Elephant Death : चाईबासा जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के मानिकपुर गांव में एक दंतैल हाथी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। वहीं, सूचना मिलते ही वन विभाग (Forest Department) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुट गई।
वन विभाग के रेंजर जितेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि सुबह ग्रामीणों ने हाथी के मृत होने की सूचना दी थी। जांच में पाया गया कि हाथी का शव गांव से करीब दो किलोमीटर दूर एक आम के बगीचे के पास पड़ा हुआ था।
प्राथमिक जांच के दौरान हाथी के शरीर पर किसी तरह की चोट, करंट लगने या जहर देने के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। वन विभाग के अनुसार, मृत हाथी की उम्र लगभग 25 से 30 वर्ष के बीच आंकी गई है।
अधिकारियों ने आशंका जताई है कि हाथी भोजन (Elephant Food) की तलाश में आम के बगीचे में घुसा होगा। वहां छोटे पौधे और फल होने के कारण वह रुका होगा, लेकिन अधिक उम्र या कमजोरी के चलते अचानक गिरकर उसकी मौत हो गई होगी।
हालांकि, मौत के असली कारण का पता Postmortem Report आने के बाद ही चल सकेगा। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब छह महीनों से इलाके में जंगली हाथियों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे लोगों में डर और चिंता का माहौल है।
वन विभाग ने हाथी का पोस्टमॉर्टम कराकर बिसरा जांच के लिए रांची स्थित प्रयोगशाला भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, विभाग पूरे मामले की निगरानी कर रहा है।

