West Bengal Election: महिला आरक्षण कानून यानी Nari Shakti Vandan Adhiniyam में संशोधन को लेकर केंद्र सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने जा रही है। 13 दिन के ब्रेक के बाद संसद का बजट सत्र 16 अप्रैल से फिर शुरू होगा, जो तीन दिन तक चलेगा। लोकसभा स्पीकर Om Birla के मुताबिक इस दौरान प्रश्नकाल, शून्यकाल या निजी सदस्यों के काम नहीं होंगे। केवल सरकारी कामकाज ही किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि महिला आरक्षण कानून को 2029 के आम चुनाव से पहले लागू किया जा सके, ताकि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा सके।
दो बिल लाने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक सरकार दो संशोधन विधेयक ला सकती है
- पहला नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के लिए
- दूसरा परिसीमन कानून में बदलाव के लिए
इन प्रस्तावों को लेकर सियासत भी तेज हो गई है।
चुनाव के बीच संसद सत्र पर कांग्रेस का सवाल
देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी Indian National Congress ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने के लिए यह सत्र बुलाया गया है। कांग्रेस ने इसे चुनावी फायदा लेने की कोशिश बताया है।
कांग्रेस महासचिव Jairam Ramesh ने कहा कि यह सत्र 29 अप्रैल के बाद बुलाया जाना चाहिए था, जब राज्यों में मतदान पूरा हो जाए।
स्पेशल सेशन या बजट सत्र का एक्सटेंशन
संसदीय कैलेंडर के अनुसार संसद को 2 अप्रैल को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होना था।
- पहला चरण 31 जनवरी से 13 फरवरी तक चला
- दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक तय था
लेकिन अब बजट सत्र को 16 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री की ओर से अनुरोध मिलने के बाद 16 अप्रैल को फिर बैठक बुलाई गई है। इस दौरान सिर्फ सरकारी काम होंगे।
विपक्ष और सरकार के बीच चिट्ठी वार
कांग्रेस के अनुसार
- 16 मार्च को संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने Mallikarjun Kharge को पत्र लिखा
- खड़गे ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की
- 24 मार्च को विपक्षी दलों ने 29 अप्रैल के बाद बैठक कराने का सुझाव दिया
- 26 मार्च को रिजिजू ने फिर पत्र भेजा
- खड़गे ने फिर सभी दलों को बुलाने की मांग दोहराई
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने विपक्ष से सहमति के बिना एकतरफा फैसला लिया।
विधानसभा चुनाव के बीच सत्र
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 9 अप्रैल से शुरू हो रहा है।
- Tamil Nadu में 23 अप्रैल को मतदान
- West Bengal में 23 और 29 अप्रैल को मतदान
कांग्रेस का कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान सांसदों का दिल्ली पहुंचना मुश्किल होगा।
विपक्ष का आरोप है कि महिला वोटरों को प्रभावित करने के लिए यह सत्र बुलाया गया है, खासकर पश्चिम बंगाल में जहां Mamata Banerjee से बीजेपी का मुकाबला है।
कांग्रेस को परिसीमन पर भी आपत्ति
कांग्रेस का कहना है कि सरकार ने परिसीमन को लेकर भी एकतरफा फैसला किया है।
जयराम रमेश के मुताबिक
- 2023 में महिला आरक्षण कानून पास हुआ था
- तब कहा गया था कि जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होगा
- अब सरकार जनगणना से पहले लागू करने की बात कर रही है
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 की जा सकती है। उनका कहना है कि इससे छोटे राज्यों को नुकसान हो सकता है।
सरकार का पक्ष
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार 2029 तक महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने सभी दलों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
संशोधन विधेयक में क्या हो सकता है
रिपोर्ट के मुताबिक
- लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 816 हो सकती है
- दो संशोधन बिल लाए जा सकते हैं
- एससी और एसटी महिलाओं के लिए कोटा रहेगा
- ओबीसी महिलाओं के लिए अलग आरक्षण पर अभी तस्वीर साफ नहीं है
महिला आरक्षण या चुनावी रणनीति?
अब सवाल यह उठ रहा है कि यह सत्र महिला सशक्तिकरण के लिए है या चुनावी रणनीति का हिस्सा।
सरकार इसे महिलाओं के अधिकार से जोड़ रही है, जबकि विपक्ष इसे चुनावी राजनीति बता रहा है।
ऐसे में 16 अप्रैल से शुरू होने वाला संसद सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।

