Jharkhand Census 2026 : झारखंड सहित पूरे देश में जनगणना 2026 की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य में डिजिटल माध्यम से इसकी शुरुआत 1 मई 2026 से हो चुकी है। पहले चरण में 1 से 15 मई तक स्व-गणना (Self-enumeration) और 16 मई से 14 जून तक घर-घर सर्वेक्षण किया जाएगा।
शुरुआती दिनों में कम भागीदारी
शुरुआती छह दिनों में स्व-गणना की गति धीमी रही है। अब तक करीब 35 हजार लोगों ने ही Online डेटा भरा है। जिलों की बात करें तो रांची में सबसे ज्यादा 6041 लोगों ने स्व-गणना की है। दूसरे स्थान पर पूर्वी सिंहभूम (3049) है, जबकि लोहरदग्गा में सबसे कम 426 लोगों ने भाग लिया है।
निदेशक ने बताई वजह
जनगणना निदेशालय के निदेशक प्रभात कुमार ने कहा कि लोगों की उदासीनता नहीं, बल्कि काम को टालने की प्रवृत्ति इसकी मुख्य वजह हो सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अंतिम तिथि से पहले भागीदारी बढ़ेगी।
जागरूकता बढ़ाने के निर्देश
निदेशक ने सभी जिलों के उपायुक्तों को स्व-गणना में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण और पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
पोर्टल पूरी तरह सुरक्षित

उन्होंने स्पष्ट किया कि Portal में किसी तरह की तकनीकी समस्या नहीं है और यह 24 घंटे सुचारू रूप से काम कर रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह से बचें और अपनी जानकारी सुरक्षित तरीके से दर्ज करें।
स्व-गणना की प्रक्रिया
1 से 15 मई के बीच परिवार का मुखिया आधिकारिक पोर्टल (Mukhiya Official Portal) पर जाकर अपना और परिवार का डेटा दर्ज कर सकता है। 16 मई से 14 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर इसकी जांच करेंगे। साथ ही OTP किसी के साथ साझा नहीं करने और प्रगणक की पहचान जांचने की सलाह दी गई है।
33 सवालों के जरिए जुटेगी जानकारी
जनगणना में मकान, परिवार और सुविधाओं से जुड़े कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इसमें मकान की स्थिति, परिवार के सदस्यों की जानकारी, रसोई, ईंधन, बिजली, इंटरनेट और वाहन जैसी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी शामिल होगी।
दूसरा चरण 2027 में
जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें विस्तृत जनसंख्या (Broad population) गणना की जाएगी। सरकार ने लोगों से समय पर स्व-गणना पूरी करने की अपील की है, ताकि पूरी प्रक्रिया आसानी से पूरी हो सके।

