Home Blog Page 18

तुर्कमान गेट पर बड़ा बुलडोजर एक्शन, फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास से हटाया गया अतिक्रमण

Major Bulldozer action at Turkman Gate : दिल्ली के पुरानी दिल्ली इलाके में स्थित तुर्कमान गेट (Turkman Gate) के पास बुधवार तड़के एक बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान (Remove Encroachment Campaign) चलाया गया।

यह कार्रवाई सदी पुरानी फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास की गई। अभियान को दिल्ली नगर निगम (MCD) ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के आदेश के बाद अंजाम दिया।

रात 1 बजे शुरू हुआ अभियान

MCD ने यह कार्रवाई रात करीब 1 बजे शुरू की। अतिक्रमण हटाने के लिए 17 से 32 Bulldozer लगाए गए। इस दौरान बारात घर, एक डायग्नोस्टिक सेंटर, कई दुकानें और अन्य अवैध ढांचे तोड़े गए।

अधिकारियों के अनुसार करीब 4000 वर्ग मीटर से ज्यादा जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। मलबा हटाने के लिए लगभग 200 ट्रकों का इस्तेमाल किया गया।

पुलिस बल की कड़ी तैनाती

कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल मौजूद रहा। सुरक्षा के लिए अतिरिक्त जवान तैनात किए गए थे ताकि किसी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न हो।

हालांकि, विरोध के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस और एमसीडी की टीम पर पथराव किया। इस घटना में 5 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए।

हंगामे पर पुलिस की कार्रवाई

स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।

पुलिस ने इलाके में लगे CCTV कैमरों और बॉडी कैमरों की Recording के आधार पर उपद्रव करने वालों की पहचान शुरू कर दी है। कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।

हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई

यह पूरा मामला नवंबर 2025 में आए हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच के आदेश से जुड़ा है।

कोर्ट ने तुर्कमान गेट के पास रामलीला मैदान क्षेत्र में करीब 38,940 वर्ग फुट जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए MCD और PWD को तीन महीने का समय दिया था।

दिसंबर 2025 में MCD ने साफ किया था कि मस्जिद के लिए तय 0.195 एकड़ से ज्यादा बनी कोई भी संरचना अवैध है।

मस्जिद को नहीं पहुंचा नुकसान

अधिकारियों ने बताया कि मस्जिद की मुख्य इमारत को कोई नुकसान नहीं हुआ है। केवल उसके आसपास बने अवैध निर्माण ही हटाए गए हैं।

इलाके में फिलहाल शांति बनी हुई है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

अंबरनाथ में सियासी उलटफेर: BJP ने कांग्रेस–NCP के साथ मिलकर शिवसेना को सत्ता से बाहर किया

Political Upheaval in Ambernath : ठाणे जिले के अंबरनाथ नगर परिषद में महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ा एक बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है।

यहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने ही राज्य स्तरीय सहयोगी शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) को सत्ता से बाहर करने के लिए कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के साथ हाथ मिला लिया है। इस नए गठबंधन को “अंबरनाथ विकास अघाड़ी” नाम दिया गया है।

चुनाव नतीजे और सत्ता का गणित

अंबरनाथ नगर परिषद में कुल 59 सीटें हैं। चुनाव में शिवसेना (शिंदे गुट) ने 27 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया था।

BJP को 14, कांग्रेस को 12, NCP (अजित पवार) को 4 सीटें मिलीं, जबकि 2 सीटें निर्दलीयों के खाते में गईं। इसके बावजूद शिवसेना बहुमत से कुछ सीटें पीछे रह गई।

नगराध्यक्ष का चुनाव (Election) सीधे जनता द्वारा किया गया था, जिसमें BJP की तेजश्री करंजुले पाटिल ने शिवसेना उम्मीदवार को हराया। लेकिन परिषद में सत्ता बनाने के लिए पार्षदों का बहुमत जरूरी था।

