Jamshedpur : जमशेदपुर के बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपड़ा-नागुड़साई क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी किनारे मिले 227 किलोग्राम वजनी बम को बुधवार को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया। भारतीय सेना की बम निरोधक टीम ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस हाई रिस्क ऑपरेशन को अंजाम दिया।
मंगलवार को अंतिम मंजूरी नहीं मिलने के कारण इस अभियान को टाल दिया गया था, लेकिन आज ऑपरेशन पूरा होते ही पूरे इलाके में राहत का माहौल है। ऑपरेशन के दौरान नदी किनारे और आसपास के क्षेत्रों को पूरी तरह सील कर दिया गया था और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी।
नियंत्रित विस्फोट से किया गया निष्क्रिय
सेना की 51 इंजीनियर रेजिमेंट की टीम ने कैप्टन आयुष कुमार सिंह और नायब सूबेदार आनंद स्वरूप सिंह के नेतृत्व में इस ऑपरेशन को पूरा किया। विशेषज्ञों ने दो दिनों तक बम की जांच कर उसकी क्षमता और प्रभाव क्षेत्र का आकलन किया।
प्रारंभिक जांच में यह बम द्वितीय विश्व युद्ध के समय का बताया गया, जिसमें अब भी विस्फोट की क्षमता मौजूद थी। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए गहरे गड्ढों में नियंत्रित विस्फोट कर बम को निष्क्रिय किया गया।
इलाके में दहशत, अब राहत
ऑपरेशन के दौरान आसपास के गांवों में दहशत का माहौल था। प्रशासन ने पहले ही लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी थी। पूरे क्षेत्र को अस्थायी रूप से छावनी में बदल दिया गया था।
बम निष्क्रिय होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली और सेना व प्रशासन का धन्यवाद किया। अधिकारियों ने बताया कि समय रहते इस बम को निष्क्रिय कर एक बड़े हादसे को टाल दिया गया है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।

