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हर दिन 350 बच्चे लापता, देश के लिए गंभीर चेतावनी

350 Children Go Missing Every Day : देश में बच्चों के लापता होने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जो समाज और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय है।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में भारत में 18 वर्ष से कम उम्र के कुल 1,27,874 बच्चे लापता हुए।

इसका मतलब है कि देश में औसतन हर दिन लगभग 350 बच्चे अपने घरों से गुम हो रहे हैं।

कुछ राहत, लेकिन चिंता अभी बाकी

इन डराने वाले आंकड़ों के बीच राहत की बात यह है कि वर्ष 2022 में 80,561 बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया। फिर भी, 47,313 बच्चे अब भी लापता हैं।

ये आंकड़े यह बताते हैं कि समस्या केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों परिवार आज भी अपने बच्चों की राह देख रहे हैं।

संक्षिप्त आंकड़े

कुल लापता बच्चे: 1,27,874

कुल बरामद बच्चे: 80,561

अब भी लापता: 47,313

इन राज्यों में सबसे ज्यादा बच्चे हुए लापता

NCRB के आंकड़ों के अनुसार, कुछ राज्यों में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले चुकी है।

पश्चिम बंगाल पहले स्थान पर है, जहां 19,540 बच्चे लापता हुए।

इसके बाद मध्यप्रदेश (15,087) और बिहार (12,600) का स्थान आता है।

अन्य राज्यों में दिल्ली (1,880), तमिलनाडु (8,876), ओडिशा (7,565), राजस्थान (7,412), उत्तर प्रदेश (5,924), महाराष्ट्र (5,393) और छत्तीसगढ़ (5,210) शामिल हैं।

झारखंड 20वें स्थान पर, फिर भी खतरा बरकरार

झारखंड की बात करें तो राज्य लापता बच्चों के मामलों में देश में 20वें स्थान पर है। यहां से 748 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 335 बच्चों को बरामद कर लिया गया है।

हालांकि संख्या अन्य राज्यों से कम है, लेकिन मानव तस्करी का खतरा यहां अब भी गंभीर बना हुआ है।

लड़कियां ज्यादा होती हैं शिकार

विशेषज्ञों के अनुसार, झारखंड के ग्रामीण इलाकों की लड़कियां अक्सर मानव तस्करी, घरेलू काम या झूठे रोजगार के वादों में फंस जाती हैं। कई मामलों में वे यौन शोषण और तस्करी का भी शिकार हो जाती हैं।

इस समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार और पुलिस द्वारा Operation Smile जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं।

इसके बावजूद, विशेषज्ञों का मानना है कि समाज की जागरूकता और परिवारों की सतर्कता के बिना इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह काबू पाना मुश्किल है।

दिशोम गुरु की जयंती पर सेवा और संवेदना का संदेश

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Dishom Guru’s Birth Anniversary: दिशोम गुरु शिबू सोरेन (Shibu Soren) की 82वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) और विधायक कल्पना सोरेन रांची के चेशायर होम रोड स्थित Cheshire Home पहुंचे।

यहां उन्होंने दिव्यांग बच्चों के साथ समय बिताया, उनसे सरल और आत्मीय बातचीत की तथा उनका मनोबल बढ़ाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों के बीच कंबल सहित जरूरी सामग्री का वितरण भी किया।

गुरुजी के विचार आज भी दिखाते हैं राह

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह पहली बार है जब दिशोम गुरु Shibu Soren की जयंती उनके बिना मनाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि गुरुजी का पूरा जीवन संघर्ष, त्याग और बलिदान का प्रतीक रहा है। अलग राज्य के सपने को साकार करने में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

वे हमेशा कमजोर, पिछड़े और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए काम करते रहे और उनके विचार आज भी सभी को दिशा देते हैं।

