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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में टुसु मिलन समारोह का आयोजन, संस्कृति से जुड़ने का संदेश

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Organising Tusu Milan function : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के मोरहाबादी परिसर (Morabadi Campus) में एक दिवसीय ‘टुसु मिलन समारोह अखड़ा’ का आयोजन बड़े ही पारंपरिक और उत्साहपूर्ण माहौल में किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को झारखंड की लोक-संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना था।

कार्यक्रम की शुरुआत टुसु स्वरूप चैड़ल के स्वागत और स्थापना से हुई, जिसे पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न किया गया।

पारंपरिक विधि से हुआ टुसु स्वरूप का स्वागत

समारोह के दौरान एक भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई। यह यात्रा कुड़माली विभाग से प्रारंभ होकर विश्वविद्यालय परिसर से बाहर तक गई। शोभायात्रा में पारंपरिक वेशभूषा, लोक-संगीत और उत्साह देखते ही बन रहा था।

इसके बाद टुसु स्वरूप चैड़ल पर अतिथियों द्वारा पुष्पार्पण और चुमावन किया गया, जिससे पूरा वातावरण सांस्कृतिक रंग में रंग गया।

टुसु पर्व कृषि सभ्यता का प्रतीक

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलसचिव Dr. Dhananjay Vasudev Dwivediउपस्थित रहे।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि टुसु धान का स्वरूप है, और यह पर्व सीधे तौर पर कृषि से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने बताया कि टुसु पर्व हमारी कृषि सभ्यता और उसके विकास का प्रतीक है, जो हमें मेहनत, प्रकृति और परंपरा का महत्व समझाता है।

संस्कृति से जुड़े रहने का अवसर

वहीं, परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुचि संतोष बरवार ने कहा कि ऐसे पर्व पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहने का अवसर देते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ लोक-संस्कृति का संरक्षण बेहद जरूरी है।

कड़ाके की ठंड से राहत नहीं: रांची में 9 और 10 जनवरी तक स्कूल बंद

झारखंड की विशिष्ट पहचान है टुसु पर्व

हिंदी विभाग (Hindi Department) के विभागाध्यक्ष डॉ. जिंदर सिंह मुंडा ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि झारखंड को “12 महीने में 13 पर्व” की भूमि कहा जाता है।

टुसु पर्व यहां की भाषा, संस्कृति और सभ्यता की एक खास पहचान है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए। पूरे आयोजन में उत्साह, परंपरा और सांस्कृतिक एकता की झलक साफ नजर आई।

झारखंड सरकार पर आजसू का जोरदार हमला, हर मोर्चे पर विफल बताया

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AJSU strongly Attacks Jharkhand Government : झारखंड की वर्तमान सरकार को लेकर आजसू पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। AJSU पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो (Sudesh Mahato) ने कहा कि राज्य की मौजूदा सरकार पूरी तरह असफल साबित हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी हैं और युवाओं से किए गए वादे पूरे नहीं हुए हैं।

सरकार के पास न समाधान, न रोडमैप

सुदेश महतो बुढ़मू के तिरु फॉल में आयोजित आजसू पार्टी के कांके विधानसभा स्तरीय सम्मेलन और मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि नौकरी, नियोजन, पलायन और कानून-व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर सरकार कोई ठोस समाधान नहीं दे पाई है।

लाखों खाली पदों पर पारदर्शी नियुक्ति के लिए सरकार के पास कोई स्पष्ट योजना नहीं है, जिससे युवाओं का भविष्य अंधकार में चला गया है।

युवाओं और छात्रों की अनदेखी का आरोप

उन्होंने आगे कहा कि विस्थापन, पुनर्वास और छात्रवृत्ति जैसे गंभीर मुद्दों पर भी सरकार उदासीन बनी हुई है।

अंचल कार्यालय से लेकर पुलिस थानों तक प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हो गई है और अवैध व अनैतिक गतिविधियां आम बात हो गई हैं। नौकरशाही की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई।

आंदोलन को तेज करने का ऐलान

Sudesh Mahato ने साफ कहा कि AJSU पार्टी खेत-खलिहान से लेकर सरकारी दफ्तरों तक जनता की आवाज उठाएगी और हर मुद्दे पर संघर्ष करेगी।

संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने की तैयारी

इस मौके पर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने बताया कि AJSU पार्टी बूथ स्तर पर वैचारिक कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम तैयार कर रही है। राज्य की सभी 81 विधानसभा सीटों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके।

