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क्या है कौंच बीज और क्यों हो रहा है इतना पॉपुलर?

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What is Kaunch Seed : आजकल युवाओं और पुरुषों के बीच देसी जड़ी-बूटियों (Herbs) को लेकर फिर से दिलचस्पी बढ़ रही है।

खासकर वे लोग जो जल्दी थक जाते हैं, जिनमें कमजोरी रहती है या काम के दौरान एनर्जी जल्दी खत्म हो जाती है, वे अब आयुर्वेदिक उपायों की तरफ लौट रहे हैं।

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आयुर्वेदिक जानकारों के मुताबिक, सही तरीके और सही मात्रा में ली गई कुछ जड़ी-बूटियां शरीर में जोश, ताकत और Activeness बढ़ाने में मदद कर सकती हैं। इन्हीं में से एक है कौंच बीज, जिसे पुराने समय से देसी ताकत बढ़ाने वाला उपाय माना जाता रहा है।

जल्दी थक जाते हैं? ये देसी बीज बढ़ा सकता है ताकत और स्टैमिना

आयुर्वेद की किताबों में कौंच बीज का जिक्र बहुत पहले से मिलता है। जानकार बताते हैं कि इसमें ऐसे प्राकृतिक तत्व होते हैं जो नसों को मजबूत करने और शरीर की अंदरूनी ताकत को Support करने में मदद करते हैं।

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पहले ये ज्यादा तर गांवों में इस्तेमाल होता था, लेकिन अब शहरों में भी लोग इसे अपनी रोज की दिनचर्या में शामिल करने लगे हैं। वजह साफ है, लोग बिना केमिकल के ताकत बढ़ाने के देसी तरीके ढूंढ रहे हैं।

पुरुषों के लिए क्यों माना जाता है खास?

आयुर्वेद चिकित्सक Dr. Ramesh Sharma के मुताबिक, कौंच बीज को खासतौर पर पुरुषों की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसके नियमित और सीमित सेवन से स्टैमिना बढ़ने, थकान कम होने और शरीर में जोश आने जैसे फायदे महसूस किए जाते हैं।

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हालांकि Doctor यह भी साफ कहते हैं कि इसका असर हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। उम्र, खानपान, नींद और Lifestyle पर बहुत कुछ निर्भर करता है। इसलिए इसे कोई जादुई दवा नहीं, बल्कि शरीर को सपोर्ट करने वाला उपाय समझना चाहिए।

कैसे और कितने दिन तक लेना सही माना जाता है?

लोक अनुभव और आयुर्वेदिक परंपरा के अनुसार, कौंच बीज का चूर्ण आधा चम्मच मात्रा में रात को दूध या गुनगुने पानी के साथ लिया जाता है।

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कुछ लोग इसे 20 से 30 दिन तक लेते हैं और फिर कुछ दिन का ब्रेक रखते हैं ताकि शरीर पर ज्यादा दबाव न पड़े।

ध्यान रखने वाली बात ये है कि यह तरीका किसी Medical पर्चे पर आधारित नहीं है, बल्कि पारंपरिक अनुभवों से चला आ रहा है। इसलिए शुरू करने से पहले डॉक्टर से पूछ लेना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

किन लोगों को सावधान रहना चाहिए?

डॉक्टरों का कहना है कि हाई Blood Pressure, Sugar, दिल की बीमारी या किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को बिना सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए। जिनका पेट जल्दी खराब हो जाता है, उन्हें बहुत कम मात्रा से शुरुआत करनी चाहिए।

गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली माताओं को भी इससे दूर रहने की सलाह दी जाती है। किसी भी देसी नुस्खे को अपनाने से पहले अपनी सेहत को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।

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फायदा तभी, जब सही तरीके से लिया जाए

Dr. Ramesh Sharma का कहना है कि कौंच बीज जैसी जड़ी-बूटियां शरीर को Support कर सकती हैं, लेकिन इन्हें किसी बीमारी का इलाज नहीं समझना चाहिए। गलत तरीके या ज्यादा मात्रा में लेने से फायदा होने की जगह नुकसान भी हो सकता है।

इसलिए अगर आप इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहते हैं, तो पहले किसी Ayurvedic Doctor से सलाह लेना ही सबसे समझदारी वाला कदम होगा।

ट्रंप जाएंगे तो सब ठीक हो जाएगा? भारत को इस गलतफहमी से बाहर निकलना होगा!

