Assam Election: असम विधानसभा चुनाव से पहले सियासी तापमान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी सरमा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन खेड़ा ने दावा किया कि रिंकी सरमा के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं। इनमें संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र और एंटीगुआ और बारबुडा के पासपोर्ट शामिल बताए गए हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि दुबई में उनकी संपत्तियां हैं और अमेरिका के व्योमिंग में एक बड़ी कंपनी से संबंध भी है, जिसका बजट अरबों डॉलर का बताया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि इन संपत्तियों का जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया है।
नागरिकता को लेकर भी उठाए सवाल
पवन खेड़ा ने सवाल उठाया कि क्या रिंकी सरमा के पास भारतीय नागरिकता भी है। उन्होंने कहा कि भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है।
इन आरोपों के आधार पर उन्होंने मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी और उनकी उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की। इसके साथ ही कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मामले में हस्तक्षेप कर विशेष जांच दल गठित करने की अपील की है।
खेड़ा ने यह भी आशंका जताई कि यदि चुनाव परिणाम उनके खिलाफ जाते हैं, तो वे विदेश जाने की कोशिश कर सकते हैं।
हिमंता सरमा का पलटवार, बताया साजिश
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने इसे कांग्रेस की हताशा और घबराहट का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे असम चुनाव में जनता का समर्थन बढ़ रहा है, विपक्ष ऐसे आरोप लगाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने आरोपों को दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि वह और उनकी पत्नी पवन खेड़ा के खिलाफ 48 घंटे के भीतर आपराधिक और दीवानी मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएंगे।
दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर भी उठाए सवाल
हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इनमें कई तकनीकी और तथ्यात्मक गड़बड़ियां हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पासपोर्ट में नामों का मेल नहीं खाता। तस्वीरों में भी गड़बड़ी है और कई दस्तावेजों में डिजिटल छेड़छाड़ के संकेत मिलते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ दस्तावेजों में वर्तनी की गलतियां हैं। तारीखें मेल नहीं खातीं और एक क्यूआर कोड भी अमान्य पाया गया है।
चुनाव से पहले बढ़ा राजनीतिक टकराव
रविवार को सामने आए इन आरोपों के बाद मामला राजनीतिक टकराव में बदल गया है। चुनाव से पहले इस विवाद ने असम की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि यह मामला आगे किस दिशा में जाता है और चुनावी माहौल पर इसका कितना असर पड़ता है।