पोस्ट-इलेक्शन गठबंधन बना खेल पलटने की वजह

BJP ने कांग्रेस और NCP (अजित पवार गुट) के समर्थन से 32 पार्षदों का बहुमत जुटा लिया। इस तरह 27 सीटों वाली शिवसेना को विपक्ष में बैठना पड़ा। BJP पार्षद अभिजीत करंजुले पाटिल को अंबरनाथ विकास अघाड़ी का ग्रुप लीडर बनाया गया है।

BJP का तर्क, शिवसेना का हमला

BJP नेताओं का कहना है कि शिवसेना (Shiv Sena) ने पहले गठबंधन के प्रस्तावों को नजरअंदाज किया और उसके लंबे शासन में भ्रष्टाचार व दबाव की राजनीति रही।

वहीं शिवसेना ने इसे “अनैतिक और अवसरवादी गठबंधन” बताया। विधायक बालाजी किनीकर ने BJP की कांग्रेस के साथ दोस्ती पर सवाल उठाए, जबकि सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि इस फैसले का जवाब BJP को ही देना चाहिए।

राजनीति का बड़ा संकेत

यह घटनाक्रम महायुति में संभावित दरार की ओर इशारा करता है।

आने वाले बड़े नगर निगम चुनावों, खासकर BMC चुनाव से पहले, यह बदलाव महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ रहा है। यह साफ दिखाता है कि स्थानीय राजनीति में सत्ता के लिए समीकरण कभी भी बदल सकते हैं।

वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज पर बड़ा फैसला, NMC ने MBBS कोर्स की अनुमति ली वापस

Big decision on Vaishno Devi Medical College : जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (SMVDIME) को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है।

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने कॉलेज में पाई गई गंभीर कमियों के कारण MBBS कोर्स चलाने की अनुमति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है।

यह निर्णय छात्रों, अभिभावकों और राज्य की मेडिकल शिक्षा व्यवस्था के लिए अहम माना जा रहा है।

सरप्राइज निरीक्षण में सामने आईं गंभीर कमियां

NMC की मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने 2 जनवरी 2026 को कॉलेज का औचक निरीक्षण किया था।

निरीक्षण रिपोर्ट में कई बड़ी खामियां उजागर हुईं। कॉलेज में फैकल्टी की करीब 39 प्रतिशत कमी पाई गई, जबकि Resident Doctors की संख्या तय मानकों से 65 प्रतिशत कम थी।

इसके अलावा OPD में मरीजों की संख्या भी बेहद कम रही। जहां रोजाना 400 मरीजों की अपेक्षा थी, वहां केवल 182 मरीज ही पहुंचे।

अस्पताल में बेड ऑक्यूपेंसी भी सिर्फ 45 प्रतिशत रही, जबकि मानक 80 प्रतिशत का है। इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लिनिकल सुविधाओं में भी गंभीर कमी बताई गई।

धार्मिक विवाद भी आया सामने

यह कॉलेज श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा संचालित है और श्रद्धालुओं के चढ़ावे से फंडेड है। 2025-26 सत्र की पहली MBBS बैच (50 सीटें) में NEET मेरिट के आधार पर 42 मुस्लिम, 7 हिंदू और 1 सिख छात्र का चयन हुआ था।

इस पर जम्मू में कुछ हिंदू संगठनों ने विरोध किया और कॉलेज में हिंदू छात्रों को प्राथमिकता देने की मांग उठाई।

छात्रों को राहत, सीट नहीं जाएगी

NMC ने साफ किया है कि किसी भी छात्र की सीट नहीं जाएगी। सभी 50 छात्रों को जम्मू-कश्मीर के अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में Supernumerary Seats पर एडजस्ट किया जाएगा।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने भी कहा कि एडमिशन मेरिट के आधार पर होता है, धर्म के आधार पर नहीं।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आगे की राह

