Gumla Missing Girl case : झारखंड के गुमला जिले से वर्ष 2018 में लापता हुई 6 साल की बच्ची के मामले में Jharkhand High Court ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दो सप्ताह के भीतर जांच में ठोस प्रगति नहीं हुई, तो मामला सीबीआई को सौंपा जा सकता है।
कोर्ट ने जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान अदालत ने अब तक की जांच पर नाराजगी जताई। Court ने कहा कि बच्ची सितंबर 2018 से लापता है, लेकिन इतने लंबे समय के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका, जो गंभीर चिंता का विषय है।
DGP और SP से पूछताछ
सुनवाई के दौरान राज्य की DGP वर्चुअल माध्यम से कोर्ट में पेश हुईं और जांच की स्थिति की जानकारी दी। वहीं गुमला के SP से भी सीधे सवाल पूछे गए। कोर्ट ने पाया कि जांच में खास प्रगति नहीं हुई है।
दो हफ्ते में रिपोर्ट देने का निर्देश
न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि दो सप्ताह के भीतर विस्तृत और संतोषजनक Report पेश की जाए। कोर्ट ने साफ कहा कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो जांच CBI को दी जा सकती है।
मां ने दायर की याचिका
गुमला की रहने वाली चंद्रमुनि उराइन ने अपनी बेटी की बरामदगी के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इससे पहले कोर्ट को बताया गया था कि 2023 में मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) बनाया गया था।
SIT को नहीं मिली सफलता
SIT ने दिल्ली समेत कई जगहों पर जांच की और बच्ची की तस्वीरें भी प्रसारित कीं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। हालांकि, जांच के दौरान 9 अन्य लापता बच्चों को बरामद किया गया, लेकिन इस बच्ची का अब तक पता नहीं चल सका है।