चेशायर होम से पुराना भावनात्मक जुड़ाव

मुख्यमंत्री ने चेशायर होम के साथ अपने भावनात्मक रिश्ते का जिक्र करते हुए बताया कि वे पहले भी कई बार यहां आते रहे हैं। उन्होंने संस्था की साफ-सुथरी व्यवस्था और यहां काम करने वाले सदस्यों के समर्पण की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के दिव्यांग बच्चों में गजब की प्रतिभा, आत्मविश्वास और अंदरूनी ताकत है, जो किसी से कम नहीं है।

सरकार देगी हरसंभव सहयोग

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार चेशायर होम को हर संभव सहायता देती रहेगी।

उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए लगातार सार्थक कदम उठा रही है। अंत में उन्होंने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विधायक कल्पना सोरेन ने भी बढ़ाया हौसला

कार्यक्रम में विधायक Kalpana Soren ने भी बच्चों से बातचीत की और संस्था द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान समाज के लिए प्रेरणा हैं और जरूरतमंदों को नया आत्मविश्वास देते हैं।

दिशोम गुरु को नमन, शिबू सोरेन की 82वीं जयंती पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि

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Salutations to Dishom Guru : आदिवासी अस्मिता और झारखंड आंदोलन के प्रमुख प्रतीक दिशोम गुरु शिबू सोरेन (Shibu Soren) की 82वीं जयंती के अवसर पर राजधानी रांची में श्रद्धा और सम्मान का माहौल देखने को मिला।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) मोरहाबादी स्थित गुरुजी के पूर्व आवास पहुंचे और उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री ने गुरुजी के संघर्षपूर्ण जीवन और उनके ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

परिवार और नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ उनकी माता रूपी सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

श्रद्धांजलि सभा में मंत्री हफीजुल हसन, सुदिव्य कुमार, राज्यसभा सांसद जोबा माजी, झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता विनोद पांडे और सुप्रियो भट्टाचार्य सहित कई जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने गुरुजी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर सम्मान व्यक्त किया।

गुरुजी के संघर्ष और विचारों को किया गया याद

इस अवसर पर उपस्थित नेताओं ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जीवन संघर्ष और उनके विचारों को याद किया।

उन्होंने कहा कि गुरुजी ने हमेशा आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान और न्याय के लिए आवाज उठाई। उनका पूरा जीवन झारखंड राज्य के निर्माण और समाज के कमजोर वर्गों को मजबूत करने में लगा रहा।

झारखंड के विकास और सामाजिक न्याय का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गुरुजी के दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।

सभी ने झारखंड के सर्वांगीण विकास, सामाजिक न्याय और आदिवासी हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम करने की बात कही। यह आयोजन सादगी और सम्मान से भरा रहा, जिसने युवाओं और आम लोगों को भी प्रेरित किया।

धुर्वा से लापता अंश-अंशिका की तलाश तेज, रांची पुलिस ने इनाम बढ़ाकर किया दो लाख

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Ranchi : राजधानी रांची के धुर्वा इलाके से लापता हुए मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका की तलाश लगातार तेज होती जा रही है। बच्चों को सुरक्षित ढूंढ निकालने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। इसी कड़ी में रांची पुलिस ने बड़ा फैसला लेते हुए बच्चों के बारे में सही सूचना देने वाले व्यक्ति को दिए जाने वाले इनाम की राशि 50 हजार रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी डर के आगे आकर मदद कर सकें।

पुलिस ने बढ़ाया जांच का दायरा

जानकारी के अनुसार, 2 जनवरी को धुर्वा थाना क्षेत्र के मल्हार कोचा इलाके से अंश और अंशिका अचानक लापता हो गए थे। घटना के बाद से ही रांची पुलिस हाई अलर्ट पर है। बच्चों का कोई सुराग न मिलने पर पुलिस ने जांच का दायरा और व्यापक कर दिया है। अब तक 5000 से अधिक मोबाइल नंबरों की जांच की जा चुकी है, जबकि करीब 2000 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

