West Bengal Election: भारत निर्वाचन आयोग के एक एक्स पोस्ट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर सख्त संदेश देते हुए लिखा कि इस बार चुनाव भय रहित, हिंसा रहित और दबाव मुक्त होंगे।
पोस्ट में लिखा गया कि पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव
भय रहित।
हिंसा रहित।
धमकी रहित।
प्रलोभन रहित।
छापा रहित।
बूथ और सोर्स जामिंग रहित होकर ही होंगे।
चुनाव आयोग ने इस पोस्ट के साथ लिखा — “चुनाव आयोग की तृणमूल कांग्रेस को दो टूक”। इसके बाद यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और विवाद शुरू हो गया।

TMC प्रतिनिधिमंडल और चुनाव आयोग की बैठक के बाद बढ़ा विवाद
यह विवाद उस समय बढ़ा जब ज्ञानेश कुमार और तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के बीच बैठक हुई।
इस बैठक में शामिल थे
- डेरेक ओ’ब्रायन
- मेनका गुरुस्वामी
- सागरिका घोष
- साकेत गोखले
सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान डेरेक ओ’ब्रायन ने कथित तौर पर ऊंची आवाज में बात की और मुख्य चुनाव आयुक्त को बोलने से रोक दिया।
रिपोर्ट के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ने बैठक की गरिमा बनाए रखने की अपील की। इस पर डेरेक ओ’ब्रायन ने कथित तौर पर कहा — “हम यहां आपकी बात सुनने के लिए नहीं आए हैं।”
बताया जा रहा है कि इसके बाद टीएमसी प्रतिनिधिमंडल बैठक से बाहर निकल गया।
TMC ने आरोपों को बताया झूठ
टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने चुनाव आयोग के दावे को खारिज किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि यह पूरी तरह झूठ है। उन्होंने कहा कि बैठक में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
सागरिका घोष ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनसे सिर्फ दो बातें कहीं।
पहली — अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता कहां है।
दूसरी — दफा हो जाओ।
टीएमसी ने चुनाव आयोग की भाषा पर भी सवाल उठाए और कहा कि किसी निष्पक्ष संवैधानिक संस्था से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जाती।
अरविंद केजरीवाल ने भी उठाए सवाल
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा कि अब यह कहना भी जरूरी नहीं रह गया है कि चुनाव आयोग बीजेपी के निर्देशों पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा से संस्थानों की साख को नुकसान पहुंचता है।

अखिलेश यादव की भी तीखी प्रतिक्रिया
अखिलेश यादव ने भी चुनाव आयोग की आलोचना की। उन्होंने चुनाव आयोग को “Ethically Corrupt Institution” बताते हुए टिप्पणी की।

दो चरणों में होंगे पश्चिम बंगाल चुनाव
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों वाली विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में होगा।
पहला चरण — 23 अप्रैल।
दूसरा चरण — 29 अप्रैल।
मतगणना — 4 मई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट
चुनाव आयोग का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। एक्स पर इस पोस्ट को करीब 35 लाख लोग देख चुके हैं। इस विवाद ने पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।

