USA and Iran Ceasefire Agreement: भारत ने अमेरिका–ईरान सीजफायर पर अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए युद्धविराम का स्वागत किया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने हाल के घटनाक्रमों पर बयान जारी करते हुए कहा कि यह कदम पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की दिशा में अहम साबित हो सकता है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम युद्धविराम का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी।”
मंत्रालय ने आगे कहा, “जैसा कि हमने पहले भी लगातार जोर दिया है, चल रहे संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म करने के लिए तनाव कम करना, बातचीत और कूटनीति बेहद जरूरी है।”
ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर पड़ा था असर
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी कहा कि इस संघर्ष की वजह से लोगों को पहले ही भारी कष्ट झेलना पड़ा है। साथ ही वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नेटवर्क भी प्रभावित हुए हैं।
भारत ने उम्मीद जताई कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के रास्ते नौवहन की अबाधित स्वतंत्रता फिर से सुनिश्चित होगी और वैश्विक व्यापार सामान्य रूप से जारी रहेगा।
ईरान ने किया “ऐतिहासिक जीत” का दावा
सीजफायर के बाद पिछले एक महीने से अधिक समय से मिडिल ईस्ट में जारी तनाव थमता दिखाई दे रहा है। ईरान ने इस घटनाक्रम को अपनी “ऐतिहासिक जीत” बताया है।
तेहरान ने यह दावा उस समय किया जब डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी धमकी भरी स्ट्राइक से पीछे हटते हुए दो सप्ताह के सीजफायर पर सहमति जताई।
ईरान ने अपनी ओर से 10 सूत्रीय प्रस्ताव भी पेश किया है। तेहरान का कहना है कि वॉशिंगटन ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है।
अलग-अलग बयानों से बढ़ी भ्रम की स्थिति
हालांकि, ईरानी अधिकारियों के नाम से जारी कई बयान आपस में विरोधाभासी भी सामने आए हैं। ये बयान फ़ारसी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया में प्रकाशित हुए हैं।
कुछ बयानों में 10-सूत्रीय योजना की स्पष्ट रूपरेखा दी गई, जबकि अन्य में यूरेनियम संवर्धन सहित व्यापक राजनीतिक दावे किए गए।
ईरान के विदेश मंत्री ने दी प्रतिक्रिया
मंगलवार रात डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान के कुछ ही देर बाद, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान पर हमले बंद हो जाते हैं, तो तेहरान भी अपनी रक्षात्मक सैन्य कार्रवाई रोक देगा।
पश्चिम एशिया में फिलहाल तनाव कम, लेकिन स्थिति पर नजर
सीजफायर के बाद फिलहाल पश्चिम एशिया में तनाव कम होता दिख रहा है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लग सकता है। भारत समेत दुनिया के कई देशों ने उम्मीद जताई है कि यह युद्धविराम लंबे समय तक कायम रहेगा और क्षेत्र में स्थिरता लौटेगी।