BJP ने NMC के फैसले का स्वागत करते हुए इसे “Quality Over Quantity” बताया। वहीं कुछ विपक्षी दलों ने इसे धार्मिक भेदभाव से जोड़कर देखा। फिलहाल कॉलेज भविष्य में कमियों को दूर कर दोबारा अनुमति के लिए आवेदन कर सकता है।

रांची में महिला हीरो हॉकी इंडिया लीग का फाइनल 10 जनवरी को, CM हेमंत सोरेन रहेंगे मौजूद

0

Women’s Hero Hockey India League Final in Ranchi: महिला हीरो हॉकी इंडिया लीग (HIL) का बहुप्रतीक्षित फाइनल मुकाबला 10 जनवरी को रांची में खेला जाएगा। यह रोमांचक मुकाबला मरांग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम (Jaipal Singh Astroturf Hockey Stadium) में आयोजित होगा।

फाइनल मैच को खास बनाने के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएंगे।

कई खास मेहमान रहेंगे उपस्थित

इस बड़े खेल आयोजन में झारखंड सरकार के पर्यटन, कला-संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ International Hockey Federation (FIH) के अध्यक्ष दातो तैय्यब इकराम भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।

वहीं, विधायक कल्पना सोरेन सम्मानित अतिथि के रूप में इस आयोजन में शिरकत करेंगी।

SG पाइपर्स बनाम बंगाल टाइगर्स

महिला हीरो हॉकी इंडिया लीग का फाइनल मुकाबला SG Pipers और Shrachi Bengal Tigers के बीच खेला जाएगा।

दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है और अब खिताब जीतने के लिए आमने-सामने होंगी। दर्शकों को एक कड़ा और रोमांचक मुकाबला देखने को मिलने की उम्मीद है।

महिला हॉकी को मिलेगा नया बल

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और Hero Hockey India League की गवर्निंग कमेटी के चेयरपर्सन डॉ. दिलीप तिर्की ने कहा कि इतने बड़े और सम्मानित अतिथियों की मौजूदगी से यह साफ होता है कि सरकार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिला हॉकी को पूरा समर्थन मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि इससे महिला हॉकी को और मजबूती मिलेगी। वहीं, हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने बताया कि यह लीग युवा और प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का बेहतरीन अवसर दे रही है।

9 जनवरी को होगी झारखंड कैबिनेट की अहम बैठक

0

Jharkhand Cabinet’s Important Meeting : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक 9 जनवरी को आयोजित की जाएगी।

इस बैठक की जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) की ओर से दी गई है। बैठक शाम 4 बजे से शुरू होगी और इसका आयोजन प्रोजेक्ट भवन में किया जाएगा।

माना जा रहा है कि यह बैठक राज्य के विकास से जुड़े कई अहम फैसलों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

कई विभागों के प्रस्तावों पर हो सकता है फैसला

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस कैबिनेट बैठक में ऊर्जा विभाग, पथ निर्माण विभाग और कृषि विभाग (Agriculture Department) से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है।

अगर ऐसा होता है, तो इसका सीधा असर राज्य की बुनियादी सुविधाओं और किसानों से जुड़ी योजनाओं पर पड़ सकता है।

बैठक में विकास योजनाओं की प्रगति, नई योजनाओं की स्वीकृति और लंबित मामलों पर भी विचार किया जा सकता है।

छात्र दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे रोजगार, सड़क, बिजली और खेती से जुड़े मुद्दों पर आगे की दिशा तय हो सकती है। राज्य सरकार के आगामी फैसलों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

राष्ट्रीय युवा उत्सव 2026, राज्यपाल संतोष गंगवार ने युवाओं में भरा आत्मविश्वास

National Youth Festival 2026 : झारखंड के संतोष कुमार गंगवार ने बुधवार को लोक भवन में ‘राष्ट्रीय युवा उत्सव–2026’ के लिए चुने गए राज्य के प्रतिभागियों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने युवाओं (Youth) से खुलकर बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया.

