Home Blog Page 21

दिल्ली दंगों की ‘बड़ी साजिश’ केस में Supreme Court का सख्त फैसला, उमर खालिद–शरजील इमाम को नहीं मिली जमानत

Strict decision of Supreme Court : 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े कथित बड़ी साजिश के मामले में Supreme Court ने अहम फैसला सुनाते हुए उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका (Bail Petition) खारिज कर दी है।

हालांकि इसी मामले में गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी गई है।

अदालत ने साफ किया कि उमर खालिद और शरजील इमाम के खिलाफ प्रथम दृष्टया ऐसे साक्ष्य मौजूद हैं, जो गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत तय वैधानिक मानकों को पूरा करते हैं।

लंबी हिरासत जमानत का आधार नहीं

जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस NV अंजारिया की पीठ ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि केवल लंबे समय तक हिरासत में रहना अपने आप में जमानत का आधार नहीं बन सकता, खासकर जब मामला UAPA जैसे सख्त कानून के तहत दर्ज हो।

कोर्ट ने टिप्पणी की कि देरी को “ट्रंप कार्ड” की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता और हर आरोपी की भूमिका का अलग-अलग मूल्यांकन जरूरी है।

केंद्रीय भूमिका और सहायक भूमिका में फर्क जरूरी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी आरोपी एक जैसे नहीं होते। कुछ की भूमिका ‘केंद्रीय’ होती है, जबकि कुछ केवल सहायक या सहयोगी भूमिका में होते हैं।

अदालत के अनुसार, उमर खालिद और शरजील इमाम की भूमिका बाकी आरोपियों से अलग और अधिक गंभीर प्रकृति की प्रतीत होती है। इसी आधार पर दोनों को इस चरण पर जमानत देने से इनकार किया गया।

UAPA की धारा 43D(5) पर कोर्ट की अहम टिप्पणी

अदालत ने UAPA की धारा 43डी(5) का हवाला देते हुए कहा कि यह प्रावधान जमानत के सामान्य नियमों से अलग है।

हालांकि यह न्यायिक जांच को पूरी तरह खत्म नहीं करता, लेकिन अदालत को यह देखना होता है कि अभियोजन द्वारा पेश सामग्री से प्रथम दृष्टया अपराध बनता है या नहीं।

Court ने यह भी स्पष्ट किया कि आतंकी कृत्य केवल प्रत्यक्ष हिंसा तक सीमित नहीं होते, बल्कि आवश्यक सेवाओं में बाधा डालना और अर्थव्यवस्था के लिए खतरा पैदा करना भी इसके दायरे में आता है।

पांच आरोपियों को सशर्त जमानत

Supreme Court ने गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को सख्त शर्तों के साथ जमानत देने की अनुमति दी है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत का मतलब आरोपों से राहत नहीं है। यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है तो ट्रायल कोर्ट को जमानत रद्द करने का पूरा अधिकार होगा।

ट्रायल में देरी न हो, लगातार सुनवाई के निर्देश

अदालत ने निर्देश दिया कि मामले की सुनवाई लगातार चलनी चाहिए ताकि अनावश्यक देरी न हो। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों के वरिष्ठ वकीलों और उनकी टीम द्वारा दी गई सहायता की सराहना भी की।

सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट संदेश

अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि जमानत बचाव पक्ष के पूरे मूल्यांकन का मंच नहीं है, लेकिन न्यायिक संयम का अर्थ कर्तव्य से पीछे हटना भी नहीं है।

अदालत ने सवाल उठाया कि क्या जांच से प्रथम दृष्टया अपराध सिद्ध होते हैं और क्या आरोपी की भूमिका का अपराध से सीधा संबंध बनता है। इसी कसौटी पर उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न देने का निर्णय लिया गया।

अमेरिकी दावों से बढ़ी हलचल, वैश्विक राजनीति के केंद्र में वेनेजुएला

US Claims Spark Unrest : दक्षिण अमेरिका का देश Venezuela इन दिनों वैश्विक राजनीति के केंद्र में आ गया है। अमेरिका की ओर से किए गए दावों और बयानों के बाद वहां राजनीतिक अनिश्चितता की स्थिति बन गई है।

अमेरिकी पक्ष का कहना है कि Venezuela में हालिया घटनाक्रम के बाद अमेरिका की भूमिका बढ़ गई है, जबकि इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर (International Baccalaureate) पर तीखी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।

ट्रुथ सोशल पर तस्वीर, फ्लोरिडा से ट्रंप का बयान

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ट्रुथ सोशल पर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की एक तस्वीर साझा की।

us-claims-spark-unrest-venezuela-at-the-center-of-global-politics

इसके बाद उन्होंने फ्लोरिडा स्थित अपने आवास मार-आ-लागो में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वेनेजुएला को लेकर अमेरिका के रुख को स्पष्ट किया।