US relations with India : भारत में कई लोग मानते हैं कि जब तीन साल बाद डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) राष्ट्रपति पद से हटेंगे, तब America का अगला राष्ट्रपति भारत के साथ रिश्ते सुधार लेगा। लेकिन सच ये है कि यह सोच खुद को दिलासा देने जैसी है।

ट्रंप 2.0 के दौरान अमेरिका ने जानबूझकर भारत पर दबाव बनाया, 50 फीसदी तक Tariff लगाया, पाकिस्तान के Army Chief Asim Munir को खुला समर्थन दिया और कई मौकों पर दक्षिण एशिया में भारत को नजरअंदाज कर पाकिस्तान को तरजीह दी गई।

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कुछ लोग इसे ट्रंप का मोलभाव करने का तरीका मानते हैं, कुछ इसे उनका घमंड कहते हैं और कुछ इसे नोबेल प्राइज की चाह से जोड़ते हैं, लेकिन ट्रंप को हल्के में लेना सबसे बड़ी गलती होगी।

ट्रंप सिर्फ सख्त नहीं, सिस्टम तोड़ने वाले नेता हैं

इसमें कोई शक नहीं कि देशों के रिश्तों में नेताओं की सोच और स्वभाव का बड़ा रोल होता है। ट्रंप इसे बार-बार साबित कर चुके हैं।

वो देशों की बराबरी में भरोसा नहीं रखते, बल्कि अपने फायदे के लिए दबाव, धमकी और सौदेबाजी सब कुछ करते हैं।

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अपने देश के अंदर भी उन्होंने सख्त और विवादित फैसले लिए हैं।

अवैध प्रवासियों को हथकड़ी लगाकर भारत भेजना, फेडरल रिजर्व के चेयरमैन और राज्य के गवर्नर पर जांच बैठाना, ये सब दिखाता है कि Trump सत्ता के संतुलन जैसी चीजों की ज्यादा परवाह नहीं करते, जबकि यही अमेरिकी सिस्टम की बुनियाद मानी जाती है।

क्या ट्रंप ही अमेरिका की असली सोच दिखा रहे हैं?

Kalinga Institute of Indo-Pacific Studies के फाउंडर चिंतामनि महापात्रा ने एक लेख में लिखा है कि ट्रंप की सोच सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है।

दुनिया की सबसे ताकतवर कुर्सी पर बैठकर वो दूसरे देशों को बराबरी का नहीं, बल्कि दबाव में रखने वाला मानते हैं।

उन्होंने Africa को किनारे कर दिया, यूरोप से दूरी बनाई और लैटिन अमेरिका पर फिर से पकड़ मजबूत करने की कोशिश की।

भारत-प्रशांत इलाके में भी वो अपनी शर्तों पर ही रिश्ते रखना चाहते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि पहले के अमेरिकी राष्ट्रपति ये सब पर्दे के पीछे करते थे, ट्रंप इसे खुलेआम कर रहे हैं।

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दुनिया के नेताओं का खुलेआम मजाक और दबाव की राजनीति

पिछले एक साल में Trump ने Ukraine के राष्ट्रपति जेलेंस्की को व्हाइट हाउस में झिड़का, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति का अपमान किया, फ्रांस के राष्ट्रपति का मजाक उड़ाया, ग्रीनलैंड पर दावा ठोक दिया और यहां तक कह दिया कि वेनेजुएला का भविष्य अमेरिका तय करेगा।

ये सब दिखाता है कि America अब भी खुद को दुनिया का मालिक समझने की सोच में फंसा हुआ है, लेकिन फर्क ये है कि अब दुनिया में और भी ताकतें उभर चुकी हैं जो अमेरिका को खुली चुनौती दे रही हैं।

फिर भारत ही क्यों बन रहा है आसान निशाना?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि America भारत के साथ रिश्ते क्यों बिगाड़ रहा है, जबकि दोनों देशों ने पिछले 20–25 साल में काफी नजदीकी बनाई थी। विशेषज्ञ मानते हैं कि इसके पीछे दो बड़ी वजहें हैं।

पहली वजह ये कि Trump ऐसे नेताओं को पसंद नहीं करते जो अपने इलाके में मजबूत पकड़ रखते हों। उन्हें लगता है कि ऐसे नेता उनके Global Agenda में रुकावट बन सकते हैं।

