Dhanbad : पूर्व मध्य रेलवे के धनबाद रेल मंडल ने हाथियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए अहम कदम उठाया है। बरकाकाना-बरवाडीह रेलखंड पर अब ट्रेनों की अधिकतम गति 25 किलोमीटर प्रति घंटा तय कर दी गई है, ताकि हादसों को रोका जा सके। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, खलारी क्षेत्र में अक्सर जंगली हाथियों के झुंड रेलवे ट्रैक पार करते हैं। इस कारण कई बार ट्रेन से टकराकर हाथियों की मौत हो चुकी है। इसी समस्या को देखते हुए इस इलाके को हाथी प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया है।
धनबाद रेल मंडल के डीआरएम अखिलेश मिश्र ने बताया कि धीमी गति से ट्रेन चलने पर लोको पायलट को समय रहते ट्रेन नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही इस रेलखंड पर ऑटोमेटिक अलार्म सिस्टम भी लगाया जा रहा है। यह सिस्टम हाथियों की मौजूदगी का संकेत मिलते ही ट्रेन चालकों और रेलवे कर्मचारियों को सतर्क करेगा, जिससे समय रहते सावधानी बरती जा सके। इस मौके पर एडीआरएम इंफ्रा अमित कुमार, सीनियर डीसीएम मनीष सौरभ और मोहम्मद इकबाल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह कदम मानव और वन्यजीवों के बीच टकराव कम करने की दिशा में उठाया गया है। भविष्य में ऐसे उपाय अन्य संवेदनशील रेलखंडों पर भी लागू किए जा सकते हैं। झारखंड में हाथियों का जंगल से बाहर निकलकर बस्तियों और रेलवे ट्रैक के पास आना एक गंभीर समस्या बन चुकी है। वन विभाग के अनुसार, हर साल हाथियों की मौत के कई मामले सामने आते हैं, जिनकी बड़ी वजह जंगलों का कम होना, खनन गतिविधियों का विस्तार और हाथी कॉरिडोर का बाधित होना है।