दिशोम गुरु की जयंती पर सेवा और संवेदना का संदेश

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Ranchi: दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन रांची के चेशायर होम रोड स्थित Cheshire Home पहुंचे। यहां उन्होंने दिव्यांग बच्चों के साथ समय बिताया, उनसे सरल और आत्मीय बातचीत की तथा उनका मनोबल बढ़ाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों के बीच कंबल सहित जरूरी सामग्री का वितरण भी किया।

गुरुजी के विचार आज भी दिखाते हैं राह

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह पहली बार है जब दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जयंती उनके बिना मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि गुरुजी का पूरा जीवन संघर्ष, त्याग और बलिदान का प्रतीक रहा है। अलग राज्य के सपने को साकार करने में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। वे हमेशा कमजोर, पिछड़े और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए काम करते रहे और उनके विचार आज भी सभी को दिशा देते हैं।

चेशायर होम से पुराना भावनात्मक जुड़ाव

मुख्यमंत्री ने चेशायर होम के साथ अपने भावनात्मक रिश्ते का जिक्र करते हुए बताया कि वे पहले भी कई बार यहां आते रहे हैं। उन्होंने संस्था की साफ-सुथरी व्यवस्था और यहां काम करने वाले सदस्यों के समर्पण की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के दिव्यांग बच्चों में गजब की प्रतिभा, आत्मविश्वास और अंदरूनी ताकत है, जो किसी से कम नहीं है।

सरकार देगी हरसंभव सहयोग

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार चेशायर होम को हर संभव सहायता देती रहेगी। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए लगातार सार्थक कदम उठा रही है। अंत में उन्होंने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विधायक कल्पना सोरेन ने भी बढ़ाया हौसला

कार्यक्रम में विधायक कल्पना सोरेन ने भी बच्चों से बातचीत की और संस्था द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान समाज के लिए प्रेरणा हैं और जरूरतमंदों को नया आत्मविश्वास देते हैं।

दिशोम गुरु को नमन , शिबू सोरेन की 82वीं जयंती पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि

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रांची : आदिवासी अस्मिता और झारखंड आंदोलन के प्रमुख प्रतीक दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती के अवसर पर राजधानी रांची में श्रद्धा और सम्मान का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मोरहाबादी स्थित गुरुजी के पूर्व आवास पहुंचे और उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने गुरुजी के संघर्षपूर्ण जीवन और उनके ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

परिवार और नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ उनकी माता रूपी सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। श्रद्धांजलि सभा में मंत्री हफीजुल हसन, सुदिव्य कुमार, राज्यसभा सांसद जोबा माजी, झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता विनोद पांडे और सुप्रियो भट्टाचार्य सहित कई जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने गुरुजी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर सम्मान व्यक्त किया।

गुरुजी के संघर्ष और विचारों को किया गया याद

इस अवसर पर उपस्थित नेताओं ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जीवन संघर्ष और उनके विचारों को याद किया। उन्होंने कहा कि गुरुजी ने हमेशा आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान और न्याय के लिए आवाज उठाई। उनका पूरा जीवन झारखंड राज्य के निर्माण और समाज के कमजोर वर्गों को मजबूत करने में लगा रहा।

झारखंड के विकास और सामाजिक न्याय का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गुरुजी के दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। सभी ने झारखंड के सर्वांगीण विकास, सामाजिक न्याय और आदिवासी हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम करने की बात कही। यह आयोजन सादगी और सम्मान से भरा रहा, जिसने युवाओं और आम लोगों को भी प्रेरित किया।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में टुसु मिलन समारोह का आयोजन, संस्कृति से जुड़ने का संदेश

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Organising Tusu Milan function : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के मोरहाबादी परिसर (Morabadi Campus) में एक दिवसीय ‘टुसु मिलन समारोह अखड़ा’ का आयोजन बड़े ही पारंपरिक और उत्साहपूर्ण माहौल में किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को झारखंड की लोक-संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना था।