चीन और रूस के नेताओं को वो कंट्रोल नहीं कर पाए, लेकिन भारत कई मामलों में अब भी अमेरिका पर निर्भर है, इसलिए यहां दबाव बनाना उन्हें आसान लगता है।

इसके अलावा PM मोदी की लोकप्रियता भी ट्रंप को खटकती है, इसलिए भारत की अर्थव्यवस्था को कमजोर बताना, अवैध प्रवासियों को हथकड़ी में भेजना और वीजा नियम सख्त करना जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, जो चीन या रूस के साथ नहीं किए जाते।

ट्रंप के बाद भी नीति बदलेगी, इसकी गारंटी नहीं

दूसरी और शायद सबसे अहम बात ये है कि ट्रंप के बाद जो भी America का राष्ट्रपति बनेगा, वो बहुत हद तक इसी नीति को आगे बढ़ाएगा।

वजह साफ है, अमेरिका किसी भी हाल में ऐसा भारत नहीं देखना चाहता जो रणनीतिक तौर पर बहुत मजबूत और आत्मनिर्भर हो जाए।

इसलिए भारत को यह मानकर चलना होगा कि सिर्फ चेहरे बदलने से नीतियां नहीं बदलेंगी।

भारत को अपनी विदेश नीति और आर्थिक रणनीति इस तरह बनानी होगी कि वह अमेरिका पर जरूरत से ज्यादा निर्भर न रहे और अपने हित खुद सुरक्षित कर सके।

बिना चलाए ही खत्म हो रही है फोन की बैटरी? बस ये सेटिंग में करना होगा चेंज

These Settings will Increase the Battery Life of Your Phone : कई लोगों की शिकायत रहती है कि फोन हाथ में लिए बिना ही बैटरी 10–20 फीसदी गिर जाती है।

खासकर रात में, जब Phone Table पर पड़ा रहता है और सुबह उठते ही बैटरी काफी कम मिलती है।

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कुछ समय पहले तक मेरे साथ भी यही हो रहा था, लेकिन कुछ आसान सेटिंग बदलने के बाद Battery Drain की दिक्कत काफी हद तक खत्म हो गई। अब फोन पहले से कहीं ज्यादा बैकअप दे रहा है।

बैकग्राउंड में चल रहे Apps बन रहे थे सबसे बड़े विलेन

सबसे पहले मैंने उन ऐप्स पर ध्यान दिया जो बिना बताए बैकग्राउंड में चलते रहते हैं। ये Apps बार-बार अपडेट होते रहते हैं, Notification भेजते हैं और Processor को लगातार काम में लगाए रखते हैं।

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मैंने सेटिंग्स में जाकर ज्यादातर ऐप्स की Background Activity बंद कर दी। अब ये ऐप्स सिर्फ तभी काम करते हैं जब मैं खुद उन्हें खोलता हूं। इस एक बदलाव से ही बैटरी का गिरना काफी कम हो गया।

Auto Brightness बंद करने से नहीं, चालू रखने से बची बैटरी

कई जगह कहा जाता है कि Auto Brightness बंद कर दो तो बैटरी बचेगी, लेकिन मेरे केस में इसका उल्टा हुआ। मैं ब्राइटनेस बढ़ाकर फोन चलाता था और बाद में कम करना भूल जाता था।

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नतीजा ये कि स्क्रीन जरूरत से ज्यादा तेज जलती रहती थी और Battery तेजी से गिरती थी। फिर मैंने Auto Brightness वापस ऑन कर दी, ताकि फोन खुद ही रोशनी के हिसाब से Brightness Set करे।

इसके बाद बैटरी ड्रेन काफी कंट्रोल में आ गया।

Always On Display देखने में कूल, लेकिन बैटरी का दुश्मन

Always On Display फीचर देखने में अच्छा लगता है, लेकिन यही फीचर धीरे-धीरे बैटरी खाता रहता है। पहले मैंने इसे पूरी तरह बंद करने का सोचा, लेकिन फिर एक बीच का रास्ता निकाला।

मैंने सेटिंग कर दी कि स्क्रीन सिर्फ Notification आने पर ही ऑन हो। इससे जरूरी जानकारी भी दिख जाती है और बैटरी भी बेवजह खर्च नहीं होती।

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वाई-फाई, ब्लूटूथ और लोकेशन हमेशा ऑन रखना पड़ रहा था भारी

