USA and Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए सीजफायर के बाद एक बार फिर तनाव बढ़ने के संकेत मिले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी में बड़ा धमाका हुआ है।
बताया जा रहा है कि यह रिफाइनरी लावन द्वीप पर स्थित है। लावन द्वीप फारस की खाड़ी में मौजूद एक रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इलाका है।
खास बात यह है कि लावन द्वीप ईरान के प्रमुख कच्चे तेल निर्यात टर्मिनलों में से एक माना जाता है। ऐसे में यहां हुआ धमाका वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।
सीजफायर के बाद भी बिगड़ते दिखे हालात
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही हालात फिर से तनावपूर्ण होते नजर आए थे।
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने सोशल मीडिया पोस्ट में चेतावनी दी थी कि अगर दक्षिणी लेबनान में गोलीबारी नहीं रुकी, तो ईरानी वायुसेना और मिसाइल यूनिट तेल अवीव पर हमले शुरू कर सकती है।
इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया था।
14 दिनों के लिए हुआ है संघर्ष विराम
डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष विराम समझौते के तहत ईरान के खिलाफ हमलों को दो हफ्तों के लिए सशर्त रोकने की घोषणा की थी। इस फैसले को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को फिर से खोलने के प्रयासों से भी जोड़ा गया है। ईरान ने भी इस प्रस्ताव को अस्थायी रूप से स्वीकार करने के संकेत दिए हैं।
ईरान ने भी सैन्य कार्रवाई रोकने की बात कही
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अगर ईरान पर हमले बंद हो जाते हैं, तो तेहरान भी अपनी सैन्य कार्रवाई रोक देगा।
ईरान ने यह भी कहा है कि जंग के दौरान हिज्बुल्लाह ने उसका साथ दिया है। अब ईरान का कहना है कि इजरायल को हिज्बुल्लाह के खिलाफ भी हमले रोकने होंगे।
सीजफायर के बीच बढ़ी वैश्विक चिंता
सीजफायर के बाद तेल रिफाइनरी में हुए इस धमाके ने एक बार फिर हालात को संवेदनशील बना दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव फिर बढ़ता है, तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, ऊर्जा कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर है कि सीजफायर कितने समय तक कायम रहता है और क्षेत्र में स्थायी शांति बनती है या नहीं।

