Mamata Banerjee : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने साफ कहा कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव नहीं हारी है, बल्कि उन्हें हराने की कोशिश की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के जरिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। ममता ने कहा कि नैतिक रूप से उनकी पार्टी ही विजेता है।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए उन्हें इस चुनाव का “विलेन” बताया। ममता बनर्जी ने ईवीएम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि मतदान के बाद मशीनों में इतनी अधिक बैटरी बची होना संदेह पैदा करता है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले विपक्षी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की गई और प्रशासनिक अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला किया गया।
ममता ने बीजेपी पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर काम किया। उन्होंने दावा किया कि वोटर लिस्ट से लाखों नाम हटाए गए, हालांकि कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद कुछ नाम फिर जोड़े गए।
मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि शुरुआती राउंड के बाद ही नतीजों को लेकर माहौल बनाया गया। ममता ने आरोप लगाया कि मतगणना केंद्रों पर उनके एजेंट्स के साथ मारपीट की गई और उन्हें बाहर कर दिया गया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि जब वह खुद मौके पर पहुंचीं, तो उन्हें अंदर जाने से रोका गया और उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। ममता बनर्जी ने कहा कि उस दौरान सीसीटीवी कैमरे भी बंद थे, जिससे पूरी घटना संदिग्ध लगती है।
विपक्षी एकता पर बात करते हुए ममता बनर्जी ने बताया कि कई बड़े नेताओं ने उनसे संपर्क किया और समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में INDIA गठबंधन को और मजबूत किया जाएगा। ममता ने खुद को अब “आज़ाद” बताते हुए कहा कि वह जनता के लिए काम करती रहेंगी।

