मिडिल ईस्ट जंग से दुनिया में हाहाकार, तेल-गैस संकट के बीच ट्रंप पर युद्ध खत्म करने का दबाव

Middle East War: मिडिल ईस्ट में चल रही जंग की आंच अब पूरी दुनिया में महसूस की जा रही है। यह टकराव अब सिर्फ ईरान और अमेरिका-इजरायल तक सीमित नहीं रह गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि पूरी दुनिया पर इसका असर पड़ रहा है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हो रही है। कई देशों में ईंधन को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी वजह से अमेरिका पर अब युद्ध खत्म करने का दबाव भी बढ़ता जा रहा है।

ट्रंप के सलाहकारों में ‘जीत’ की घोषणा को लेकर बहस

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकारों के बीच इस बात पर बहस चल रही है कि ईरान पर “जीत” की घोषणा कब और किस तरह की जाए।
व्हाइट हाउस के अंदर युद्ध की रणनीति और जनता के सामने दिए जाने वाले संदेश को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ अधिकारी मानते हैं कि बढ़ती पेट्रोल कीमतें अमेरिका की घरेलू राजनीति को प्रभावित कर सकती हैं।

अमेरिकी प्रशासन के अंदर चार मुद्दों पर मतभेद

बताया जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन के भीतर चार अहम मुद्दों पर मतभेद हैं। आर्थिक मामलों से जुड़े अधिकारी चेतावनी दे रहे हैं कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से युद्ध के लिए जनता का समर्थन कम हो सकता है।

वहीं कुछ राजनीतिक सलाहकारों का मानना है कि जीत को सीमित तरीके से परिभाषित किया जाए और सैन्य अभियान को खत्म होने के करीब बताया जाए। इस समूह में ट्रंप की चीफ ऑफ स्टाफ सुजी वाइल्स का नाम भी शामिल बताया जा रहा है।

कुछ नेता चाहते हैं ईरान पर सैन्य दबाव जारी रहे

दूसरी ओर अमेरिका के कुछ कड़े रुख वाले नेता ईरान पर सैन्य दबाव जारी रखने की बात कर रहे हैं। रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और टॉम कॉटन का मानना है कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई जारी रहनी चाहिए।

हालांकि ट्रंप के कुछ सहयोगी, जैसे स्टीव बैनन और टकर कार्लसन, मिडिल ईस्ट में लंबे समय तक चलने वाले युद्ध से बचने की सलाह दे रहे हैं।

2003 के इराक युद्ध के बाद सबसे बड़ा सैन्य अभियान

यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और इसे 2003 के इराक युद्ध के बाद अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अभियान माना जा रहा है। इस संघर्ष का असर सीधे वैश्विक तेल बाजार पर पड़ रहा है।

ट्रंप के अलग-अलग बयान से बढ़ी चर्चा

खुद ट्रंप भी इस जंग को लेकर अलग-अलग बयान दे चुके हैं। एक रैली में उन्होंने कहा कि अमेरिका युद्ध जीत चुका है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अभी काम पूरा करना बाकी है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप एक तरफ सख्त रुख रखने वालों को संतुष्ट करना चाहते हैं और दूसरी तरफ बाजार को यह संदेश देना चाहते हैं कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है।

व्हाइट हाउस ने रिपोर्ट को बताया अटकलें

हालांकि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने इन रिपोर्टों को अटकल बताते हुए खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि ट्रंप प्रशासन अभी भी ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के लक्ष्यों को हासिल करने पर ध्यान दे रहा है।

होर्मुज में ईरान की कार्रवाई से बढ़ी चिंता

उधर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की गतिविधियों ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पेंटागन ने ईरान की इस जलमार्ग को बंद करने की तैयारी और क्षमता का सही अंदाजा नहीं लगाया था।

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