US Israel War against Iran: ईरान के लिए मंगलवार 7 अप्रैल का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से समझौते के लिए दी गई डेडलाइन खत्म हो रही है, तो दूसरी तरफ इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह अगले 12 घंटे में ईरान के ट्रेन नेटवर्क को निशाना बना सकता है।
इजरायली सेना ने ईरान के लोगों को ट्रेनों का इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी दी है। सेना ने कहा है कि ऐसा करने से लोगों की जान को खतरा हो सकता है।
सोशल मीडिया पर जारी की गई चेतावनी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इजरायली सेना के फारसी चैनल ने “ईरान देश में यूजर्स और ट्रेन यात्रियों के लिए तत्काल चेतावनी” नाम से पोस्ट जारी की।
इस पोस्ट में कहा गया, “प्रिय नागरिकों, आपकी सुरक्षा के लिए अनुरोध है कि अभी से रात 9 बजे ईरान समय तक पूरे देश में ट्रेन से यात्रा करने से बचें। ट्रेनों और रेलवे लाइनों के पास मौजूद रहना आपकी जान के लिए खतरा हो सकता है।”
इस चेतावनी के बाद ईरान में डर और तनाव का माहौल बन गया है।

1.4 करोड़ लोगों ने जंग के लिए किया वालंटियर
इस बीच ईरान के सरकारी टेलीविजन ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल के संभावित जमीनी हमले की स्थिति में 1.4 करोड़ लोगों ने देश के लिए लड़ने के लिए स्वेच्छा से नाम दिया है।
सरकारी मीडिया ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग खुद आगे आकर सेना के साथ लड़ने के लिए तैयार हैं। हालांकि इस दावे को लेकर कोई अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं की गई है।
पहले 70 लाख लोगों ने भी किया था दावा
इससे पहले 2 अप्रैल को ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर कालिबाफ ने दावा किया था कि 70 लाख लोगों ने जंग में शामिल होने के लिए स्वेच्छा से नाम दिया था।
अब सरकारी मीडिया का नया दावा इस संख्या को और ज्यादा दिखा रहा है, जिससे ईरान में युद्ध की तैयारियों का संकेत मिल रहा है।
9 करोड़ आबादी वाले देश में बढ़ा तनाव
ईरान की कुल आबादी करीब 9 करोड़ है। ऐसे में 1.4 करोड़ लोगों के वालंटियर बनने का दावा बड़ा माना जा रहा है।
इससे पहले जनवरी में देशभर में हुए प्रदर्शनों के दौरान सरकार ने सख्त कार्रवाई की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस दौरान कई लोग मारे गए और हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया था।
युद्ध के बीच बढ़ती जा रही बेचैनी
अमेरिका की डेडलाइन, इजरायल की चेतावनी और ईरान के युद्ध की तैयारी के दावों ने पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा दिया है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले 12 घंटे में हालात और बिगड़ते हैं या फिर बातचीत से समाधान निकलता है।