मेरी सबसे बड़ी गलती यही थी कि जरूरत हो या न हो, वाई-फाई, ब्लूटूथ और लोकेशन हमेशा ऑन रहते थे। ये तीनों Feature Background में लगातार काम करते रहते हैं और बैटरी को चुपचाप खत्म कर देते हैं।

अब मैं इस्तेमाल न होने पर इन्हें बंद कर देता हूं और रात में तो खासकर सब ऑफ रखता हूं। इसके बाद से रात भर में बैटरी गिरना लगभग बंद हो गया है।

अपडेट टालना भी बैटरी के लिए नुकसानदायक

पहले मैं फोन के Update को अक्सर नजरअंदाज कर देता था। बाद में पता चला कि कई Update Battery से जुड़े बग्स को ठीक करने के लिए भी आते हैं।

जब से मैंने समय पर Software Update करना शुरू किया है, तब से फोन की Performance के साथ-साथ Battery Backup भी बेहतर हो गया है।

अमेरिका में जबरदस्त ठंड और बर्फ से हालात बिगड़े, आधी आबादी घरों में कैद

Extreme Cold in America : America के बड़े हिस्से में जबरदस्त ठंड और भारी बर्फबारी (Heavy Snowfall) से हालात काफी खराब हो गए हैं।

कई जगहों पर सड़कें जाम हो गई हैं, बिजली Supply ठप हो गई है और लोगों को घरों में ही रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। करीब 19 करोड़ लोग इस ठंड और बर्फ के असर में फंसे हुए हैं और 20 से ज्यादा राज्यों में इमरजेंसी लगा दी गई है।

कई राज्यों में कड़ाके की ठंड, तापमान माइनस में पहुंचा

Media Report के मुताबिक देश के 37 राज्यों में ठंड को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। रॉकी इलाके से लेकर न्यू इंग्लैंड तक बर्फ गिर रही है और तेज ठंडी हवा चल रही है।

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कई जगहों पर ठंड इतनी ज्यादा है कि तापमान माइनस 20 से माइनस 30 डिग्री तक महसूस किया गया, जो आम दिनों से काफी कम है।

टेक्सस और लुइसियाना में बिजली संकट, हजारों घर अंधेरे में

ठंड और बर्फ की वजह से बिजली की लाइनें टूट गईं और कई इलाकों में सप्लाई बंद हो गई।

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Texas में 57 हजार से ज्यादा घरों की बिजली गुल हो गई, जबकि Louisiana में 45 हजार से ज्यादा घर और दफ्तर बिना बिजली के रहे। सबसे ज्यादा दिक्कत Louisiana के उत्तरी इलाकों में देखी गई।

फ्लाइट्स भी रद्द, एयरपोर्ट पर फंसे यात्री

मौसम खराब होने से Air Travel पर भी बड़ा असर पड़ा। वीकेंड में पूरे अमेरिका में 14 हजार से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं।

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अधिकारियों का कहना है कि यह मौसम के चलते उड़ानों के लिहाज से सबसे खराब दिनों में से एक रहा। Dallas-Fort Worth, Charlotte और Nashville Airport सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।

20 से ज्यादा राज्यों में इमरजेंसी, दफ्तर बंद, ट्रांसपोर्ट पर असर

Texas, New York, New Jersey, Pennsylvania, Georgia, Virginia और कई दूसरे राज्यों में इमरजेंसी लगा दी गई है।

Washington DC में भी दफ्तर बंद कर दिए गए हैं और लोगों को घर से काम करने को कहा गया है। न्यू जर्सी में एहतियात के तौर पर Public Transport भी रोक दिया गया।

अमेरिका ने दिखाई ताकत, रूस-चीन को सीधी चुनौती

ट्रंप ने दी फेडरल मदद की मंजूरी, लोगों से सावधानी बरतने की अपील

राष्ट्रपति Donald Trump ने कई राज्यों के लिए फेडरल मदद को मंजूरी दे दी है ताकि राहत और बचाव का काम तेज किया जा सके।

Homeland Security Secretary Kristi Noem ने लोगों से कहा है कि वे अपने इलाके के प्रशासन की बात मानें और जब तक जरूरी न हो, सफर न करें।

अगले हफ्ते से कुछ राहत की उम्मीद, लेकिन ठंड अभी रहेगी

मौसम विभाग का कहना है कि अगले हफ्ते से हालात धीरे-धीरे बेहतर हो सकते हैं, लेकिन New England और Great Lakes के पास के इलाकों में अभी कुछ दिन और ठंड और बर्फ बनी रह सकती है।

