Jharkhand High Court: हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में जेल में बंद IAS अधिकारी विनय चौबे ने झारखंड हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। इस याचिका पर शुक्रवार को न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने रखा पक्ष
सुनवाई के दौरान विनय चौबे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर. एस. मजूमदार ने अदालत में उनका पक्ष रखा। अदालत ने ACB से पूरे मामले में विस्तृत जवाब पेश करने को कहा है। अब अगली सुनवाई में अदालत इस मामले में आगे की कार्रवाई पर फैसला लेगी।
ACB पहले ही दाखिल कर चुकी है चार्जशीट
गौरतलब है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो इस मामले में पहले ही विनय चौबे के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। एजेंसी ने प्रारंभिक जांच पूरी करने के बाद रांची स्थित ACB थाने में कांड संख्या 11/2025 दर्ज किया था। जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज और गवाहों के बयान जुटाए गए हैं।
जमीन घोटाले में संलिप्तता का दावा
ACB की जांच में यह दावा किया गया है कि हजारीबाग की वन भूमि से जुड़े कथित जमीन घोटाले में विनय चौबे की भूमिका सामने आई है। एजेंसी के मुताबिक जमीन के अवैध हस्तांतरण और सौदे में कई लोगों की संलिप्तता पाई गई है।
कुल 73 लोगों को बनाया गया आरोपी
इस मामले में विनय चौबे के करीबी विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन अंचल अधिकारी शैलेश कुमार और ब्रोकर विजय सिंह समेत कुल 73 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।

