Women Reservation Bill: जेडीयू नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर विपक्ष इस बिल का विरोध करेगा तो उसे भी लंबे समय तक राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। ललन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने भाषण में विपक्ष को पहले ही सचेत किया है। इसके बावजूद अगर विपक्ष नहीं मानता है तो उसका खामियाजा उसे बरसों तक भुगतना पड़ेगा।
पीएम के संकेत को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है
बिहार के मुंगेर से सांसद ललन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपने भाषण के दौरान महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर विपक्ष से समर्थन मांगा था। पीएम ने साफ कहा था कि अगर विपक्ष इस बिल का विरोध करता है तो इसका सीधा राजनीतिक फायदा उन्हें मिलेगा। ललन सिंह ने कहा कि विपक्ष को बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे देखने चाहिए। इससे उन्हें समझ आ जाएगा कि महिलाओं से जुड़े फैसलों का कितना बड़ा असर पड़ता है।
बिहार का उदाहरण देकर समझाया
ललन सिंह ने कहा कि पहले पंचायतों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू था। उन्होंने बताया कि 2005 में नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने और 2006 में उन्होंने महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने पंचायती राज व्यवस्था और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया। इसके अलावा जिला परिषद अध्यक्ष, सरपंच जैसे एकल पदों पर भी महिलाओं को आरक्षण दिया गया।
लालू यादव के विरोध का किया जिक्र
ललन सिंह ने कहा कि उस समय लालू प्रसाद यादव ने इस फैसले का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि लालू यादव ने नीतीश कुमार के इस फॉर्मूले का विरोध किया और आज तक उन्हें इसका नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में महिलाएं आज भी शत-प्रतिशत एनडीए के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के वोटिंग आंकड़े निकालकर देखिए, सब स्पष्ट हो जाएगा।
अखिलेश यादव को भी दी सलाह
ललन सिंह ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को अपना मित्र बताते हुए कहा कि वह इंडिया गठबंधन के चक्कर में न पड़ें। उन्होंने कहा कि कई नेता गठबंधन की राजनीति में गायब हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में 84 ऐसी सीटें थीं जहां पुरुषों की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक महिलाओं ने वोट डाला और वह वोट एनडीए के पक्ष में गया।
महिलाओं को मौका देने की अपील
ललन सिंह ने कहा कि 2023 से मातृत्व शक्ति मौका मिलने का इंतजार कर रही थी। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को मौका देने के लिए संविधान संशोधन विधेयक लाया तो विपक्ष विरोध में खड़ा हो गया। उन्होंने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि हठधर्मिता छोड़ दीजिए और इस बिल का समर्थन कीजिए। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष ने इसका विरोध किया तो उसे अगले 20 से 25 वर्षों तक इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, जैसा लालू प्रसाद यादव को 2005 से अब तक भुगतना पड़ रहा है।

