Chakradharpur : तमिलनाडु के नमक्कल जिले के अन्नागुर स्थित एक निजी मिल से करीब 60 मजदूर किसी तरह भागकर शनिवार को चक्रधरपुर पहुंचे। ये सभी मजदूर एर्नाकुलम–टाटा एक्सप्रेस ट्रेन से लंबी और कठिन यात्रा तय कर यहां पहुंचे। मजदूरों ने अपने साथ हुए व्यवहार को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मजदूरों के अनुसार, उन्हें मिल में बंधक बनाकर रखा गया था और उनकी मजदूरी भी नहीं दी गई। किसी तरह वहां से निकलने के बाद वे ट्रेन में चढ़े, जहां उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। उन्होंने टीटीई को जुर्माना देकर यात्रा पूरी की। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेन में टीटीई और पेंट्रीकार स्टाफ ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
चक्रधरपुर स्टेशन पहुंचने के बाद भी मजदूरों को राहत नहीं मिली। उनका कहना है कि वहां भी टीटीई ने उनसे पैसे की मांग की और कुछ समय तक उन्हें रोके रखा। बाद में एक पत्रकार के हस्तक्षेप के बाद उन्हें जाने दिया गया। मजदूरों का कहना है कि वे भूखे-प्यासे हालत में स्टेशन पहुंचे थे और उनके पास खाने तक के पैसे नहीं बचे थे। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित मिल में उन्हें खराब और कीड़े वाला खाना दिया जाता था। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की जाती थी। पुरुष और महिला दोनों मजदूरों के साथ हिंसा की बात सामने आई है। मजदूरों का कहना है कि उन्हें न तो सही वेतन दिया जाता था और न ही छुट्टी मिलती थी। जबरन काम कराया जाता था और बाहर जाने की कोशिश करने पर उन्हें पीटा जाता था।
मजदूरों ने बताया कि उन्हें ओडिशा के एजेंटों द्वारा अच्छे काम और सुविधाओं का लालच देकर वहां ले जाया गया था, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट निकली। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एजेंटों ने उन्हें धमकी दी है।