ट्रंप ने कहा कि जब तक वेनेजुएला में सत्ता का सुरक्षित, सही और समझदारी भरा परिवर्तन नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका अपनी भूमिका निभाता रहेगा।

कानूनी कार्रवाई का भी संकेत

अमेरिका की अटॉर्नी जनरल की ओर से यह जानकारी दी गई कि न्यूयॉर्क के सदर्न District में निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया चलाई जाएगी।

us-claims-spark-unrest-venezuela-at-the-center-of-global-politics

इस बयान के बाद कूटनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और वेनेजुएला-अमेरिका संबंधों में और तल्खी देखी जा रही है।

वेनेजुएला में धर्म और समाज की पृष्ठभूमि

वेनेजुएला में ईसाई धर्म सबसे प्रमुख माना जाता है, जिसमें रोमन कैथोलिक समुदाय का दबदबा है। अनुमान के अनुसार देश की करीब 65 से 70 प्रतिशत आबादी खुद को कैथोलिक मानती है।

राष्ट्रपति निकोलस मादुरो भी रोमन कैथोलिक पृष्ठभूमि से आते हैं और खुद को ईसाई बताते हैं। स्पेनिश शासन काल से ही चर्च ने वेनेजुएला में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन में अहम भूमिका निभाई है, हालांकि बीते दशकों में इसका प्रभाव पहले जैसा व्यापक नहीं रहा।

प्रोटेस्टेंट और मुस्लिम समुदाय की स्थिति

देश में Protestant ईसाइयों की संख्या भी बढ़ी है और यह आबादी करीब 10 से 17 प्रतिशत मानी जाती है। वहीं मुस्लिम समुदाय संख्या में छोटा जरूर है, लेकिन संगठित और सक्रिय माना जाता है।

वेनेजुएला में लगभग एक लाख मुसलमान रहते हैं, जिनकी आबादी कुल जनसंख्या का करीब 0.4 प्रतिशत है। यह समुदाय मुख्य रूप से काराकास और नुएवा एस्पार्टा जैसे इलाकों में रहता है और व्यापार व सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय है।

धर्मनिरपेक्ष देश, लेकिन राजनीति में इस्तेमाल

वेनेजुएला का संविधान देश को एक सेक्युलर स्टेट घोषित करता है, जहां धर्म की स्वतंत्रता है और किसी एक धर्म को सरकारी दर्जा नहीं मिला है।

हालांकि, हाल के वर्षों में आरोप लगते रहे हैं कि सत्ता ने धर्म का इस्तेमाल राजनीतिक औजार के रूप में किया है। समर्थक धार्मिक समूहों को संरक्षण मिला, जबकि आलोचक समूहों को दबाव का सामना करना पड़ा।

चिया सीड्स में छिपा है सेहत का खजाना, लेकिन गलत तरीके से खाया तो हो सकता है नुकसान!

0

Health News: चिया सीड्स को सुपरफूड के रूप में जाना जाता है, जो इम्यूनिटी बढ़ाने, सूजन कम करने और मांसपेशियों के विकास में मदद करता है। ये छोटे काले बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर, प्रोटीन और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन्हें गलत तरीके से खाने से फायदे की जगह नुकसान हो सकता है? आइए, चिया सीड्स के फायदे और इन्हें खाने की सही विधि के साथ-साथ 5 ऐसी गलतियों के बारे में जानते हैं, जिनसे बचना जरूरी है।

चिया सीड्स के फायदे

इम्यूनिटी बूस्ट: चिया सीड्स में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं।
सूजन कम करें: एंटीइंफ्लेमेटरी गुण शरीर में सूजन को कम करते हैं।
मांसपेशियों का विकास: प्रोटीन से भरपूर होने के कारण यह मांसपेशियों को मजबूत करता है।
पाचन में सुधार: उच्च फाइबर सामग्री पाचन तंत्र को दुरुस्त रखती है।
हृदय स्वास्थ्य: ओमेगा-3 फैटी एसिड हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

चिया सीड्स खाने की 5 गलतियां और उनके नुकसान

1. सूखा चिया सीड्स खाना

यूनानी विशेषज्ञ डॉ. सलीम जैदी के अनुसार, सूखे चिया सीड्स खाना खतरनाक हो सकता है। ये गले या खाने की नली में अटक सकते हैं, जिससे सांस लेने में तकलीफ या गंभीर मामलों में हृदय संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
सही तरीका: चिया सीड्स को हमेशा पानी में भिगोकर खाएं।

