Dhanbad/Giridih : झारखंड के दो प्रमुख औद्योगिक शहर धनबाद और गिरिडीह के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी का रास्ता अब साफ होता नजर आ रहा है। रेलवे ने इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के लिए शुरुआती सर्वे को मंजूरी दे दी है, जिससे लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
करीब 50 किलोमीटर लंबी होगी नई रेल लाइन
प्रस्तावित योजना के तहत धनबाद से गिरिडीह के बीच लगभग 50 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी। इस परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 की पूर्व मध्य रेलवे की पिंक बुक में शामिल किया गया है। इसके तहत रिकानसेंस इंजीनियरिंग कम ट्रैफिक सर्वे (RCET) को मंजूरी दी गई है।
क्या है RCET सर्वे
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, RCET सर्वे किसी भी नई रेल परियोजना का पहला महत्वपूर्ण चरण होता है। इसमें यह आकलन किया जाता है कि प्रस्तावित रेल लाइन कितनी उपयोगी और व्यवहारिक है। साथ ही संभावित यात्री संख्या, माल ढुलाई, लागत, जमीन की स्थिति और तकनीकी पहलुओं का भी अध्ययन किया जाता है।
सर्वे रिपोर्ट के बाद आगे बढ़ेगा काम
इस सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा कि परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा या नहीं। यदि रिपोर्ट सकारात्मक रहती है, तो अगला चरण विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का होगा, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
लोगों और उद्योग को मिलेगा लाभ
नई रेल लाइन बनने से धनबाद और गिरिडीह के बीच यात्रा आसान हो जाएगी। अभी सीधी रेल सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। इसके अलावा कोयला और अन्य औद्योगिक सामान की ढुलाई भी तेज और आसान हो सकेगी, जिससे क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
लंबे समय से थी मांग
दोनों जिलों के बीच रेल कनेक्टिविटी की मांग लंबे समय से की जा रही थी। यह इलाका खनन और उद्योग के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है, लेकिन सीधी रेल सुविधा की कमी महसूस की जाती रही है। अब शुरुआती सर्वे को मंजूरी मिलने के बाद लोगों को उम्मीद है कि यह परियोजना जल्द ही जमीन पर उतर सकती है।