भ्रष्टाचार और तस्करी के गंभीर आरोप

पार्टी के महासचिव और हजारीबाग लोकसभा (Hazaribagh Lok Sabha) के पूर्व प्रत्याशी संजय मेहता ने कहा कि मौजूदा सरकार के पास न विजन है और न ही कोई ठोस रोडमैप। हर जिले में भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी संरक्षण में कोयला और बालू की तस्करी हो रही है।

छात्रवृत्ति और रोजगार पर सवाल

संजय मेहता ने बताया कि पिछले दो वर्षों से आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिली है, जिससे गरीब परिवारों के छात्र पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। 10 लाख नौकरियों का वादा भी खोखला साबित हुआ है।

सरकार को बताया हर मोर्चे पर विफल

उन्होंने कहा कि विस्थापन, नियोजन और मुआवजे की समस्याएं जस की तस हैं। आउटसोर्सिंग और निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत आरक्षण तथा OBC को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के वादे भी पूरे नहीं हुए। ऐसे में आजसू पार्टी झारखंड को बचाने की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ेगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सत्यनारायण मुंडा ने की। समापन ‘जय आजसू’ और ‘झारखंड हित’ के नारों के साथ उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ।

डबल इंजन सरकार पर राहुल गांधी का तीखा हमला

Rahul Gandhi’s Scathing Attack on the Double Engine Government: लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला।

उन्होंने BJP को “भ्रष्ट जनता पार्टी” बताते हुए कहा कि कई राज्यों में चल रही Double Engine सरकारों ने भ्रष्टाचार, सत्ता के दुरुपयोग और अहंकार के कारण आम लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है।

BJP सरकारों पर गंभीर आरोप

राहुल गांधी ने कहा कि BJP की Double Engine सरकारें विकास का दावा करती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।

उनके अनुसार, इन सरकारों की नीतियों का फायदा सिर्फ अमीरों और अरबपतियों को मिल रहा है, जबकि आम जनता परेशानियों से जूझ रही है।

उन्होंने कहा कि आम भारतीयों के लिए यह Double Engine नहीं, बल्कि “भ्रष्टाचार का इंजन” बन गया है।

X पर पोस्ट के जरिए हमला

राहुल गांधी ने Social Media Platform X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि देशभर में भाजपा की डबल इंजन सरकारों ने लोगों की जिंदगियों को बर्बाद कर दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि BJP की राजनीति में ऊपर से लेकर नीचे तक भ्रष्टाचार, सत्ता का दुरुपयोग और अहंकार फैल चुका है।

गरीब और मध्यम वर्ग की अनदेखी

उन्होंने कहा कि BJP के सिस्टम में गरीब, मजदूर, असहाय और मध्यम वर्ग सिर्फ आंकड़ों तक सीमित रह गए हैं। विकास के नाम पर जबरन वसूली और अवैध कमाई का एक पूरा तंत्र खड़ा कर दिया गया है, जिसका बोझ आम जनता पर पड़ रहा है।

अंकिता भंडारी और उन्नाव मामले का जिक्र

राहुल गांधी ने उत्तराखंड में अंकिता भंडारी की हत्या का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि आखिर भाजपा किस वीआईपी को बचाने की कोशिश कर रही है।

वहीं, उत्तर प्रदेश के उन्नाव दुष्कर्म मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश ने देखा कि कैसे सत्ता के अहंकार में अपराधियों को संरक्षण मिला और पीड़िता को न्याय पाने के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ी।

दूषित पानी और बढ़ती बीमारियां

उन्होंने Indore में दूषित पानी पीने से हुई मौतों का हवाला देते हुए कहा कि गुजरात, हरियाणा और दिल्ली से भी गंदे पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं।

राहुल गांधी के अनुसार, आज हर जगह बीमारी का डर बना हुआ है।

पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की लूट

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अरावली पर्वतमाला सहित कई प्राकृतिक क्षेत्रों में अरबपतियों के लालच के कारण नियमों को तोड़ा जा रहा है।

पहाड़ काटे जा रहे हैं, जंगल नष्ट हो रहे हैं और जनता को बदले में प्रदूषण, धूल और आपदाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि Narendra Modi की डबल इंजन सरकार का सच अब देश के सामने है।

ईरान में उग्र आंदोलन, 20 प्रांतों में विद्रोह, हालात बेकाबू

Violent Protests in Iran: ईरान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। देश के सर्वोच्च शासक Ayatollah Ali Khamenei को सत्ता से हटाने की मांग को लेकर 20 प्रांतों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है।