लोगों को कहा गया है कि वे खाने-पीने और हीटिंग की व्यवस्था पहले से करके रखें।

रिटायरमेंट से एक दिन पहले DGP?, केंद्र ने झारखंड सरकार से मांगा जवाब

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Union Home Ministry Objectation: झारखंड में DGP की नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले 30 दिसंबर को तदाशा मिश्रा को DGP बनाए जाने पर केंद्रीय गृह मंत्रालय (Union Home Ministry) ने आपत्ति जताई है और इसे नियमों के खिलाफ बताया है।

गृह मंत्रालय का सख्त पत्र, नियुक्ति को बताया असंवैधानिक

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 13 जनवरी को झारखंड सरकार को पत्र भेजकर DGP की इस नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं।

मंत्रालय ने अपने पत्र में साफ कहा है कि तदाशा मिश्रा को 31 दिसंबर 2025 से सेवानिवृत्त (Retired) माना जाना चाहिए और 30 दिसंबर को DGP बनाया जाना संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है।

मंत्रालय ने यह भी कहा है कि झारखंड में पिछले तीन बार DGP की नियुक्ति तय नियमों और Supreme Court के निर्देशों के मुताबिक नहीं की गई।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल, अनुराग गुप्ता की नियुक्ति पर भी थी आपत्ति

यह पहला मौका नहीं है जब केंद्र ने झारखंड में DGP नियुक्ति पर आपत्ति जताई हो। इससे पहले अनुराग गुप्ता को DGP बनाए जाने पर भी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से आपत्ति जताई थी और प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे।

बाबूलाल मरांडी के पत्र के बाद बढ़ा मामला

इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा जब 7 जनवरी को नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को पत्र लिखा।

उन्होंने बताया कि 6 नवंबर 2025 को अनुराग गुप्ता के इस्तीफे के बाद तदाशा मिश्रा को प्रभारी DGP बनाया गया था, जबकि उनकी सेवा अवधि सिर्फ दो महीने की बची थी।

Marandi ने यह भी आरोप लगाया कि जब मिश्रा की सेवा अवधि खत्म होने में सिर्फ एक दिन बचा था, तब नियमों को दरकिनार कर उन्हें स्थायी DGP बना दिया गया, जो स्पष्ट रूप से सेवा नियमों का उल्लंघन है।

8वीं बोर्ड परीक्षा का फॉर्म छूट गया? घबराएं नहीं, JAC देगा दूसरा मौका

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JAC Will Give Second Chance : रांची से बड़ी राहत की खबर सामने आई है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने उन छात्र-छात्राओं के लिए बड़ा फैसला लिया है, जिनका कक्षा 8वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का आवेदन किसी वजह से छूट गया था।

अब ऐसे सभी छात्रों को विशेष परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा और उनका साल बर्बाद नहीं होगा।

16 जनवरी थी आखिरी तारीख, अब पोर्टल हो चुका है बंद

जैक के सचिव जयंत कुमार मिश्र ने बताया कि 8वीं बोर्ड परीक्षा के लिए Online आवेदन की अंतिम तिथि 16 जनवरी तय थी।

इसके बाद परीक्षा Portal को बंद कर दिया गया है और अब 24 फरवरी को होने वाली परीक्षा की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसलिए अब मुख्य परीक्षा के लिए नए आवेदन लेना संभव नहीं है।

शिक्षकों और अभिभावकों ने की थी तारीख बढ़ाने की मांग

Portal बंद होने के बाद कई शिक्षक संगठनों, स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों की ओर से आवेदन की तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया गया था।

लेकिन JAC का कहना है कि अगर अब तारीख बढ़ाई गई, तो समय पर रिजल्ट जारी करना मुश्किल हो जाएगा। इसी वजह से बोर्ड ने वैकल्पिक रास्ता निकालते हुए विशेष परीक्षा का फैसला लिया है।

असमंजस में न रहें बच्चे, जारी रखें पढ़ाई

JAC ने साफ शब्दों में कहा है कि जिन छात्रों का फॉर्म छूट गया है, वे घबराएं नहीं और पढ़ाई जारी रखें।

ऐसे सभी छात्रों का फॉर्म विशेष परीक्षा के दौरान लिया जाएगा और मुख्य परीक्षा के परिणाम आने के बाद जल्द ही यह विशेष परीक्षा आयोजित कराई जाएगी।