2. पानी की मात्रा का ध्यान न रखना

चिया सीड्स को भिगोने के लिए सही मात्रा में पानी जरूरी है। 1 छोटा चम्मच (10 ग्राम) चिया सीड्स के लिए 200-250 मिली पानी (1 बड़ा गिलास) में कम से कम 30 मिनट तक भिगोएं। कम पानी में भिगोने से ये पूरी तरह नहीं फूलते, जिससे पाचन में दिक्कत हो सकती है।

सही तरीका: पर्याप्त पानी में भिगोकर खाएं और बाद में 1 गिलास पानी पिएं।

3.एक बार में पूरा पी जाना

भिगोए हुए चिया सीड्स के पानी को एक बार में गटक लेना गलत है। इससे बीज गले में अटक सकते हैं।

सही तरीका: इन्हें धीरे-धीरे चबाकर खाएं। छोटी-छोटी मात्रा में लेना सुरक्षित है।

4. रात को खाना

चिया सीड्स में फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट्स की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इन्हें रात में खाने से अपच या गैस की समस्या हो सकती है।

सही तरीका: सुबह के समय नाश्ते के साथ खाएं, जैसे दही, ओट्स या स्मूदी में मिलाकर।

5. खाली पेट या बिना पानी खाना

खाली पेट चिया सीड्स खाने से पेट में जलन या अपच हो सकती है। बिना भिगोए खाने से ये पेट में पानी सोखकर सूजन का कारण बन सकते हैं।

सही तरीका: नाश्ते से पहले फल या पानी लें, फिर चिया सीड्स को भिगोकर दही, स्मूदी या ओट्स के साथ खाएं।

चिया सीड्स खाने का सही तरीका

मात्रा: एक दिन में 1-2 छोटे चम्मच (10-20 ग्राम) पर्याप्त हैं।
भिगोने का समय: कम से कम 30 मिनट पानी में भिगोएं। रातभर भिगोना सबसे अच्छा है।
कैसे खाएं: स्मूदी, दही, ओट्स, सलाद या जूस में मिलाकर।
पानी पिएं: चिया सीड्स खाने के बाद 1 गिलास पानी जरूर पिएं ताकि पाचन सुचारू रहे।
सही समय: सुबह नाश्ते में खाना सबसे फायदेमंद।

जापान के PM शिगेरू इशिबा ने इस्तीफा देने का किया फैसला

Japan’s PM Shigeru Ishiba decided to resign: जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) में संभावित विभाजन को रोकने के लिए इस्तीफा देने का फैसला किया है। यह कदम जुलाई 2025 में हुए ऊपरी सदन (हाउस ऑफ काउंसिलर्स) के चुनाव में LDP-कोमेटो गठबंधन की हार के बाद उठाया गया है।

NHK की रिपोर्ट के अनुसार, इशिबा ने पार्टी में एकता बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया और रविवार (7 सितंबर 2025) को शाम 6 बजे (स्थानीय समय) प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं।

ऊपरी सदन में हार और LDP की मुश्किलें

जुलाई 2025 के ऊपरी सदन चुनाव में LDP और उसके सहयोगी कोमेटो को 248 सीटों वाले सदन में बहुमत के लिए जरूरी 50 सीटों के बजाय केवल 47 सीटें मिलीं। इससे गठबंधन ने ऊपरी सदन में बहुमत खो दिया।

इसके पहले, अक्टूबर 2024 में निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) के चुनाव में भी LDP को पिछले 15 सालों में सबसे खराब प्रदर्शन का सामना करना पड़ा था, जिससे इशिबा की सरकार पहले ही कमजोर हो चुकी थी।

पार्टी के भीतर बढ़ता दबाव

इशिबा, जो अक्टूबर 2024 में LDP के उदारवादी धड़े के नेता के रूप में सत्ता में आए थे, को दक्षिणपंथी धड़े से इस्तीफे के लिए लगातार दबाव का सामना करना पड़ा। LDP के सांसद हिरोशी यमادا और एकेई सुजुकी ने सार्वजनिक रूप से उनकी आलोचना की, और पार्टी के भीतर जल्द नेतृत्व चुनाव की मांग तेज हो गई।

सोमवार को LDP सांसदों की बैठक में असाधारण नेतृत्व चुनाव पर फैसला होना था, जो इशिबा के लिए वर्चुअल अविश्वास प्रस्ताव की तरह था।

अमेरिका के साथ टैरिफ वार्ता

इशिबा ने पहले इस्तीफे की मांगों का विरोध करते हुए कहा था कि वह अमेरिका के साथ चल रही टैरिफ वार्ताओं को पूरा करने के लिए पद पर बने रहेंगे। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जापान पर लगने वाले टैरिफ को 25% से घटाकर 15% करने की घोषणा की थी।