राज्यपाल ने कहा कि ये सभी युवा सिर्फ अपनी व्यक्तिगत पहचान नहीं, बल्कि पूरे झारखंड की प्रतिभा, संस्कृति और आत्मविश्वास का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं. कई स्तरों की चयन प्रक्रिया पार कर यहां तक पहुंचना उनकी मेहनत, अनुशासन और लगन को दिखाता है.

चयन अपने-आप में बड़ी उपलब्धि

राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय युवा उत्सव (National Youth Festival) केवल एक प्रतियोगिता नहीं है. यह ऐसा मंच है, जहां देशभर के युवा एक-दूसरे के विचारों को समझते हैं और भारत की विविधता को करीब से जानते हैं.

यहां आकर युवाओं को सीखने, सोचने और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है. उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध विचार “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए” का उल्लेख करते हुए कहा कि यही इस उत्सव की असली भावना है.

विकसित भारत 2047 में युवाओं की भूमिका

राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना तभी पूरा हो सकता है, जब युवा सकारात्मक सोच, मजबूत संकल्प और सही कर्म के साथ आगे बढ़ें. उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को हमेशा प्राथमिकता देने की अपील की.

झारखंड के युवा बनेंगे राज्य के एंबेसडर

उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि राष्ट्रीय मंच पर वे झारखंड के युवा Ambassador होंगे. उनका व्यवहार, भाषा और आचरण पूरे राज्य की छवि को दिखाएगा.

आत्मविश्वास के साथ-साथ विनम्रता और अनुशासन बनाए रखने पर उन्होंने विशेष जोर दिया.

राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि सभी प्रतिभागी शानदार प्रदर्शन कर झारखंड को गौरवान्वित करेंगे. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जीतकर लौटने पर लोक भवन में उनका फिर से स्वागत किया जाएगा.

34वें राष्ट्रीय खेल घोटाला मामला, CBI जांच पर उठे सवाल, कोर्ट में हुई अहम सुनवाई

34th National Games Scam Case: 34वें राष्ट्रीय खेल घोटाला मामले में बुधवार को रांची स्थित CBI के विशेष न्यायालय में सुनवाई हुई। यह सुनवाई विशेष जज योगेश कुमार की अदालत में हुई।

पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपी पंकज यादव के वकील को अंतिम अवसर देते हुए Affidavit के माध्यम से अपना पक्ष रखने को कहा था।

साथ ही कोर्ट यह भी जानना चाहती थी कि इस मामले में किन-किन आरोपियों पर आरोप तय किए जा रहे हैं।

जांच में गंभीर लापरवाही का आरोप

इस सुनवाई में शिकायतकर्ता की ओर से CBI द्वारा दाखिल Closure Report को चुनौती दी गई। एफिडेविट में कहा गया कि CBI ने दोबारा जांच में भी गंभीर लापरवाही बरती है।

आरोप है कि पहले वाले जांच अधिकारी को ही फिर से जांच सौंप दी गई। इसके अलावा, Sports Mega Complex बनाने वाली उस कंपनी से कोई पूछताछ नहीं की गई, जिसका अब कोई अस्तित्व ही नहीं है।

शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले तत्कालीन मंत्री सुदेश महतो, उनके साथ विदेश यात्रा पर गए तत्कालीन आप्त सचिव गोपाल जी तिवारी और अन्य संबंधित अधिकारियों से भी पूछताछ नहीं हुई।

इतना ही नहीं, पांच गुना ज्यादा दाम पर सामान खरीदने के आरोप वाले पूर्व डीजीपी से भी कोई सवाल नहीं किया गया।

CBI की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

पंकज यादव ने कोर्ट में कहा कि मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण से लेकर खेल आयोजन के लिए खरीदे गए उपकरणों तक में भारी अनियमितता हुई। जहां 240 करोड़ रुपये के खेल आयोजन को बढ़ाकर 434 करोड़ रुपये में कराया गया।

टेंडर प्रक्रिया, खरीद और बाद में मेंटेनेंस तक हर स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ।