साल नहीं होगा खराब, मिलेगा पूरा मौका

Board ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी छात्र का शैक्षणिक वर्ष खराब नहीं होने दिया जाएगा।

जिन बच्चों का आवेदन छूट गया है, उन्हें उसी पाठ्यक्रम के आधार पर परीक्षा देने का पूरा अवसर मिलेगा और वे भी आगे की कक्षा में Promote हो सकेंगे।

JCERT ने जारी किया शेड्यूल, 11 से 14 मार्च तक होगी परीक्षा

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JCERT Released the Schedule : झारखंड के प्रारंभिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए वार्षिक परीक्षा की तारीखें तय कर दी गई हैं।

झारखंड शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद यानी JCERT ने कक्षा पहली से 7वीं तक की परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। परीक्षा 11 मार्च से शुरू होकर 14 मार्च तक चलेगी और हर दिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी।

दो पालियों में होगी परीक्षा, तय समय पर बैठना होगा जरूरी

परीक्षा की पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 12 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 12:30 बजे से 3 बजे तक होगी।

स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि सभी छात्र तय समय पर Examination Center में मौजूद रहें, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो।

पहली और दूसरी के बच्चों की सिर्फ मौखिक परीक्षा

JCERT ने साफ किया है कि कक्षा पहली और दूसरी के छात्रों की केवल मौखिक परीक्षा ली जाएगी। इन कक्षाओं के बच्चों को लिखित परीक्षा नहीं देनी होगी। वहीं कक्षा तीसरी से सातवीं तक के छात्रों को लिखित परीक्षा देनी होगी।

कितने अंकों की होगी परीक्षा, जानिए पूरा पैटर्न

कक्षा तीसरी से पांचवीं तक के प्रत्येक विषय के लिए 60 अंक की परीक्षा होगी।

वहीं छठी और सातवीं कक्षा में भी कुल 60 अंक तय किए गए हैं, लेकिन इनमें गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों में 50 अंक की लिखित परीक्षा और 10 अंक का प्रोजेक्ट कार्य शामिल होगा। यानी इन कक्षाओं में प्रोजेक्ट का भी खास महत्व रहेगा।

16 से 20 मार्च तक होगा मूल्यांकन, 25 तक मिलेगा रिपोर्ट कार्ड

परीक्षा खत्म होने के बाद 16 मार्च से 20 मार्च के बीच स्कूल स्तर पर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा।

इसके बाद 25 मार्च तक अभिभावक संगोष्ठी (Parent Seminar) के माध्यम से छात्रों को रिपोर्ट कार्ड दिया जाएगा। अभिभावकों को भी बच्चों के प्रदर्शन की जानकारी इसी दौरान दी जाएगी।

28 मार्च तक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड होंगे रिजल्ट

JCERT ने निर्देश दिया है कि सभी स्कूल 28 मार्च तक छात्रों के परिणाम e-Vidyavahini Portal पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें। इससे शिक्षा विभाग के पास भी बच्चों के प्रदर्शन का पूरा डेटा उपलब्ध रहेगा।

घर से निकलते ही घेरकर पीटा, धारदार हथियार से फोड़ा सिर, चार पर केस

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Head broken With a Sharp Weapon : रांची के हेसाग नया टोली इलाके में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक पर रास्ते में घेरकर हमला (Surround Attack) कर दिया गया।

पीड़ित राजेश तिग्गा ने चार लोगों पर मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने का आरोप लगाया है। इस मामले में जगन्नाथपुर थाना में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।

रास्ते में रोककर की मारपीट, धारदार हथियार से किया हमला

पीड़ित राजेश तिग्गा ने पुलिस को बताया कि बुधवार सुबह जब वह घर से बाहर निकले, तभी अमित महतो, प्रकाश महतो, योगेंद्र महतो और सूरज लोहरा उनसे उलझ गए।

देखते ही देखते चारों ने मिलकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी और धारदार हथियार से उनके सिर पर वार कर दिया, जिससे सिर फट गया और वह बुरी तरह घायल हो गए।

हमला कर फरार हुए आरोपी, थाने पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत

घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। किसी तरह खुद को संभालते हुए राजेश तिग्गा सीधे जगन्नाथपुर थाना (Jagannathpur Police Station) पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने पीड़ित के बयान के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

पुलिस जुटी जांच में, आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं घायल राजेश तिग्गा का इलाज चल रहा है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