यह आंदोलन पिछले 14 दिनों से जारी है और अब हिंसक रूप ले चुका है।

रियाल की गिरावट से भड़का गुस्सा

यह विरोध 29 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ, जब ईरानी मुद्रा रियाल की कीमत में भारी गिरावट आई। सबसे पहले व्यापारियों ने तेहरान में प्रदर्शन किया।

बाद में Tehran University के छात्र भी आंदोलन में शामिल हो गए। धीरे-धीरे यह आंदोलन पूरे ईरान में फैल गया।

110 से ज्यादा शहरों में प्रदर्शन

मिली जानकारी के अनुसार देश के 110 से अधिक शहरों में बड़े स्तर पर प्रदर्शन हो रहे हैं। अब तक 400 से ज्यादा जगहों पर लोग सड़कों पर उतर चुके हैं।

हालात इतने खराब हो गए हैं कि कई इलाकों में प्रशासन का नियंत्रण कमजोर पड़ गया है।

सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान

हिंसक प्रदर्शन के दौरान अस्पतालों में तोड़फोड़ की गई है। 26 बैंकों में लूट की घटनाएं सामने आई हैं।

प्रदर्शनकारियों ने 25 मस्जिदों में आग लगा दी और 10 सरकारी इमारतों को जला दिया। इसके अलावा 24 से अधिक अपार्टमेंट को नुकसान पहुंचा है।

दमकल और बसों को भी नहीं छोड़ा

आगजनी की घटनाओं में 48 दमकल वाहनों और 42 बसों को जला दिया गया है। कई सड़कों पर आग लगाकर रास्ते बंद कर दिए गए। कॉलेज और University बंद कर दी गई हैं और देश के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं रोक दी गई हैं।

झड़पों में सैकड़ों की मौत

सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़पों में सिर्फ तेहरान में 217 लोगों की मौत की खबर है। सेना के 14 जवान भी मारे गए हैं। पुलिस ने अब तक करीब 2300 लोगों को हिरासत में लिया है।

कई बड़े शहरों में हिंसा

शुक्रवार रात को हालात और ज्यादा खराब हो गए। तेहरान के अलावा मशहद, कोम, इस्फ़हान, मशिरियेह, कजविन, बुशहर और वज्द जैसे शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए।

मेयर ने नुकसान की पुष्टि की

तेहरान के मेयर अलीरेज़ा ज़कानी ने सरकारी टीवी पर बताया कि शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि दो Medical Center और 26 बैंक लूटे गए हैं।

साथ ही 25 मस्जिदों को आग के हवाले किया गया है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की मिलिशिया बसीज के हेडक्वार्टर पर भी हमला हुआ है।

आर्थिक आंदोलन बना सत्ता विरोध

शुरुआत में यह आंदोलन महंगाई, बेरोजगारी और मुद्रा की गिरावट के खिलाफ था, लेकिन अब यह सीधे सत्ता और धार्मिक नेतृत्व के विरोध में बदल चुका है।

आजादी आसान नहीं थी, इतिहास से सीखना जरूरी, अजीत डोभाल

NSA Ajit Doval said On India’s independence : भारत की आजादी जितनी आज मजबूत और सुरक्षित दिखाई देती है, उतनी आसान कभी नहीं रही। हमारे देश को स्वतंत्र कराने के लिए पूर्वजों ने भारी बलिदान दिए, अपमान सहा और लंबे समय तक असहाय स्थिति में जीवन बिताया।

यह बात Ajit Doval ने दिल्ली में आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के उद्घाटन समारोह (Opening Ceremony) में कही।

आजादी की कीमत और बलिदान की याद

NSA अजीत डोभाल ने कहा कि भारत को आजादी बहुत कठिन संघर्ष के बाद मिली।

स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कई लोगों को फांसी दी गई, कई गांव जला दिए गए और हमारी सभ्यता को गहरा नुकसान पहुंचा। उन्होंने बताया कि हमारे मंदिरों को लूटा गया और उस समय देश के लोग कई बार असहाय होकर मूक दर्शक बने रहे।

इतिहास बदला नहीं, सबक सिखाता है

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इतिहास हमें यह सिखाता है कि “बदला” कोई आदर्श शब्द नहीं है, लेकिन यह एक शक्तिशाली भावना जरूर हो सकती है।

