West Bengal Election: पश्चिम बंगाल चुनाव में इस बार सिर्फ बीजेपी ही नहीं, बल्कि कांग्रेस भी ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी पर खुलकर हमला कर रही है। पिछले कुछ चुनावों में ऐसा कम देखने को मिला था, लेकिन इस बार माहौल बदला हुआ नजर आ रहा है। 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के बाद आसनसोल में एक कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या हो गई। पश्चिम बंगाल कांग्रेस का आरोप है कि टीएमसी से जुड़े गुंडों ने ही इस हत्या को अंजाम दिया। पार्टी का कहना है कि यह राज्य की खराब कानून व्यवस्था का बड़ा उदाहरण है।
राहुल गांधी का ममता सरकार पर बड़ा हमला
इस घटना के बाद राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर टीएमसी पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की चुनाव बाद टीएमसी से जुड़े गुंडों द्वारा हत्या बेहद निंदनीय है। राहुल ने कहा, “पश्चिम बंगाल में आज लोकतंत्र नहीं, TMC का गुंडा राज चल रहा है। वोट के बाद विरोधी आवाजों को डराना, मारना और मिटाना ही TMC का चरित्र बन चुका है। हम इस राजनीति के सामने झुकेंगे नहीं, न्याय होकर रहेगा।”
पहले ममता पर हमला करने से बचते थे राहुल
अगर पिछले चुनावों को देखें तो राहुल गांधी बंगाल में ममता बनर्जी पर सीधे हमला करने से बचते रहे थे। 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सिर्फ 2 जनसभाएं की थीं और 2024 के लोकसभा चुनाव में तो वह प्रचार करने भी नहीं गए थे। उस दौरान उनका मुख्य निशाना बीजेपी थी, न कि टीएमसी। लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग दिख रही है। राहुल गांधी अब तक 5 जनसभाएं कर चुके हैं और हर सभा में टीएमसी और ममता बनर्जी पर पहले से ज्यादा तीखे हमले कर रहे हैं।
राहुल बोले- TMC की वजह से बंगाल में मजबूत हुई बीजेपी
राहुल गांधी अपनी सभाओं में लगातार कह रहे हैं कि बंगाल में टीएमसी की वजह से बीजेपी की ताकत बढ़ी है। उनका दावा है कि केवल कांग्रेस ही बीजेपी का असली मुकाबला कर सकती है। उन्होंने यहां तक कहा कि बीजेपी और ममता बनर्जी के बीच सांठगांठ है। राहुल ने सवाल उठाया कि जहां बाकी विपक्षी नेताओं पर मोदी सरकार केस करवा रही है, वहीं ममता बनर्जी के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।
क्या है कांग्रेस की रणनीति?
राहुल गांधी का बदला हुआ रुख ऐसे समय में सामने आया है, जब हाल ही में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल पर कांग्रेस और टीएमसी ने मिलकर मोदी सरकार का विरोध किया था। इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए राज्यसभा में दिए गए नोटिस पर भी कांग्रेस और टीएमसी सांसदों के हस्ताक्षर हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर कांग्रेस अचानक टीएमसी पर इतनी आक्रामक क्यों हो गई?
अल्पसंख्यक वोट बैंक पर नजर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस बंगाल में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाना चाहती है। इसके लिए उसे टीएमसी के वोट बैंक में सेंध लगानी होगी। इस वोट बैंक में सबसे अहम हिस्सा अल्पसंख्यक मुस्लिम वोटरों का है। राहुल गांधी बार-बार यह कहकर कि सिर्फ कांग्रेस ही बीजेपी को हरा सकती है, इसी वर्ग को अपनी तरफ लाने की कोशिश कर रहे हैं।
अगर TMC कमजोर हुई तो कांग्रेस खुद को विकल्प बनाना चाहती है
एक और चर्चा यह भी है कि इस बार बंगाल में टीएमसी को बीजेपी से कड़ी चुनौती मिल रही है। अगर चुनाव में कोई बड़ा उलटफेर होता है, तो कांग्रेस चाहती है कि बीजेपी के खिलाफ सबसे मजबूत विकल्प के तौर पर वही नजर आए, न कि टीएमसी। यही वजह है कि राहुल गांधी इस बार ममता बनर्जी पर खुलकर हमला कर रहे हैं।

