMC उम्मीदवार और उनके परिवार को डरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए अमित मालवीय को सिर्फ ट्वीट करने के बजाय आधिकारिक शिकायत करनी चाहिए। रिजु दत्ता ने आगे कहा कि अगर BJP को इतनी ही आपत्ति है, तो उन्हें चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और अजय पाल शर्मा को निलंबित करने की मांग करनी चाहिए।
वोटिंग के बीच बढ़ा सियासी तनाव
पश्चिम बंगाल में मतदान के दौरान इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप से राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। अब देखना होगा कि चुनाव आयोग इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या प्रभावित बूथों पर दोबारा मतदान कराया जाएगा।