उनका कहना था कि हमें बदले की भावना नहीं, बल्कि अपने इतिहास से सीख लेकर देश को आगे बढ़ाना चाहिए।

हमें भारत को उस स्थान तक फिर से ले जाना है, जहां अपने अधिकारों, विचारों और विश्वासों के आधार पर एक महान राष्ट्र का निर्माण हो सके।

हमारी सभ्यता और हमारी सोच

अजीत डोभाल ने कहा कि भारत की सभ्यता (Civilization of India) बहुत उन्नत रही है। जब दुनिया के कई हिस्से पिछड़े हुए थे, तब भी भारत ने किसी दूसरे देश पर आक्रमण नहीं किया, न ही किसी के धर्मस्थल को नुकसान पहुंचाया।

लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हम कई बार अपनी सुरक्षा और खतरों को समझने में असफल रहे।

आने वाली पीढ़ियों के लिए सवाल

अपने भाषण के अंत में उन्होंने युवाओं से सवाल किया कि क्या हमने इतिहास से सही सबक सीखा है? क्या आने वाली पीढ़ियां इन बातों को याद रखेंगी?

उन्होंने कहा कि अगर भविष्य की पीढ़ियां इन सबकों को भूल गईं, तो यह देश के लिए सबसे बड़ी त्रासदी होगी।

9-सीटर विमान हादसा, सभी यात्री घायल

9-Seater Plane Crashes : ओडिशा में एक छोटा यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार इंडिया वन एयर का 9-सीटर विमान (VT-KSS) भुवनेश्वर से Rourkela की उड़ान पर था।

इस विमान में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें छह यात्री और एक पायलट शामिल थे। उड़ान के दौरान अचानक तकनीकी परेशानी आने के बाद विमान राउरकेला के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

राउरकेला से 15 किलोमीटर दूर हुआ हादसा

बताया जा रहा है कि यह विमान Rourkela से करीब 15 किलोमीटर दूर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हादसे में विमान का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त (Damaged) हो गया है।

इसके साथ ही विमान के दोनों पंखों को भी नुकसान पहुंचा है। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि Pilot सहित सभी सातों लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि सभी यात्री जीवित हैं।

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और राहत टीमें मौके पर पहुंच गईं।

सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, लेकिन वे चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

फिलहाल विमान के दुर्घटनाग्रस्त (Plane Crash) होने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

संबंधित एजेंसियां तकनीकी खराबी और अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही हैं। प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की सही वजह सामने आ पाएगी।

CM योगी का बड़ा संदेश, सनातन की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी

CM Yogi’s Big Message: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र स्थित खाक चौक में आयोजित जगदगुरु रामानंदाचार्य (Jagadguru Ramanandacharya) के जन्मोत्सव समारोह में सनातन धर्म की रक्षा का संकल्प दोहराया।

उन्होंने कहा कि आने वाला समय सनातन का है और पूरी दुनिया में इसका परचम लहराएगा।

सनातन को कमजोर करने की साजिश का आरोप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने अपने संबोधन में कहा कि देश के भीतर सनातन धर्म को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें की जा रही हैं।

उन्होंने लोगों को सावधान करते हुए कहा कि समाज को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहना जरूरी है। उनके अनुसार, ये ताकतें कभी भी आम जनता की भलाई नहीं चाह सकतीं।

धार्मिक जयकारों से गूंजा माघ मेला क्षेत्र

CM योगी ने अपने भाषण की शुरुआत “सियावर रामचंद्र की जय”, “सनातन धर्म की जय”, “भारत माता की जय”, “गंगा मां की जय” और “प्रयागराज व वेणीमाधव की जय” के नारों से की।

पूरे माघ मेला क्षेत्र में “हर-हर महादेव” के जयघोष सुनाई दे रहे थे, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

रामानंदाचार्य के संदेश को आज भी अपनाने की जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी धरती से जगदगुरु रामानंदाचार्य ने बंटे हुए समाज को एकजुट करने का प्रयास किया था। आज भी उसी तरह समाज को जोड़ने की जरूरत है ताकि देश मजबूत बन सके।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा का जिक्र

Yogi Adityanath ने बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर कोई आवाज नहीं उठा रहा है। उनका इशारा विपक्षी दलों की ओर था।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग खुद को सेकुलर बताते हैं, वे इस मामले में पूरी तरह चुप हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण को संत समाज की एकजुटता का परिणाम बताया।