हटिया-सांकी पैसेंजर को बरकाकाना तक बढ़ाने की मांग

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Demand to Extend Hatia-Sanki Passenger Train up to Barkakana : रांची में रेल यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने को लेकर Chamber of Commerce का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक एके मिश्रा से मिला।

इस दौरान ट्रेनों की संख्या, ठहराव और रूट विस्तार को लेकर विस्तार से चर्चा हुई और कई अहम मांगें सामने रखी गईं।

प्रतिनिधिमंडल ने यात्रियों की परेशानी का जिक्र करते हुए Hatia-Sanki Passenger Train को बरकाकाना तक विस्तार देने की मांग की।

चेंबर का कहना था कि इससे ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों के लोगों को रोजमर्रा की यात्रा में बड़ी राहत मिलेगी और रांची से आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।

दुरंतो ट्रेनों के राउरकेला में ठहराव की उठी मांग

चेंबर ने हावड़ा-मुंबई दुरंतो और हावड़ा-पुणे दुरंतो एक्सप्रेस ट्रेनों का राउरकेला में ठहराव सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राउरकेला एक बड़ा औद्योगिक केंद्र है और यहां से देश के बड़े शहरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।

रांची से लखनऊ के लिए नई सीधी ट्रेन का प्रस्ताव

प्रतिनिधिमंडल ने रांची से लखनऊ होते हुए अयोध्या तक एक नई सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा।

चेंबर का मानना है कि इससे धार्मिक यात्रियों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और दोनों राज्यों के बीच संपर्क और मजबूत होगा।

डोरंडा में चला नगर निगम का बुलडोजर, ठेले-खोमचे जब्त, सड़क हुई खाली

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Municipal Corporation’s Bulldozer runs in Doranda : रांची नगर निगम (Ranchi Municipal Corporation) ने गुरुवार को डोरंडा इलाके में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।

करीब तीन घंटे तक चले इस अभियान में दो दर्जन से अधिक ठेले और खोमचे जब्त किए गए, जबकि नाली और सड़क पर किए गए अवैध निर्माण को JCB से तोड़ दिया गया।

यह कार्रवाई डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक से लेकर मुख्य बाजार और AG मोड़ तक की गई।

नाली पर बना लिया था प्लेटफॉर्म, सड़क तक फैला दी दुकानें

अभियान के दौरान पाया गया कि कई दुकानदारों ने नाली पर कब्जा कर सीढ़ी और Platform बना लिया था और दुकानें सड़क तक फैला दी थीं।

इससे सड़क संकरी हो गई थी और आम लोगों को चलने में भी दिक्कत हो रही थी। निगम की टीम ने ऐसे सभी निर्माणों को तोड़कर हटाया।

पहले दी गई थी चेतावनी, नहीं माने तो हुई कार्रवाई

निगम प्रशासन ने बताया कि इससे पहले दुकानदारों और वेंडरों को कई बार चेतावनी दी गई थी कि वे दुकान के बाहर किया गया अतिक्रमण खुद हटा लें।

बावजूद इसके निर्देशों की अनदेखी की गई, जिसके बाद मजबूरी में कार्रवाई करनी पड़ी।

कार्रवाई देख भावुक हुईं महिलाएं, सड़क पर लगी भीड़

कार्रवाई के दौरान कई महिला दुकानदार अपनी दुकान और शेड टूटते देख बिलखती नजर आईं। वहीं बड़ी संख्या में लोग तमाशबीन बनकर सड़क पर खड़े रहे।

इससे कुछ देर के लिए बाजार में अफरा-तफरी का माहौल भी बन गया। पुलिस और निगम की टीम को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

फिर अतिक्रमण किया तो होगी सख्त कार्रवाई

निगम की टीम ने सभी दुकानदारों और वेंडरों को साफ चेतावनी दी कि अगर दोबारा सड़क या नाली पर दुकान, शेड या कोई भी निर्माण किया गया तो और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने कहा कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और राहगीरों की सुविधा के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

निगम की अपील, खुद हटाएं अतिक्रमण और रखें शहर साफ

Municipal council ने दुकानदारों और गृहस्वामियों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाएं और शहर को साफ-सुथरा व सुंदर बनाने में सहयोग करें।

निगम का कहना है कि सड़क और नालियों पर कब्जा रहने से न सिर्फ ट्रैफिक जाम होता है, बल्कि जलजमाव और गंदगी की समस्या भी बढ़ती है।