ट्रंप का बड़ा ऐलान: ईरान को हथियार देने वाले देशों पर 50% टैरिफ

USA and Iran War: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर के बीच बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि जो भी देश ईरान को हथियार देकर उसकी मदद करेंगे, उन पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा।

ट्रंप ने यह घोषणा सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए की। उन्होंने कहा कि अमेरिका उन सभी देशों पर सख्त आर्थिक कार्रवाई करेगा, जो ईरान को सैन्य सहायता देंगे।

ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि अमेरिका ईरान के साथ मिलकर काम करेगा और वहां बड़े बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अब यूरेनियम संवर्धन नहीं होगा और अमेरिका सख्त सैटेलाइट निगरानी बनाए रखेगा।

टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत पर भी बातचीत

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत को लेकर भी बातचीत जारी है। उन्होंने बताया कि 15 में से कई बिंदुओं पर पहले ही सहमति बन चुकी है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि जो भी देश ईरान को हथियार सप्लाई करेगा, उसके अमेरिकी निर्यात पर तुरंत 50 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि इस फैसले में किसी भी देश को छूट नहीं दी जाएगी और यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

सीजफायर के कुछ घंटे बाद फिर शुरू हुए हमले

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के ऐलान के 12 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि मिडिल ईस्ट में फिर से तनाव बढ़ गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले ईरान की तेल रिफाइनरी पर हमले की खबर आई। इसके बाद ईरान ने भी पलटवार शुरू कर दिया।

बताया जा रहा है कि ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

दो हफ्तों के सीजफायर पर बनी थी सहमति

भारतीय समयानुसार सुबह करीब साढ़े चार बजे अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के लिए सीजफायर पर सहमति बनी थी। लेकिन कुछ ही घंटों बाद लावन द्वीप स्थित तेल रिफाइनरी में बड़े धमाके की खबर सामने आई।

लावन द्वीप फारस की खाड़ी में स्थित एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाका है। यह ईरान के प्रमुख कच्चा तेल निर्यात टर्मिनलों में से एक माना जाता है।

ईरान ने किया पलटवार, सीजफायर को बताया अपनी जीत

ईरान ने हमले के बाद पलटवार करते हुए अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक कुवैत और यूएई में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए।

ईरान ने इस सीजफायर को अपनी जीत बताते हुए कहा कि अमेरिका को 10 सूत्रीय प्रस्ताव स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

इस प्रस्ताव में स्थायी युद्धविराम, प्रतिबंधों को हटाना और क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी जैसे बिंदु शामिल बताए जा रहे हैं।

सीजफायर के बावजूद बढ़ा तनाव

सीजफायर के बावजूद लगातार हमलों और बयानों से मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के बजाय बढ़ता दिख रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द स्थिर नहीं हुए, तो इसका असर वैश्विक बाजार, तेल कीमतों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img