इशिबा ने इसे राष्ट्रीय हितों के लिए अहम बताया था और कहा था कि वह “राजनीतिक शून्यता” से बचना चाहते हैं। हालांकि, ऊपरी सदन की हार और पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष ने उनके लिए सत्ता में बने रहना मुश्किल कर दिया।

रूस का कीव पर सबसे बड़ा हमला, कैबिनेट बिल्डिंग में आग, 3 की मौत, यूक्रेन का जवाबी हमला

Russia’s biggest attack on Kiev: रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर रविवार को अबतक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया, जिसमें 805 ड्रोन और 13 मिसाइलें दागी गईं। इस हमले में कीव के पेचेर्स्की जिले में यूक्रेन की कैबिनेट बिल्डिंग में आग लग गई।

यूक्रेनी सैन्य प्रशासन के प्रमुख तैमूर तकाचेंको और मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि हमले में एक नवजात बच्चे और एक युवती समेत कम से कम तीन लोगों की मौत हुई, जबकि 18 अन्य घायल हुए। रॉयटर्स के चश्मदीदों ने कैबिनेट बिल्डिंग से घना धुआं उठते देखा।

कीव में भारी तबाही

यूक्रेन की वायुसेना के अनुसार, रूस ने रातभर में 805 ड्रोन और 13 मिसाइलों से हमला किया, जिनमें से 747 ड्रोन और 4 मिसाइलें नष्ट की गईं। बाकी 54 ड्रोन और 9 मिसाइलों ने 33 स्थानों पर नुकसान पहुंचाया। कीव के डार्नित्स्की और स्वियातोशिन्स्की जिलों में रिहायशी इमारतों में आग लग गई।

एक 16 मंजिला अपार्टमेंट और दो 9 मंजिला इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं, जबकि डार्नित्स्की में एक 4 मंजिला इमारत की दो मंजिलें जल गईं। एक बुजुर्ग महिला की शेल्टर में मौत हो गई, और एक गर्भवती महिला सहित पांच लोग अस्पताल में भर्ती हैं।

यूक्रेन की प्रधानमंत्री का बयान

प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेंको ने कहा, “युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार कैबिनेट बिल्डिंग को निशाना बनाया गया। छत और ऊपरी मंजिलें क्षतिग्रस्त हुईं।

इमारतें बहाल की जा सकती हैं, लेकिन खोई जानें वापस नहीं लौटाई जा सकतीं।” उन्होंने रूस पर नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया।

अन्य शहरों में भी हमले

कीव के अलावा, रूस ने क्रेमेनचुक, क्रिवी रीह, और ओडेसा पर भी हमले किए। क्रेमेनचुक में दर्जनों विस्फोटों से बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जबकि ओडेसा में सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर और रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचा।

क्रिवी रीह में ट्रांसपोर्ट और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। पोलैंड ने पश्चिमी यूक्रेन पर खतरे को देखते हुए अपने और सहयोगी देशों के विमानों को सक्रिय कर दिया।

यूक्रेन का जवाबी हमला

जवाब में, यूक्रेन ने रूस के ब्रायंस्क क्षेत्र में द्रुजबा ऑयल पाइपलाइन पर ड्रोन हमला किया, जिससे हंगरी और स्लोवाकिया को तेल आपूर्ति प्रभावित हुई।

यूक्रेन की ड्रोन फोर्स के कमांडर रॉबर्ट ब्रोवडी ने कहा कि यह हमला रूस के युद्ध प्रयासों को कमजोर करने के लिए था। मॉस्को ने इस पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी।

युद्ध का बढ़ता तनाव

यह हमला रूस की ओर से अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला था, जो 2022 में शुरू हुए युद्ध में नया मोड़ दर्शाता है। रूस ने पहली बार कीव के सरकारी भवनों को निशाना बनाया, जो युद्ध के बढ़ते तनाव को दिखाता है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के शांति वार्ता प्रस्ताव को खारिज करते हुए पुतिन को कीव आने की चुनौती दी।

GST रेट कट से 22 सितंबर से सस्ते होंगे दूध, पनीर, शैंपू, बिस्कुट समेत ये 10 जरूरी सामान

0

GST rate cut: केंद्र सरकार ने GST स्लैब में बड़े बदलाव करते हुए आम लोगों को दिवाली से पहले राहत भरा तोहफा दिया है। GST के चार स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) को हटाकर अब केवल दो स्लैब (5% और 18%) कर दिए गए हैं।

इसके साथ ही रोजमर्रा की जरूरी चीजों जैसे दूध, पनीर, शैंपू, नमकीन, बिस्कुट, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स पर टैक्स कम कर दिया गया है। ये नई दरें 22 सितंबर 2025 से लागू होंगी। आइए, जानते हैं 10 जरूरी सामानों पर कितनी होगी बचत।

