CM Yogi’s Big Message: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र स्थित खाक चौक में आयोजित जगदगुरु रामानंदाचार्य (Jagadguru Ramanandacharya) के जन्मोत्सव समारोह में सनातन धर्म की रक्षा का संकल्प दोहराया।
उन्होंने कहा कि आने वाला समय सनातन का है और पूरी दुनिया में इसका परचम लहराएगा।
सनातन को कमजोर करने की साजिश का आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने अपने संबोधन में कहा कि देश के भीतर सनातन धर्म को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें की जा रही हैं।
उन्होंने लोगों को सावधान करते हुए कहा कि समाज को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहना जरूरी है। उनके अनुसार, ये ताकतें कभी भी आम जनता की भलाई नहीं चाह सकतीं।
धार्मिक जयकारों से गूंजा माघ मेला क्षेत्र
CM योगी ने अपने भाषण की शुरुआत “सियावर रामचंद्र की जय”, “सनातन धर्म की जय”, “भारत माता की जय”, “गंगा मां की जय” और “प्रयागराज व वेणीमाधव की जय” के नारों से की।
पूरे माघ मेला क्षेत्र में “हर-हर महादेव” के जयघोष सुनाई दे रहे थे, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
रामानंदाचार्य के संदेश को आज भी अपनाने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी धरती से जगदगुरु रामानंदाचार्य ने बंटे हुए समाज को एकजुट करने का प्रयास किया था। आज भी उसी तरह समाज को जोड़ने की जरूरत है ताकि देश मजबूत बन सके।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा का जिक्र
Yogi Adityanath ने बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर कोई आवाज नहीं उठा रहा है। उनका इशारा विपक्षी दलों की ओर था।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग खुद को सेकुलर बताते हैं, वे इस मामले में पूरी तरह चुप हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण को संत समाज की एकजुटता का परिणाम बताया।
एक करोड़ श्रद्धालुओं ने किया स्नान
CM योगी ने बताया कि माघ मेले में अब तक एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं, जो लोगों की गहरी आस्था को दर्शाता है।
संत समाज की रही विशेष मौजूदगी
इस जन्मोत्सव समारोह (Birthday Celebration) में स्वामी सतुआ बाबा महाराज, परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, बाघंबरी पीठ के पीठाधीश्वर बलबीर गिरि जी महाराज, अवधेश जी महाराज और कृपालु देवाचार्य जी सहित कई प्रमुख संत उपस्थित रहे।

