Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट (JET) 2024 को लेकर अहम निर्देश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा है कि लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस (LIS) और फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (PES) विषयों को परीक्षा में शामिल करने के मुद्दे पर 12 सप्ताह के भीतर फैसला लिया जाए।
यह मामला दो याचिकाओं के जरिए कोर्ट पहुंचा था। याचिकाकर्ताओं ने JET 2024 की अधिसूचना में इन दोनों विषयों को शामिल नहीं किए जाने को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि वे इन विषयों में Postgraduate हैं, लेकिन परीक्षा में विषय नहीं होने के कारण वे संबंधित नौकरियों के लिए पात्र नहीं बन पा रहे हैं।
याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि राज्य में लाइब्रेरियन और फिजिकल एजुकेशन से जुड़े कई पद खाली हैं। इसके बावजूद इन विषयों को परीक्षा से बाहर रखना योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय है। उन्होंने यह भी कहा कि University Grants Commission (UGC) के नियमों के अनुसार इन पदों के लिए NET या JET जरूरी है, ऐसे में JET में विषय शामिल न करना अवसर कम करता है।
वहीं, राज्य सरकार और Jharkhand Public Service Commission (JPSC) ने कोर्ट में कहा कि JET का उद्देश्य असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति और पीएचडी में प्रवेश के लिए पात्रता तय करना है। उन्होंने बताया कि फिलहाल राज्य के विश्वविद्यालयों में इन विषयों के नियमित विभाग और पीएचडी कार्यक्रम नहीं हैं, इसलिए इन्हें शामिल नहीं किया गया।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति दीपक रौशन की पीठ ने कहा कि JET एक पात्रता परीक्षा है, जिसका मकसद योग्य उम्मीदवारों का चयन करना है। ऐसे में LIS और PES को बाहर रखने के लिए ठोस कारण होना चाहिए।
कोर्ट ने यह भी कहा कि अन्य विषयों के उम्मीदवारों को NET और JET दोनों का विकल्प मिलता है, जबकि इन विषयों के छात्रों को सिर्फ NET तक सीमित रखना समान अवसर के सिद्धांत के खिलाफ है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को इस पूरे मामले पर दोबारा विचार करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि JET 2024 की मौजूदा प्रक्रिया पर इसका असर नहीं पड़ेगा। अगर सरकार इन विषयों को शामिल करने का फैसला लेती है, तो अलग से आवेदन लेकर परीक्षा आयोजित की जा सकती है।
इस फैसले का स्वागत करते हुए Jharkhand Information and Library Association के मानद सचिव डॉ. संजय कुमार कर्ण ने कहा कि यह Library Science के छात्रों के लिए राहत भरी खबर है और लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की उम्मीद है।

