Ranchi : झारखंड पर्यटन विकास निगम (JTDC) से जुड़े 10.40 करोड़ रुपये की अवैध निकासी और गबन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। ED ने इस वित्तीय वर्ष का पहला मामला दर्ज करते हुए जांच अपने हाथ में ले ली है। ED ने इस केस में निगम और बैंक के तत्कालीन अधिकारियों को आरोपी बनाया है। इनमें तत्कालीन लेखापाल सह कैशियर गिरजा प्रसाद सिंह, केनरा बैंक हटिया शाखा के तत्कालीन प्रबंधक अमरजीत कुमार और आलोक कुमार शामिल हैं। अब इस पूरे मामले की जांच मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत की जा रही है। साथ ही, पश्चिम बंगाल के कुछ संदिग्ध कारोबारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
फर्जी खाता खोलकर की गई हेराफेरी
जांच में सामने आया है कि इस घोटाले को बहुत योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। 21 जून 2023 को JTDC के तत्कालीन प्रबंध निदेशक के फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर केनरा बैंक की हटिया शाखा में एक अवैध खाता खोला गया। इसके बाद 13 अक्टूबर 2023 को इस फर्जी खाते में 10.40 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए गए।
कई खातों में भेजकर निकाली गई रकम
मिली जानकारी के अनुसार इस राशि को रांची और पतरातू के अलग-अलग निजी बैंक खातों में भेजा गया। ये खाते संदिग्ध लोगों के नाम पर थे। बाद में इन खातों से पैसे निकाल लिए गए, जिससे पूरे मामले में गड़बड़ी का खुलासा हुआ।
पहले दर्ज हुआ था पुलिस केस
यह मामला सबसे पहले रांची के धुर्वा थाने में दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने जांच सीआED को सौंप दी थी। इसके बाद एटीएस इस मामले की जांच कर रही थी। अब ED के जुड़ने से जांच और तेज हो गई है।

