Mother kills Daughter due to Superstition : हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंबा गांव में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में गैंगरेप की बात गलत साबित हुई है। बच्ची की हत्या (Murder) उसकी अपनी मां ने ही तांत्रिक के कहने पर करवाई थी।
यह घटना 24-25 मार्च की रात की है। बच्ची अपनी मां के साथ मंगला जुलूस देखने गई थी, जहां से वह अचानक गायब हो गई। अगले दिन सुबह गांव के Middle School के पीछे बांस की झाड़ियों में उसका शव बरामद हुआ। शव की हालत बेहद खराब थी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
शुरुआत में मां ने Gangrape के बाद हत्या का मामला दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस जांच में मामला पूरी तरह बदल गया। जांच के दौरान पता चला कि इस हत्या की साजिश खुद मां रेशमी देवी ने रची थी।
पुलिस के अनुसार, रेशमी देवी अपने बेटे की बीमारी से परेशान थी और अंधविश्वास में आकर एक महिला तांत्रिक शांति देवी के संपर्क में थी। तांत्रिक ने उसे भरोसा दिलाया कि बेटे की बीमारी दूर करने और लंबी उम्र के लिए किसी कुंवारी लड़की की बलि देनी होगी। इसी के चलते मां ने अपनी ही बेटी को बलि के लिए चुन लिया।
पुलिस ने बताया कि 24 मार्च की रात करीब 9:30 बजे बच्ची की हत्या कर दी गई। रेशमी देवी के प्रेमी भीम राम ने बच्ची का गला घोंटा, जबकि उसकी मां ने उसके पैर पकड़कर उसे तड़पने से रोका। हत्या के बाद सिर फोड़कर खून चढ़ाया गया और तंत्र-मंत्र में इस्तेमाल छड़ी को उसके प्राइवेट पार्ट्स में डाला गया।
पुलिस ने इस मामले में रेशमी देवी, महिला तांत्रिक शांति देवी और भीम राम को गिरफ्तार (Arrest) कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया है और उन्हें जेल भेज दिया गया है।