कार्यक्रम की शुरुआत टुसु स्वरूप चैड़ल के स्वागत और स्थापना से हुई, जिसे पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न किया गया।

पारंपरिक विधि से हुआ टुसु स्वरूप का स्वागत

समारोह के दौरान एक भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई। यह यात्रा कुड़माली विभाग से प्रारंभ होकर विश्वविद्यालय परिसर से बाहर तक गई। शोभायात्रा में पारंपरिक वेशभूषा, लोक-संगीत और उत्साह देखते ही बन रहा था।

इसके बाद टुसु स्वरूप चैड़ल पर अतिथियों द्वारा पुष्पार्पण और चुमावन किया गया, जिससे पूरा वातावरण सांस्कृतिक रंग में रंग गया।

टुसु पर्व कृषि सभ्यता का प्रतीक

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलसचिव Dr. Dhananjay Vasudev Dwivediउपस्थित रहे।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि टुसु धान का स्वरूप है, और यह पर्व सीधे तौर पर कृषि से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने बताया कि टुसु पर्व हमारी कृषि सभ्यता और उसके विकास का प्रतीक है, जो हमें मेहनत, प्रकृति और परंपरा का महत्व समझाता है।

संस्कृति से जुड़े रहने का अवसर

वहीं, परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुचि संतोष बरवार ने कहा कि ऐसे पर्व पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहने का अवसर देते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ लोक-संस्कृति का संरक्षण बेहद जरूरी है।

कड़ाके की ठंड से राहत नहीं: रांची में 9 और 10 जनवरी तक स्कूल बंद

झारखंड की विशिष्ट पहचान है टुसु पर्व

हिंदी विभाग (Hindi Department) के विभागाध्यक्ष डॉ. जिंदर सिंह मुंडा ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि झारखंड को “12 महीने में 13 पर्व” की भूमि कहा जाता है।

टुसु पर्व यहां की भाषा, संस्कृति और सभ्यता की एक खास पहचान है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए। पूरे आयोजन में उत्साह, परंपरा और सांस्कृतिक एकता की झलक साफ नजर आई।

झारखंड सरकार पर आजसू का जोरदार हमला, हर मोर्चे पर विफल बताया

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AJSU strongly Attacks Jharkhand Government : झारखंड की वर्तमान सरकार को लेकर आजसू पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। AJSU पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो (Sudesh Mahato) ने कहा कि राज्य की मौजूदा सरकार पूरी तरह असफल साबित हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी हैं और युवाओं से किए गए वादे पूरे नहीं हुए हैं।

सरकार के पास न समाधान, न रोडमैप

सुदेश महतो बुढ़मू के तिरु फॉल में आयोजित आजसू पार्टी के कांके विधानसभा स्तरीय सम्मेलन और मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि नौकरी, नियोजन, पलायन और कानून-व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर सरकार कोई ठोस समाधान नहीं दे पाई है।

लाखों खाली पदों पर पारदर्शी नियुक्ति के लिए सरकार के पास कोई स्पष्ट योजना नहीं है, जिससे युवाओं का भविष्य अंधकार में चला गया है।

युवाओं और छात्रों की अनदेखी का आरोप

उन्होंने आगे कहा कि विस्थापन, पुनर्वास और छात्रवृत्ति जैसे गंभीर मुद्दों पर भी सरकार उदासीन बनी हुई है।

अंचल कार्यालय से लेकर पुलिस थानों तक प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हो गई है और अवैध व अनैतिक गतिविधियां आम बात हो गई हैं। नौकरशाही की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई।

आंदोलन को तेज करने का ऐलान

Sudesh Mahato ने साफ कहा कि AJSU पार्टी खेत-खलिहान से लेकर सरकारी दफ्तरों तक जनता की आवाज उठाएगी और हर मुद्दे पर संघर्ष करेगी।

संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने की तैयारी

इस मौके पर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने बताया कि AJSU पार्टी बूथ स्तर पर वैचारिक कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम तैयार कर रही है। राज्य की सभी 81 विधानसभा सीटों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके।

भ्रष्टाचार और तस्करी के गंभीर आरोप

पार्टी के महासचिव और हजारीबाग लोकसभा (Hazaribagh Lok Sabha) के पूर्व प्रत्याशी संजय मेहता ने कहा कि मौजूदा सरकार के पास न विजन है और न ही कोई ठोस रोडमैप। हर जिले में भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी संरक्षण में कोयला और बालू की तस्करी हो रही है।

छात्रवृत्ति और रोजगार पर सवाल

संजय मेहता ने बताया कि पिछले दो वर्षों से आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिली है, जिससे गरीब परिवारों के छात्र पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। 10 लाख नौकरियों का वादा भी खोखला साबित हुआ है।

सरकार को बताया हर मोर्चे पर विफल

उन्होंने कहा कि विस्थापन, नियोजन और मुआवजे की समस्याएं जस की तस हैं। आउटसोर्सिंग और निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत आरक्षण तथा OBC को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के वादे भी पूरे नहीं हुए। ऐसे में आजसू पार्टी झारखंड को बचाने की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ेगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सत्यनारायण मुंडा ने की। समापन ‘जय आजसू’ और ‘झारखंड हित’ के नारों के साथ उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ।

डबल इंजन सरकार पर राहुल गांधी का तीखा हमला

Rahul Gandhi’s Scathing Attack on the Double Engine Government: लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला।

उन्होंने BJP को “भ्रष्ट जनता पार्टी” बताते हुए कहा कि कई राज्यों में चल रही Double Engine सरकारों ने भ्रष्टाचार, सत्ता के दुरुपयोग और अहंकार के कारण आम लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है।

BJP सरकारों पर गंभीर आरोप

राहुल गांधी ने कहा कि BJP की Double Engine सरकारें विकास का दावा करती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।

उनके अनुसार, इन सरकारों की नीतियों का फायदा सिर्फ अमीरों और अरबपतियों को मिल रहा है, जबकि आम जनता परेशानियों से जूझ रही है।

उन्होंने कहा कि आम भारतीयों के लिए यह Double Engine नहीं, बल्कि “भ्रष्टाचार का इंजन” बन गया है।

X पर पोस्ट के जरिए हमला

राहुल गांधी ने Social Media Platform X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि देशभर में भाजपा की डबल इंजन सरकारों ने लोगों की जिंदगियों को बर्बाद कर दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि BJP की राजनीति में ऊपर से लेकर नीचे तक भ्रष्टाचार, सत्ता का दुरुपयोग और अहंकार फैल चुका है।

गरीब और मध्यम वर्ग की अनदेखी

उन्होंने कहा कि BJP के सिस्टम में गरीब, मजदूर, असहाय और मध्यम वर्ग सिर्फ आंकड़ों तक सीमित रह गए हैं। विकास के नाम पर जबरन वसूली और अवैध कमाई का एक पूरा तंत्र खड़ा कर दिया गया है, जिसका बोझ आम जनता पर पड़ रहा है।

अंकिता भंडारी और उन्नाव मामले का जिक्र

राहुल गांधी ने उत्तराखंड में अंकिता भंडारी की हत्या का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि आखिर भाजपा किस वीआईपी को बचाने की कोशिश कर रही है।

वहीं, उत्तर प्रदेश के उन्नाव दुष्कर्म मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश ने देखा कि कैसे सत्ता के अहंकार में अपराधियों को संरक्षण मिला और पीड़िता को न्याय पाने के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ी।

दूषित पानी और बढ़ती बीमारियां

उन्होंने Indore में दूषित पानी पीने से हुई मौतों का हवाला देते हुए कहा कि गुजरात, हरियाणा और दिल्ली से भी गंदे पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं।

