Ranchi : रांची में झारखंड के कथित शराब घोटाला मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चार्जशीट दाखिल न होने के कारण आरोपियों को लगातार जमानत मिल रही है।
मरांडी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह मामला देश के उन दुर्लभ मामलों में शामिल हो सकता है, जहां जांच एजेंसी की भूमिका ही सवालों के घेरे में है। उन्होंने पूछा कि पुख्ता सबूत होने के बावजूद केस आगे क्यों नहीं बढ़ रहा है। उनके अनुसार ACB ने अपनी जांच में बड़े घोटाले की पुष्टि की थी, कई अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए और मुख्यमंत्री के पूर्व सचिव की गिरफ्तारी भी हुई, फिर भी अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गई।
झारखंड का शराब घोटाला शायद देश के उन दुर्लभ मामलों में गिना जाएगा, जहाँ घोटाले की जांच करने वाली एजेंसी और उसके अधिकारी खुद जांच के घेरे में आएंगे। आखिर क्या वजह है कि पुख्ता सबूतों के बावजूद मामला आगे नहीं बढ़ रहा?
ACB ने खुद अपनी जांच में सैकड़ों-हजारों करोड़ के घोटाले की…
— Babulal Marandi (@yourBabulal) May 1, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि उत्पाद विभाग से सबूत मिटाने की कोशिश की गई, लेकिन आज के डिजिटल दौर में पूरी तरह साक्ष्य खत्म करना संभव नहीं है। डिजिटल और फॉरेंसिक जांच के जरिए सच्चाई सामने आ सकती है। मरांडी ने ACB की धीमी जांच प्रक्रिया को “रहस्यमयी” बताते हुए कहा कि भविष्य में इस पर उच्च स्तरीय एजेंसियां और अदालतें भी सवाल उठा सकती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जांच में लापरवाही या बाधा डालने वाले अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि झारखंड की जनता के पैसे की लूट करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि न्याय भले थोड़ा समय ले, लेकिन अंत में दोषियों को सजा जरूर मिलेगी।