सरकार का फोकस आम आदमी पर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 सितंबर को GST 2.0 की घोषणा करते हुए कहा था कि ये सुधार आम आदमी, किसानों और छोटे व्यापारियों को ध्यान में रखकर किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मिडिल क्लास के घरों में इस्तेमाल होने वाली चीजें जैसे TV, फ्रिज, AC, मोबाइल, चार्जर, और रोजमर्रा के सामान जैसे रोटी, कपड़ा, दूध, और पनीर सस्ते होंगे।

10 जरूरी सामान जो होंगे सस्ते

1. शैंपू:पहले 18% GST, अब 5%। उदाहरण: 100 रुपये का शैंपू पैक पहले 118 रुपये में मिलता था, अब 105 रुपये में। बचत: 13 रुपये।

2. तेल और साबुन: GST 18% से घटकर 5%। 100 रुपये का तेल/साबुन पहले 118 रुपये का था, अब 105 रुपये में। बचत: 13 रुपये।

3. नमकीन: GST 12% से घटकर 5%। 5 रुपये की नमकीन पर पहले 60 पैसे टैक्स, अब 25 पैसे। बचत: 35 पैसे।

4. बिस्कुट: GST 18% से घटकर 5%। 5 रुपये के बिस्कुट पर पहले 90 पैसे टैक्स, अब 25 पैसे। बचत: 65 पैसे।

5. UHT दूध और पनीर: GST 12% से घटकर 0% (टैक्स फ्री)। 75 रुपये का 250 ग्राम पनीर अब 66 रुपये में। बचत: 9 रुपये।

6. घी: GST 12% से घटकर 5%। 800 रुपये प्रति किलो घी पहले 896 रुपये में, अब 840 रुपये में। बचत: 56 रुपये।

7. मक्खन: GST 12% से घटकर 5%। 230 रुपये का 500 ग्राम मक्खन अब 210 रुपये में। बचत: 20 रुपये।

8. कपड़े और जूते: GST 12% से घटकर 5%। 1000 रुपये का कपड़ा पहले 1120 रुपये का, अब 1050 रुपये में। बचत: 70 रुपये।

9. इलेक्ट्रॉनिक्स (TV, फ्रिज, AC): GST 28% से घटकर 18%। 30,000 रुपये का टीवी पहले 38,400 रुपये में, अब 35,400 रुपये में। बचत: 3000 रुपये।

10. मोबाइल और चार्जर: GST 28% से घटकर 18%। 20,000 रुपये का मोबाइल पहले 25,600 रुपये में, अब 23,600 रुपये में। बचत: 2000 रुपये।

लंबे समय तक होगा फायदा

वित्त मंत्री ने कहा कि ये सुधार केवल फेस्टिव सीजन के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक फायदा देंगे। छोटे व्यापारियों को अनुपालन में आसानी होगी, और मिडिल क्लास को रोजमर्रा की चीजों पर बचत होगी।

ऑटो सेक्टर में छोटी कारों और मोटरसाइकिलों पर GST 28% से घटकर 18% होने से मारुति ऑल्टो और वैगनआर जैसी कारें 40,000-67,000 रुपये तक सस्ती होंगी।

क्यों जरूरी था GST सुधार?

पिछले कुछ वर्षों में जटिल GST स्लैब और उच्च टैक्स दरों से आम आदमी पर बोझ बढ़ा था। विशेषज्ञों का मानना है कि GST 2.0 से मांग बढ़ेगी, खपत को बढ़ावा मिलेगा और अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी। इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5% GST बरकरार रखने से स्वच्छ ऊर्जा को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

भारत में Tesla Model Y की डिलीवरी, महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक बने पहले मालिक

0

Tesla Model Y delivered in India: दुनिया के दिग्गज उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी Tesla ने भारत में अपनी पहली कार, Tesla Model Y, की डिलीवरी कर दी है। यह ऐतिहासिक क्षण 5 सितंबर 2025 को मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में स्थित टेस्ला एक्सपीरियंस सेंटर में हुआ। देश की पहली टेस्ला कार का गौरव महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री और शिवसेना नेता प्रताप सरनाइक को मिला है।

प्रताप सरनाइक की खुशी, कार पोते को गिफ्ट

डिलीवरी के मौके पर प्रताप सरनाइक ने कहा, “महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री के रूप में, मैं पर्यावरण के अनुकूल Tesla Model Y की पहली डिलीवरी पाकर गर्व महसूस कर रहा हूं। यह कार मेरे पोते को गिफ्ट करूंगा ताकि युवा पीढ़ी में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति जागरूकता बढ़े।”

उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने कार की पूरी कीमत (लगभग 62 लाख रुपये) चुकाई है और कोई डिस्काउंट नहीं लिया। सरनाइक का कहना है कि यह कदम महाराष्ट्र में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और राज्य सरकार की EV नीतियों को समर्थन देने का हिस्सा है।

Tesla Model Y की खासियतें

RWD (रियर-व्हील ड्राइव): 59.89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम), 455 किमी रेंज।
लॉन्ग रेंज RWD: 67.89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम), 535 किमी रेंज।
फुल सेल्फ-ड्राइविंग (FSD) पैकेज: अतिरिक्त 6 लाख रुपये में उपलब्ध।

कार छह रंगों में आती है, जिसमें स्टील्थ ग्रे स्टैंडर्ड है, और अन्य रंगों (पर्ल व्हाइट, डीप ब्लू मेटैलिक, सॉलिड ब्लैक, रेड मल्टी-कोट, क्विकसिल्वर) के लिए अतिरिक्त कीमत देनी होगी। इंटीरियर ब्लैक और व्हाइट विकल्पों में उपलब्ध है। यह फाइव-सीटर SUV है, जिसमें दोनों रो में हीटेड सीट्स और फ्रंट रो में वेंटिलेटेड सीट्स हैं। अन्य फीचर्स में 15-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, पैनोरमिक ग्लास रूफ, और उन्नत ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम शामिल हैं।

भारत में Tesla का प्रवेश

Tesla ने 15 जुलाई 2025 को मुंबई के BKC में अपना पहला एक्सपीरियंस सेंटर खोला था, और 11 अगस्त को दिल्ली के एयरोसिटी में दूसरा सेंटर शुरू किया। कंपनी ने 4 अगस्त को BKC में भारत के पहले सुपरचार्जर स्टेशन भी शुरू किए।

हालांकि, उच्च आयात शुल्क के कारण टेस्ला की कीमतें प्रीमियम हैं, और कंपनी ने इस साल केवल 350-500 यूनिट्स डिलीवर करने की योजना बनाई है। अब तक लगभग 600 बुकिंग्स हो चुकी हैं।

KIKO तूफान का खतरा मंडराया, भारी बारिश और बाढ़ की आशंका

Threat of KIKO storm looms: प्रशांत महासागर में उठा चक्रवाती तूफान KIKO हवाई द्वीप के लिए खतरा बन रहा है। यह तूफान पूर्वी प्रशांत महासागर में सक्रिय है और वर्तमान में हवाई द्वीप से करीब 1560 मील (2510 किमी) दूर, दक्षिणी मैक्सिको और हवाई के बीच पूर्व-दक्षिणपूर्व दिशा में है।

मियामी स्थित राष्ट्रीय तूफान केंद्र (NHC) के अनुसार, हरिकेन KIKO वर्तमान में कैटेगरी-4 का तूफान है, जिसमें 145 मील प्रति घंटा (230 किमी प्रति घंटा) की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। अगले सप्ताह यह हवाई द्वीप के तट पर पहुंच सकता है, जिससे भारी तबाही की आशंका है।

तूफान का रास्ता और संभावित असर

NHC के मुताबिक, हरिकेन KIKO पश्चिम दिशा में 9 मील प्रति घंटा (15 किमी प्रति घंटा) की रफ्तार से बढ़ रहा है। 5 सितंबर से यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ सकता है। इस दौरान तटीय इलाकों में बारिश शुरू हो सकती है।

हालांकि, वैज्ञानिकों का अनुमान है कि वीकेंड में दक्षिण-पश्चिमी हवाओं (वर्टिकल विंड शीयर) और ठंडे समुद्री पानी के कारण तूफान कमजोर पड़ सकता है। फिर भी, 10-11 सितंबर को जब यह हवाई द्वीप के पास पहुंचेगा, तब यह ट्रॉपिकल स्टॉर्म या कमजोर हरिकेन के रूप में हो सकता है।

हवाई के बिग आइलैंड और पूर्वी हिस्सों में 4 से 8 इंच बारिश की आशंका है, साथ ही 60 मील प्रति घंटा (96 किमी प्रति घंटा) की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इससे बाढ़, भूस्खलन और तटीय क्षेत्रों में खतरनाक लहरों का खतरा है। खासकर पूर्वी तटों पर 10 से 15 फीट ऊंची लहरें और खतरनाक रिप करंट्स की चेतावनी दी गई है, जो समुद्र तटों पर नुकसान पहुंचा सकती हैं।

हवाई प्रशासन और NHC की तैयारी

हवाई की कार्यवाहक गवर्नर सिल्विया ल्यूक ने शुक्रवार को तूफान के खतरे को देखते हुए आपातकाल की घोषणा की है। प्रशासन ने राहत और बचाव टीमें तैयार कर ली हैं।

