Jharkhand Fake Currency Case: झारखंड और बिहार में नकली नोट खपाने के मामले में आरोपी विप्लव घोष उर्फ पीपला को झारखंड हाई कोर्ट (HC) से जमानत मिल गई है। अदालत ने साक्ष्यों की कमी और आरोपी के पास से नकली नोट बरामद नहीं होने के आधार पर यह राहत दी।
GRP की कार्रवाई से खुला था मामला
मालूम हो कि यह मामला 13 अप्रैल 2025 को सामने आया था, जब Government Railway Police (GRP) ने बरहवा Railway Station पर कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को पकड़ा था। उनके पास से करीब 4.10 लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए थे, जो 500 रुपये के बंडलों में थे और पटना ले जाए जा रहे थे।
गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क का हुआ खुलासा
पुलिस ने इस मामले में लुधियाना के इंद्रप्रीत सिंह और तीर्थ सिंह को गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर विप्लव घोष उर्फ पीपला को पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि वह नकली नोटों को झारखंड और बिहार के बाजारों में खपाता था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में जांच National Investigation Agency (NIA) को सौंप दी गई थी। फिलहाल अदालत से जमानत मिलने के बाद मामले को लेकर फिर से चर्चा तेज हो गई है।

