Jharkhand High Court : झारखंड हाईकोर्ट ने Satvat Infosol Private Limited को बड़ा झटका देते हुए उसकी सिविल रिव्यू याचिका दूसरी बार भी खारिज कर दी है। कंपनी ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ब्लैकलिस्ट किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी, लेकिन कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया।
पहले भी खारिज हो चुकी थी याचिका
इससे पहले कंपनी ने JSSC के फैसले के खिलाफ रिट याचिका दाखिल की थी, जिसे High Court ने खारिज कर दिया था। इसके बाद कंपनी ने सिविल रिव्यू दाखिल किया, वह भी खारिज हो गया। फिर कंपनी सुप्रीम कोर्ट पहुंची, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली और High Court में दोबारा रिव्यू दाखिल करने को कहा गया।
पेपर लीक मामले में हुई थी कार्रवाई
दरअसल JSSC ने कंपनी को CGL परीक्षा के पेपर लीक मामले में ब्लैकलिस्ट किया था। 25 अप्रैल 2024 के आदेश के तहत कंपनी को तीन साल के लिए डिबार कर दिया गया है। यानी इस अवधि में कंपनी किसी भी परीक्षा आयोजन से जुड़ा काम नहीं कर सकेगी।
कोर्ट ने JSSC के फैसले को सही ठहराया
High Court ने अपने फैसले में साफ कहा कि कंपनी इस मामले में संतोषजनक जवाब देने में असफल रही है। JSSC-CGL परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक होना गंभीर मामला है, इसलिए आयोग की कार्रवाई उचित है।
जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की कोर्ट में सुनवाई
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में हुई। JSSC की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल और राकेश रंजन ने पक्ष रखा।
तीन साल तक परीक्षा से बाहर रहेगी कंपनी
कोर्ट के फैसले के बाद अब साफ हो गया है कि सत्यवत Infosol Private Limited पर लगा तीन साल का प्रतिबंध जारी रहेगा। यह कार्रवाई पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में सख्त संदेश के तौर पर भी देखी जा रही है।