लोगों को NHC की वेबसाइट पर नियमित वेदर अपडेट्स देखने, इमरजेंसी किट तैयार रखने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने की सलाह दी गई है। साथ ही, समुद्र तटों से दूर रहने और ऊंची लहरों से सावधान रहने को कहा गया है।

तूफान की ताजा स्थिति

शनिवार को KIKO करीब 1000 मील (1609 KM) हिलो (बिग आइलैंड) से दक्षिण-पूर्व में था। तूफान के उत्तर की ओर मुड़ने की संभावना है, जिससे हवाई द्वीप पर तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा कम हो सकता है। फिर भी, माउी और बिग आइलैंड में रविवार से लहरों का असर शुरू हो सकता है। NHC और नेशनल वेदर सर्विस तूफान के रास्ते और तीव्रता पर लगातार नजर रखे हुए हैं।

Tecno Pova Slim 5G भारत में लॉन्च, दुनिया का सबसे पतला स्मार्टफोन, कीमत 19,999 रुपये

Tecno Pova Slim 5G : Tecno ने भारत में अपना नया स्मार्टफोन Tecno Pova Slim 5G लॉन्च कर दिया है, जिसे कंपनी दुनिया का सबसे पतला स्मार्टफोन बता रही है। इसकी मोटाई मात्र 5.95mm है, और यह 144Hz रिफ्रेश रेट वाले 3D कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले और AI-पावर्ड Ella असिस्टेंट के साथ आता है।

फोन में Dynamic Mood Light डिज़ाइन और IP64 डस्ट व वाटर रेजिस्टेंट रेटिंग भी है। 19,999 रुपये की कीमत के साथ यह स्मार्टफोन 8 सितंबर से Flipkart और ऑफलाइन स्टोर्स पर उपलब्ध होगा। आइए, इसकी कीमत, फीचर्स और ऑफर्स की पूरी जानकारी देखें।

सिर्फ 19,999 रुपये में 8GB + 128GB वेरिएंट, 8 सितंबर से सेल

वेरिएंट: 8GB RAM + 128GB स्टोरेज, कीमत 19,999 रुपये।
कलर ऑप्शंस: कूल ब्लैक, स्काई ब्लू, स्लिम व्हाइट।
सेल की तारीख: 8 सितंबर 2025 से Flipkart और ऑफलाइन रिटेल स्टोर्स पर।
ऑफर्स: लॉन्च ऑफर के तहत चुनिंदा बैंक कार्ड्स पर 5-10% डिस्काउंट और नो-कॉस्ट EMI ऑप्शंस उपलब्ध।

स्लिम डिज़ाइन, पावरफुल परफॉर्मेंस और AI फीचर्स का शानदार कॉम्बो

1. डिज़ाइन और डिस्प्ले

मोटाई: 5.95mm (दुनिया का सबसे पतला स्मार्टफोन)।
वजन: 156 ग्राम।
डिस्प्ले: 6.78-इंच 1.5K 3D कर्व्ड AMOLED, 144Hz रिफ्रेश रेट, 240Hz टच सैंपलिंग रेट, 4,500 निट्स पीक ब्राइटनेस, 20:9 आस्पेक्ट रेश्यो।
प्रोटेक्शन: कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 7i।
खासियत: IP64 डस्ट और वाटर रेजिस्टेंट, Dynamic Mood Light (रियर कैमरा मॉड्यूल पर कस्टमाइज़ेबल LED लाइट्स)।

2. प्रोसेसर और परफॉर्मेंस

चिपसेट: MediaTek Dimensity 6400 (6nm), मिड-रेंज में दमदार परफॉर्मेंस।
रैम और स्टोरेज: 8GB LPDDR4x RAM + 128GB UFS 2.2 स्टोरेज (2TB तक माइक्रोSD कार्ड सपोर्ट)।
OS: Android 15-बेस्ड HiOS 15।

3. कैमरा सेटअप

रियर कैमरा: डुअल सेटअप – 50MP प्राइमरी सेंसर + 2MP डेप्थ सेंसर।
फ्रंट कैमरा: 13MP सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए।
AI फीचर्स: AI-पावर्ड इमेज एडिटिंग, प्राइवेसी ब्लरिंग।

4. Ella AI असिस्टेंट

कई भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है।
फीचर्स: AI कॉल असिस्टेंट, AI राइटिंग, AI इमेज एडिटिंग, Circle to Search।

बैटरी और चार्जिंग: बैटरी: 5,160mAh।
चार्जिंग: 45W फास्ट चार्जिंग (0-100% 55 मिनट में, 0-50% 25 मिनट में)।