एक करोड़ श्रद्धालुओं ने किया स्नान

CM योगी ने बताया कि माघ मेले में अब तक एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं, जो लोगों की गहरी आस्था को दर्शाता है।

संत समाज की रही विशेष मौजूदगी

इस जन्मोत्सव समारोह (Birthday Celebration) में स्वामी सतुआ बाबा महाराज, परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, बाघंबरी पीठ के पीठाधीश्वर बलबीर गिरि जी महाराज, अवधेश जी महाराज और कृपालु देवाचार्य जी सहित कई प्रमुख संत उपस्थित रहे।

DAV नेशनल वुशु चैंपियनशिप में रांची के प्रशांत का शानदार प्रदर्शन

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DAV National Wushu Championship : कांके प्रखंड के बालू गांव निवासी प्रशांत कुमार सिंह ने DAV नेशनल वुशु चैंपियनशिप (DAV National Wushu Championship) में शानदार प्रदर्शन करते हुए झारखंड के लिए सिल्वर मेडल जीत लिया है।

इस उपलब्धि के साथ ही उन्होंने न सिर्फ राज्य बल्कि अपने गांव और स्कूल का नाम भी रोशन किया है।

रायपुर में हुआ राष्ट्रीय स्तर का आयोजन

यह प्रतिष्ठित चैंपियनशिप छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम (Balbir Singh Juneja Indoor Stadium) में आयोजित की गई थी।

प्रतियोगिता में DAV ग्रुप के करीब 900 स्कूलों से चुने गए 45 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रशांत ने अंडर-19 वर्ग में झारखंड टीम का प्रतिनिधित्व किया|

अंडर-19 वर्ग में दमदार खेल, झारखंड बना रनर-अप

प्रशांत के बेहतरीन खेल की बदौलत झारखंड की टीम पूरे टूर्नामेंट में रनर-अप रही। व्यक्तिगत प्रदर्शन में प्रशांत ने सिल्वर मेडल जीतकर एक खास कीर्तिमान अपने नाम किया।

उनके खेल में तकनीक, फुर्ती और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।

फाइनल तक का सफर रहा बेहद रोमांचक

अंडर-19 वर्ग में प्रशांत ने पूल मुकाबलों से लेकर सेमीफाइनल तक अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों को पराजित किया।

फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहां उन्होंने आखिरी क्षण तक शानदार खेल दिखाया, लेकिन मामूली अंकों के अंतर से सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

किसान का बेटा बना राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी

प्रशांत के पिता रणधीर सिंह एक किसान हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद प्रशांत ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।

बालू जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय मंच पर पहुंचना उनकी संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक कहानी को दर्शाता है।

स्कूल और गांव में खुशी की लहर

प्रशांत की इस ऐतिहासिक सफलता पर DAV नीरजा सहाय पब्लिक स्कूल में खुशी का माहौल है।

विद्यालय के प्राचार्य, खेल शिक्षक और समस्त स्टाफ ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। वहीं बालू गांव सहित पूरे कांके प्रखंड में लोगों ने गर्व और खुशी जाहिर की है।

युवाओं के लिए बने प्रेरणा

प्रशांत कुमार सिंह की यह उपलब्धि ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए एक मजबूत संदेश है कि मेहनत और लगन से किसी भी मंच तक पहुंचा जा सकता है। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।

भुवनेश्वर में गुप्त ऑपरेशन, अवैध रूप से रह रहीं दो बांग्लादेशी महिलाएं हिरासत में

Covert Operation in Bhubaneswar : भुवनेश्वर में पुलिस ने एक अहम गुप्त अभियान (Secret Operation) के तहत दो बांग्लादेशी महिलाओं को हिरासत में लिया है।

यह कार्रवाई 8 और 9 जनवरी को की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन पूरी तरह खुफिया जानकारी पर आधारित था और बिना किसी शोर-शराबे के अंजाम दिया गया।

लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिला खास इनपुट

इस पूरे मामले की शुरुआत लखनऊ स्थित मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) से मिली विशिष्ट सूचना से हुई।

इनपुट में बताया गया था कि कुछ बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से भुवनेश्वर में रह रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस को सतर्क किया गया।

महिला पुलिस स्टेशन की त्वरित कार्रवाई

खुफिया जानकारी मिलते ही भुवनेश्वर के महिला पुलिस स्टेशन की टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। जांच और निगरानी के बाद दोनों महिलाओं को शहर के अलग-अलग इलाकों से पकड़ा गया।

