ट्रंप की डेडलाइन खत्म तो क्या होगा? ईरान में तबाही, पलटवार या सीजफायर पर टिकी दुनिया की नजर

US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ तनाव को और बढ़ा दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मंगलवार शाम तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा नहीं खोला गया, तो पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाया जा सकता है।

ट्रंप ने कहा, “मंगलवार का दिन पावर प्लांट डे और पुलों का दिन होगा।” उनकी इस आक्रामक चेतावनी पर ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ़ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

अब चर्चा तेज हो गई है कि अगर ईरान ट्रंप की बात नहीं मानता तो आगे क्या होगा। क्या ईरान तबाही के दौर में पहुंच जाएगा, क्या खाड़ी देशों पर हमले बढ़ेंगे या फिर सीजफायर का रास्ता खुलेगा।

दबाव से आगे बढ़कर सीधे एक्शन की तैयारी

दुनिया की नजर इस समय ट्रंप की रणनीति पर टिकी है। ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका अब सिर्फ दबाव बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

अगर बातचीत विफल होती है, तो ईरान के पावर प्लांट, पुल और सप्लाई नेटवर्क निशाने पर आ सकते हैं। इससे ईरान की आर्थिक और सैन्य क्षमता पर सीधा असर पड़ सकता है।

“एक ही रात में खत्म हो सकता है ईरान”

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को एक ही रात में खत्म किया जा सकता है और ऐसा मंगलवार को भी हो सकता है। उन्होंने इसे बेहद नाजुक दौर बताया और कहा कि अब सब कुछ ईरान के कदमों पर निर्भर करता है।

ट्रंप ने 45 दिनों के संघर्ष विराम के प्रस्ताव को अहम बताया, लेकिन इसे पर्याप्त नहीं माना। वहीं ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और स्थायी समाधान की मांग की है।

ईरान के कई शहरों पर हमले

ईरान के करीब एक दर्जन शहरों पर हमले की खबर है। इनमें बंदर अब्बास, अहवाज़, महशहर, शिराज़, इस्फ़हान और करज शामिल हैं।

फ़ार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तेहरान प्रांत के बहरेस्तान काउंटी में हवाई हमले में 23 लोगों की मौत हुई है। इनमें 10 साल से कम उम्र के चार लड़कियां और दो लड़के भी शामिल बताए गए हैं।

तेहरान में सिनेगॉग पर मिसाइल हमला

ईरान की अर्ध-सरकारी एजेंसी मेहर के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल की संयुक्त मिसाइल ने मध्य तेहरान में एक सिनेगॉग को निशाना बनाया। टेलीग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में बचावकर्मी, क्षतिग्रस्त किताबें और मलबे के ढेर दिखाई दिए।

माइनॉरिटी राइट्स ग्रुप के मुताबिक, ईरान में हजारों साल से यहूदी समुदाय रह रहा है और आज भी वहां करीब 20,000 यहूदी मौजूद हैं।

तेहरान एयरपोर्ट के पास धमाके

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान के दक्षिण में स्थित मेहराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास धमाके हुए। इसके अलावा, करज शहर में भी धमाकों की आवाज सुनाई दी।

टॉप यूनिवर्सिटी और रिहायशी इलाकों पर हमला

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल ने ईरान की एक प्रमुख यूनिवर्सिटी और रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया। क़ोम शहर में रिहायशी इमारत पर हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई। वहीं बंदर-ए-लंगेह में छह अन्य लोगों के मारे जाने की खबर है।

13,000 से ज्यादा टारगेट पर हमला

यूएस सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि अब तक 13,000 से ज्यादा ईरानी टारगेट पर हमला किया गया है। CENTCOM के मुताबिक, 155 से ज्यादा ईरानी जहाजों को नुकसान पहुंचाया गया या नष्ट किया गया है।

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में परमाणु शक्ति से चलने वाले विमानवाहक जहाज, पनडुब्बियां, F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट और B-52 बॉम्बर समेत कई विमान शामिल हैं।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आज वोटिंग

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संशोधित प्रस्ताव पर मतदान करने वाली है। तेल निर्यातक खाड़ी देशों के समर्थन से बहरीन ने दो हफ्ते पहले मसौदा प्रस्ताव पर बातचीत शुरू की थी।

इस प्रस्ताव में होर्मुज से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों को रोकने या बाधा डालने की कोशिशों को रोकने के लिए समन्वित कार्रवाई का सुझाव दिया गया है।

दुनिया की नजर अगले कदम पर

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ईरान क्या फैसला लेता है। अगर ईरान झुकता है तो सीजफायर संभव है, लेकिन अगर तनाव बढ़ा तो मिडिल ईस्ट में बड़ा युद्ध छिड़ सकता है।

फिलहाल दुनिया की नजर ट्रंप की डेडलाइन और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है।

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