5.अन्य फीचर्स

डुअल सिम सपोर्ट, 5G कनेक्टिविटी।
इनबिल्ट IR रिमोट कंट्रोल सेंसर।
Dolby Atmos ट्यूनिंग वाला सिंगल स्पीकर।
KM9 TUV Rheinland सर्टिफिकेशन।

स्लिम डिज़ाइन और प्रीमियम फीचर्स का परफेक्ट बैलेंस

Tecno Pova Slim 5G अपनी स्लिमनेस, 144Hz AMOLED डिस्प्ले और Ella AI असिस्टेंट के साथ मिड-रेंज सेगमेंट में नया मानक स्थापित करता है। Dynamic Mood Light डिज़ाइन इसे स्टाइलिश बनाता है, जबकि IP64 रेटिंग और कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास प्रोटेक्शन इसे टिकाऊ बनाते हैं। 20,000 रुपये से कम कीमत में यह स्मार्टफोन गेमर्स, स्टूडेंट्स और टेक लवर्स के लिए शानदार विकल्प है।

Flipkart और ऑफलाइन स्टोर्स पर 8 सितंबर से उपलब्ध

ऑनलाइन: Flipkart पर 8 सितंबर से सेल शुरू।
ऑफलाइन: Tecno के ऑथराइज्ड रिटेल स्टोर्स और पार्टनर आउटलेट्स।
ऑफर्स: चुनिंदा बैंक कार्ड्स (HDFC, ICICI, SBI) पर 5-10% डिस्काउंट, नो-कॉस्ट EMI और एक्सचेंज ऑफर्स।

Airtel, Jio, Vi के महंगे रिचार्ज प्लान्स से परेशान? इन 4 आसान तरीकों से बचाएं अपना डेली डेटा

Save your daily data in these 4 easy ways: Airtel, Jio और Vi ने जुलाई 2024 में अपने रिचार्ज प्लान्स की कीमतें बढ़ा दी थीं, जिसके बाद यूजर्स को डेली डेटा पैक के लिए पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। कई टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने 1GB डेली डेटा वाले प्लान बंद कर दिए हैं, और अब 1.5GB डेली डेटा वाला सबसे सस्ता प्लान भी 300 रुपये प्रति माह से अधिक का है। ऐसे में, जो यूजर्स पहले 2GB डेली डेटा प्लान यूज करते थे, वे अब 1.5GB वाले प्लान पर शिफ्ट हो गए हैं। अगर आपका डेटा भी दिनभर नहीं चल पाता, तो ये 4 आसान तरीके आपके डेटा को बचाने में मदद करेंगे, जिससे आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

डेटा बचाने के 4 स्मार्ट तरीके

1. ऑटो अपडेट्स को करें Wi-Fi Onlyस्मार्टफोन्स में ऐप्स और ऑपरेटिंग सिस्टम (Android/iOS) डिफॉल्ट रूप से ऑटो अपडेट मोड पर रहते हैं। जैसे ही कोई अपडेट रोलआउट होता है, आपका मोबाइल डेटा तेजी से खर्च होता है। टिप: फोन की सेटिंग्स में जाएं और ऐप्स (Google Play Store/App Store) व सिस्टम अपडेट्स को “Wi-Fi Only” पर सेट करें। इससे अपडेट्स केवल Wi-Fi कनेक्शन पर डाउनलोड होंगे, और आपका डेली डेटा बचेगा।

2. WhatsApp पर ऑटो डाउनलोड बंद करेंWhatsApp हर स्मार्टफोन यूजर की जरूरत है, लेकिन फोटो, वीडियो और ऑडियो का ऑटो डाउनलोड डेटा की खपत बढ़ाता है। टिप: WhatsApp सेटिंग्स में “Data and Storage Usage” पर जाएं और “Automatic Media Download” को ऑफ करें। मोबाइल डेटा पर फोटो/वीडियो तभी डाउनलोड हों, जब आप मैन्युअली चुनें। इससे डेटा की बचत होगी।

3. डेटा सेवर मोड ऑन करेंस्मार्टफोन्स में डेटा सेवर मोड एक शानदार फीचर है, जो बैकग्राउंड डेटा खपत को रोकता है। टिप: फोन की सेटिंग्स में “Network & Internet” या “Connections” में जाकर डेटा सेवर मोड ऑन करें। इससे ऐप्स बैकग्राउंड में डेटा यूज नहीं करेंगे, और आपका डेली डेटा लंबे समय तक चलेगा।

4. वीडियो स्ट्रीमिंग को रखें नॉर्मल क्वालिटीYouTube, Netflix या अन्य प्लेटफॉर्म्स पर HD या हाई-डेफिनिशन वीडियो स्ट्रीमिंग डेटा की खपत को तेजी से बढ़ाती है।