गिरफ्तारी के समय किसी तरह का विरोध नहीं हुआ।

कोई वैध पासपोर्ट या वीजा नहीं

पुलिस जांच में यह साफ हुआ कि हिरासत में ली गई दोनों महिलाओं के पास भारत में रहने के लिए कोई Valid Passport या वीजा नहीं था।

इसके बावजूद वे लंबे समय से यहां रह रही थीं, जो भारतीय कानून का उल्लंघन है।

फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल

जांच के दौरान एक और गंभीर बात सामने आई। दोनों महिलाएं भारतीय नामों से बने फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रही थीं।

इन नकली दस्तावेजों के जरिए वे भुवनेश्वर और ओडिशा के अन्य हिस्सों में अपनी पहचान छिपाकर रह रही थीं।

अन्य गलत गतिविधियों में शामिल होने की आशंका

सूत्रों के मुताबिक, ये महिलाएं कुछ अवैध और गलत गतिविधियों में भी शामिल थीं। हालांकि, रिपोर्ट में उनकी गतिविधियों का पूरा विवरण साझा नहीं किया गया है।

पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस पहलू पर गहराई से जांच कर रही हैं।

ओडिशा पुलिस को मिली एक और सफलता

यह कार्रवाई Odisha Police और खुफिया एजेंसियों के लगातार प्रयासों का नतीजा मानी जा रही है। राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।

स्टेट होल्डिंग सेंटर भेजा गया

कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों महिलाओं को कटक जिले के अथगढ़ स्थित स्टेट होल्डिंग सेंटर, अथगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई संबंधित एजेंसियों द्वारा की जाएगी।

I-PAC पर ED रेड मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, ममता सरकार ने दायर किया कैविएट

ED raid on I-PAC Reaches Supreme Court : कोलकाता में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC पर हुई ईडी रेड का मामला अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक पहुंच गया है।

इस पूरे मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की है।

कैविएट के जरिए ममता सरकार ने यह मांग की है कि अगर प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस केस में सुप्रीम कोर्ट में कोई याचिका दायर करती है, तो तृणमूल कांग्रेस (TMC) का पक्ष सुने बिना अदालत कोई आदेश न दे।

क्या है कैविएट और क्यों किया गया दायर

Caveat एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसके तहत कोई पक्ष पहले ही अदालत को बता देता है कि यदि उसके खिलाफ कोई मामला आए, तो उसकी बात सुने बिना कोई फैसला न किया जाए।

ममता सरकार ने यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया है, क्योंकि इस मामले में ED पहले से ही आक्रामक रुख अपनाए हुए है।

ED ने सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया दरवाजा

जैसा कि पहले से अनुमान लगाया जा रहा था, ED ने इस मामले को लेकर अब Supreme Court का रुख किया है। इससे पहले ईडी ने Kolkata High Court में याचिका दायर की थी, जिस पर 14 जनवरी को सुनवाई होनी है।

सुनवाई में देरी को देखते हुए ED ने अब अनुच्छेद-32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।

हाई कोर्ट में पहले से आमने-सामने हैं ED और TMC

इस I-PAC रेड मामले में ED और तृणमूल कांग्रेस दोनों ही पहले से कोलकाता हाई कोर्ट में एक-दूसरे के खिलाफ याचिकाएं दाखिल कर चुके हैं।

ED ने अपनी याचिका में बंगाल पुलिस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया है।

वहीं TMC ने कोर्ट से ईडी की कार्रवाई को गैर-कानूनी घोषित करने और पार्टी के गोपनीय दस्तावेज तुरंत वापस करने की मांग की है।

ED के खिलाफ सड़कों पर उतरीं ममता बनर्जी

इस मामले को लेकर ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने जादवपुर से हाजरा क्रॉसिंग तक मार्च निकाला।

ममता ने आरोप लगाया कि ED भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिक औजार के रूप में काम कर रही है।

I-PAC दफ्तर पर ED की रेड से मचा सियासी घमासान, मोदी सरकार पर बरसीं ममता बनर्जी

“मैंने कोई गैर-कानूनी काम नहीं किया”

विरोध मार्च के बाद हुई रैली में Mamata Banerjee ने कहा कि उन्होंने रेड वाली जगह पर तृणमूल कांग्रेस की Chairperson के रूप में दखल दिया था, न कि मुख्यमंत्री के तौर पर।

उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने कुछ भी गैर-कानूनी नहीं किया है और ED पर पार्टी की अंदरूनी रणनीति चुराने का आरोप भी लगाया।