USA and Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के सीजफायर के बाद दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। यह समझौता ऐसे समय हुआ, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कुछ ही घंटे पहले ईरान की “सभ्यता मिटा देने” जैसी सख्त चेतावनी दे चुके थे। अचानक आए इस फैसले ने वैश्विक नेताओं को हैरान कर दिया। हालांकि, ज्यादातर देशों ने इसे राहत के रूप में देखा और कई देशों ने इस समझौते में पाकिस्तान की भूमिका की भी सराहना की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक दो हफ्तों के युद्धविराम का ऐलान किया और ईरान के 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को प्रभावी बताया। इसके बाद कई देशों ने बयान जारी कर इस कदम का स्वागत किया और तनाव कम होने की उम्मीद जताई।
ऑस्ट्रेलिया ने कहा — ऊर्जा संकट पर पड़ा था बड़ा असर
ऑस्ट्रेलिया ने इस समझौते का स्वागत किया है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और विदेश मंत्री पेनी वोंग ने संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “ऑस्ट्रेलियाई सरकार लंबे समय से तनाव कम करने और संघर्ष खत्म करने की मांग कर रही थी।”
उन्होंने आगे कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के लगभग बंद होने, जहाजों, नागरिक ढांचे और तेल-गैस सुविधाओं पर हमलों से ऊर्जा आपूर्ति को बड़ा झटका लगा और तेल-ईंधन की कीमतें प्रभावित हुईं।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए काम कर रहा था, ताकि जरूरी आपूर्ति प्रभावित देशों तक पहुंच सके।
ट्रंप की भाषा पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना उचित नहीं है और इससे चिंता पैदा होती है।”

मलेशिया ने पाकिस्तान की कूटनीति की खुलकर तारीफ की
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने इस समझौते का जोरदार स्वागत किया। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सिर्फ क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में शांति और स्थिरता बहाल करने का अच्छा संकेत है।”
उन्होंने आगे कहा कि बातचीत ईमानदारी से होनी चाहिए और स्थायी समाधान खोजने का मजबूत संकल्प होना चाहिए।
इब्राहिम ने पाकिस्तान की भूमिका की तारीफ करते हुए कहा, “पाकिस्तान की कूटनीति साहसिक रही है।”
उन्होंने कहा कि बिना किसी डर या पक्षपात के सभी पक्षों से बातचीत करने की पाकिस्तान की इच्छा मुस्लिम एकजुटता और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी को दर्शाती है।
मलेशिया ने यह भी कहा कि 10 सूत्रीय योजना को व्यापक शांति समझौते में बदलना चाहिए, जिसमें इराक, लेबनान और यमन जैसे देशों को भी शामिल किया जाए।
साथ ही उन्होंने गाजा में हिंसा और विस्थापन खत्म करने की भी अपील की और मानवीय सहायता बिना रुकावट पहुंचाने पर जोर दिया।
मिस्र ने बातचीत और कूटनीति पर दिया जोर
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसका इस्तेमाल बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए।
मंत्रालय ने कहा कि इस संघर्ष विराम को मजबूत आधार बनाकर सैन्य कार्रवाई पूरी तरह रोकनी होगी और अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करनी होगी।
जापान ने कहा — यह सकारात्मक कदम
जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने युद्धविराम का स्वागत करते हुए कहा, “यह एक सकारात्मक कदम है और इससे क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद है।”
न्यूजीलैंड ने कहा — अभी और काम बाकी
न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने कहा, “यह उत्साहजनक खबर है, लेकिन स्थायी सीजफायर सुनिश्चित करने के लिए अभी काफी काम किया जाना बाकी है।”
उन्होंने पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन देशों ने संकट का समाधान खोजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दक्षिण कोरिया ने सुरक्षित नौवहन की मांग की
दक्षिण कोरिया ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत सफल होनी चाहिए और मध्य पूर्व में जल्द शांति बहाल होनी चाहिए। दक्षिण कोरिया ने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के जरिए सभी जहाजों की सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कजाकिस्तान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता को सराहा
कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव ने कहा कि मध्य पूर्व में पूर्ण सीजफायर का स्वागत है, जो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर की मध्यस्थता से संभव हुआ।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समझौता लंबे समय तक कायम रहेगा और वैश्विक व्यापार तथा आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देगा।
संयुक्त राष्ट्र ने भी किया स्वागत
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इस सीजफायर का स्वागत किया। उनके प्रवक्ता ने कहा कि सभी पक्ष अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करें और सीजफायर की शर्तों का सम्मान करें।
उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय पीड़ा कम करने के लिए हिंसा का अंत बेहद जरूरी है।
फिलहाल राहत, लेकिन स्थायी शांति पर दुनिया की नजर
अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद फिलहाल वैश्विक स्तर पर राहत का माहौल है। हालांकि, दुनिया भर के देशों ने यह भी साफ किया है कि स्थायी शांति के लिए अभी और प्रयास जरूरी हैं।
कई देशों ने पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि यह समझौता लंबे समय तक कायम रहेगा और मध्य पूर्व में स्थिरता लौटेगी।