उन्होंने यह भी कहा कि Jharkhand Vigilance ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, लेकिन CBI को जांच में कुछ भी न मिलना बेहद चौंकाने वाला है। अब कोर्ट इस मामले में आगे के कदम पर विचार कर रही है।

विनय चौबे पर ACB की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का खुलासा

0

Money Laundering Network Exposed : एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच में जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे (Vinay Chaubey) से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।

पहले यह मामला आय से अधिक संपत्ति तक सीमित था, लेकिन अब जांच में एक बड़े और सुनियोजित Money Laundering नेटवर्क के संकेत मिले हैं।

ACB का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन खुद विनय चौबे कर रहे थे।

जांच का दायरा बढ़ा, रांची तक पहुंची ACB

ACB की जांच में सामने आया है कि भ्रष्टाचार से कमाए गए पैसों को एक ही जगह रखने के बजाय अलग-अलग शहरों और राज्यों में निवेश किया गया।

पहले हरियाणा के गुरुग्राम में तीन महंगी संपत्तियों का पता चला था, इसके बाद अब जांच की दिशा झारखंड की राजधानी रांची की ओर मुड़ गई है।

ताजा कार्रवाई में ACB ने रांची के पॉश इलाकों में स्थित दो अहम संपत्तियों को चिन्हित किया है।

इनमें हरि ओम टावर के पास स्थित एक कीमती जमीन और वर्धमान कंपाउंड में मौजूद एक लग्जरी 3BHK फ्लैट शामिल है। इन दोनों की बाजार कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।

साले के नाम पर दर्ज थी संपत्ति

जांच में यह बात सामने आई है कि ये दोनों संपत्तियां सीधे विनय चौबे के नाम पर नहीं हैं। इन्हें उनके साले शिपिज त्रिवेदी के नाम पर Registered कराया गया था। ACB के अनुसार, यह तरीका जानबूझकर अपनाया गया ताकि असली मालिक की पहचान छिपाई जा सके।

इसके लिए ‘Power of Attorney’ का इस्तेमाल किया गया, जिससे संपत्ति कागजों में किसी और की दिखे, लेकिन असल नियंत्रण विनय चौबे के पास रहे। जांच एजेंसियां इसे साफ तौर पर बेनामी लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला मान रही हैं।

मल्टी-सिटी मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट का शक

ACB की जांच अब केवल व्यक्तिगत भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं रह गई है। एजेंसी को शक है कि यह एक मल्टी-सिटी मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट है, जिसमें रिश्तेदारों और करीबी लोगों को आगे कर काले धन को अचल संपत्तियों में बदला गया।

अब ACB बैंक खातों, लेन-देन, रजिस्ट्री दस्तावेज और मनी ट्रेल की बारीकी से जांच कर रही है। एजेंसी का लक्ष्य इस पूरे नेटवर्क के Mastermind और भ्रष्टाचार की पूरी सच्चाई को सामने लाना है।

हेमंत सरकार का मेगा प्लान, झारखंड को बनाएगी वैश्विक निवेश का केंद्र

0

Jharkhand’s Global Move : झारखंड राज्य पहली बार दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित आर्थिक मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने जा रहा है।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन (Hemant Soren) के नेतृत्व में राज्य का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 18 से 26 जनवरी 2026 तक स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाली विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) की वार्षिक बैठक में भाग लेगा।

इसके बाद यह प्रतिनिधिमंडल यूनाइटेड किंगडम के लंदन का दौरा भी करेगा।

आज रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में इस अंतरराष्ट्रीय दौरे को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने दोनों दौरों की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

दावोस में झारखंड की ताकत दिखेगी

दावोस में आयोजित बैठक में झारखंड सरकार राज्य की खनिज संपदा, मजबूत औद्योगिक आधार, सतत विकास मॉडल, पर्यटन की संभावनाओं और निवेश के अवसरों को दुनिया के बड़े निवेशकों के सामने रखेगी।

यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि यह पहली बार है जब झारखंड का कोई प्रतिनिधिमंडल दावोस में होने वाले इस मंच में शामिल हो रहा है। यहां दुनिया भर के बड़े उद्योगपति, सीईओ और नीति-निर्माता एक साथ जुटते हैं।

झारखंड सरकार का लक्ष्य इन वैश्विक निवेशकों के साथ सीधी बातचीत कर लंबे समय तक चलने वाले सहयोग की नींव रखना है। द्विपक्षीय बैठकों के जरिए राज्य में नए उद्योग और निवेश लाने की योजना है।

लंदन दौरे में सहयोग पर जोर

दावोस के बाद लंदन यात्रा में फोकस संस्थागत और शैक्षणिक सहयोग, निवेश से जुड़ी चर्चा और भारतीय प्रवासी समुदाय से संवाद पर रहेगा। Britain की प्रमुख संस्थाओं और निवेशकों से बातचीत कर झारखंड नए क्षेत्रों में साझेदारी तलाशेगा।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि यह दौरा झारखंड को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने का सुनहरा अवसर है।

उन्होंने साफ कहा कि सरकार का उद्देश्य अधिक निवेश लाना, उद्योगों को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है।

बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, उद्योग सचिव अरवा राजकमल और पर्यटन सचिव मनोज कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। झारखंड अब तेजी से वैश्विक स्तर पर निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

नववर्ष पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से वरिष्ठ अधिकारियों की शिष्टाचार भेंट

0

Senior officials Paid a Courtesy call on Hemant Soren: नववर्ष 2026 के अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren से प्रशासनिक और Police Department के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की।

यह मुलाकात कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई।

इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को नववर्ष 2026 की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दिया।

नया साल, नया संकल्प और नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री

इस मौके पर मुख्यमंत्री Hemant Soren ने कहा कि नववर्ष हमेशा नई उम्मीदें, नई ऊर्जा और नए अवसर लेकर आता है।

उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी सकारात्मक सोच और पूरी प्रतिबद्धता के साथ राज्य के विकास में अपनी भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि वर्ष 2026 झारखंड के विकास की यात्रा में एक अहम मील का पत्थर साबित होगा और इस साल कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल होंगी।

विकास योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाना जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन, प्रशासन और जनता के आपसी सहयोग से ही झारखंड को देश के अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल किया जा सकता है।

उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि जब योजनाएं सही तरीके से लोगों तक पहुंचेंगी, तभी विकास का वास्तविक लाभ जनता को मिलेगा।

अधिकारियों की मौजूदगी से दिखी एकजुटता

इस शिष्टाचार भेंट में कई प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

इनमें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अमरेंद्र प्रताप सिंह, JSLPS के सीईओ अनन्य मित्तल, उद्योग विभाग की अपर सचिव प्रीति रानी, वित्त विभाग के अपर सचिव धनंजय सिंह, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की अपर सचिव सीता पुष्पा, सामाजिक सुरक्षा निदेशक विजय कुमार सिंह, पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, कोडरमा के उपायुक्त ऋतुराज सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।

पुलिस अधिकारियों ने भी दी शुभकामनाएं

पुलिस विभाग की ओर से डीजी होमगार्ड एम.एस. भाटिया, डीआईजी दुमका अमर लकड़ा, एसपी लोहरदगा सादिक अनवर रिज़वी, SP सरायकेला-खरसावां मुकेश कुमार लुनायत, SP गोड्डा मुकेश कुमार, एसपी गुमला हारिश बिन जमां, SP खूंटी मनीष टोप्पो, एसपी ट्रेनिंग सेंटर मुसाबनी विजय आशीष कुजूर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश

यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि नए साल में झारखंड के विकास के लिए एकजुट होकर काम करने के संकल्प का प्रतीक भी बनी।

मुख्यमंत्री ने अंत में सभी राज्यवासियों को सुख, समृद्धि, उन्नति और खुशहाली की शुभकामनाएं दीं और कहा कि झारखंड अब तेजी से प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।