Threats in the Strait of Hormuz are Increasing : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में सुरक्षा स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। भारत के सूचना संलयन केंद्र–हिंद महासागर क्षेत्र (IFC-IOR) ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में बताया है कि यहां जहाजों पर लगातार हमले हो रहे हैं और खतरा लगातार बढ़ रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक 29 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 23 जहाजों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में Missiles, Drones और अन्य आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया है। हमले चलते हुए और लंगर डाले जहाजों—दोनों पर हुए हैं।
भारतीय ध्वज वाले जहाज ‘लिब्रा ट्रेडर’ पर 3 मार्च की रात मिसाइल से हमला हुआ। इसके अलावा कई विदेशी जहाज भी ड्रोन और मिसाइल हमलों का शिकार बने हैं। रिपोर्ट बताती है कि कोई भी जहाज सुरक्षित नहीं है—चाहे वह तेल टैंकर हो, कंटेनर जहाज हो या बल्क कैरियर।
आईएफसी-आईओआर के मुताबिक, हाल के हमले यह दिखाते हैं कि पहले जो कुछ दिनों की शांति थी, वह असली राहत नहीं बल्कि एक रणनीतिक विराम था। हमलों का पैटर्न साफ है—कुछ समय शांति, फिर अचानक हमले।
समुद्री मार्ग पर इसका बड़ा असर पड़ा है। पहले जहां रोज़ 130-140 जहाज इस रास्ते से गुजरते थे, अब यह संख्या घटकर सिर्फ 4-5 रह गई है। कई दिनों में तो आवाजाही लगभग शून्य रही है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पूरे क्षेत्र में GPS और Navigation System में बाधा (जैमिंग) डाली जा रही है, जिससे जहाजों को दिशा और स्थिति समझने में दिक्कत हो रही है। इससे हादसों का खतरा और बढ़ गया है।
भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस तनाव के कारण करीब 20 भारतीय जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं।
IFC-IOR ने सभी जहाजों को सलाह दी है कि वे अपने सफर की जानकारी पहले से साझा करें और लगातार संपर्क में रहें। साथ ही, जहाजों को ज्यादा सतर्क रहने को कहा गया है, खासकर उन जगहों पर जहां उनकी गति सीमित होती है।
सुरक्षित विकल्प के तौर पर केप ऑफ गुड होप के रास्ते जाने की सलाह दी गई है, लेकिन इससे यात्रा लंबी और महंगी हो जाती है। कुछ तेल आपूर्ति पाइपलाइन और वैकल्पिक बंदरगाहों का भी उपयोग किया जा रहा है, लेकिन वहां भी खतरा बना हुआ है।