राहुल गांधी के अनुसार, आज हर जगह बीमारी का डर बना हुआ है।

पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की लूट

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अरावली पर्वतमाला सहित कई प्राकृतिक क्षेत्रों में अरबपतियों के लालच के कारण नियमों को तोड़ा जा रहा है।

पहाड़ काटे जा रहे हैं, जंगल नष्ट हो रहे हैं और जनता को बदले में प्रदूषण, धूल और आपदाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि Narendra Modi की डबल इंजन सरकार का सच अब देश के सामने है।

ईरान में उग्र आंदोलन, 20 प्रांतों में विद्रोह, हालात बेकाबू

Violent Protests in Iran: ईरान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। देश के सर्वोच्च शासक Ayatollah Ali Khamenei को सत्ता से हटाने की मांग को लेकर 20 प्रांतों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है।

यह आंदोलन पिछले 14 दिनों से जारी है और अब हिंसक रूप ले चुका है।

रियाल की गिरावट से भड़का गुस्सा

यह विरोध 29 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ, जब ईरानी मुद्रा रियाल की कीमत में भारी गिरावट आई। सबसे पहले व्यापारियों ने तेहरान में प्रदर्शन किया।

बाद में Tehran University के छात्र भी आंदोलन में शामिल हो गए। धीरे-धीरे यह आंदोलन पूरे ईरान में फैल गया।

110 से ज्यादा शहरों में प्रदर्शन

मिली जानकारी के अनुसार देश के 110 से अधिक शहरों में बड़े स्तर पर प्रदर्शन हो रहे हैं। अब तक 400 से ज्यादा जगहों पर लोग सड़कों पर उतर चुके हैं।

हालात इतने खराब हो गए हैं कि कई इलाकों में प्रशासन का नियंत्रण कमजोर पड़ गया है।

सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान

हिंसक प्रदर्शन के दौरान अस्पतालों में तोड़फोड़ की गई है। 26 बैंकों में लूट की घटनाएं सामने आई हैं।

प्रदर्शनकारियों ने 25 मस्जिदों में आग लगा दी और 10 सरकारी इमारतों को जला दिया। इसके अलावा 24 से अधिक अपार्टमेंट को नुकसान पहुंचा है।

दमकल और बसों को भी नहीं छोड़ा

आगजनी की घटनाओं में 48 दमकल वाहनों और 42 बसों को जला दिया गया है। कई सड़कों पर आग लगाकर रास्ते बंद कर दिए गए। कॉलेज और University बंद कर दी गई हैं और देश के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं रोक दी गई हैं।

झड़पों में सैकड़ों की मौत

सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़पों में सिर्फ तेहरान में 217 लोगों की मौत की खबर है। सेना के 14 जवान भी मारे गए हैं। पुलिस ने अब तक करीब 2300 लोगों को हिरासत में लिया है।

कई बड़े शहरों में हिंसा

शुक्रवार रात को हालात और ज्यादा खराब हो गए। तेहरान के अलावा मशहद, कोम, इस्फ़हान, मशिरियेह, कजविन, बुशहर और वज्द जैसे शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए।

मेयर ने नुकसान की पुष्टि की

तेहरान के मेयर अलीरेज़ा ज़कानी ने सरकारी टीवी पर बताया कि शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि दो Medical Center और 26 बैंक लूटे गए हैं।

साथ ही 25 मस्जिदों को आग के हवाले किया गया है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की मिलिशिया बसीज के हेडक्वार्टर पर भी हमला हुआ है।

आर्थिक आंदोलन बना सत्ता विरोध

शुरुआत में यह आंदोलन महंगाई, बेरोजगारी और मुद्रा की गिरावट के खिलाफ था, लेकिन अब यह सीधे सत्ता और धार्मिक नेतृत्व के विरोध में बदल चुका है।