Kerala: केरल विधानसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. रुझानों में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) को करारी हार का सामना करना पड़ा है, जबकि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने बहुमत हासिल कर लिया है. हार स्वीकारते हुए मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.
10 साल बाद सत्ता से बाहर हुई लेफ्ट
पिछले एक दशक से केरल की सत्ता में काबिज एलडीएफ को इस बार जनता ने नकार दिया है. यूडीएफ की जीत के साथ साफ हो गया है कि अब राज्य में नई सरकार बनेगी. खास बात यह है कि आजादी के बाद पहली बार ऐसा होगा जब देश में किसी भी राज्य में लेफ्ट की सरकार नहीं रहेगी.
प्रियंका गांधी ने जनता का जताया आभार
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने केरल की जनता का धन्यवाद किया है. उन्होंने कहा कि यह जनादेश अगले पांच सालों में सरकार के कामकाज की दिशा तय करेगा. उन्होंने यूडीएफ को मिले समर्थन को शानदार बताया और इसे जनता का भरोसा बताया.
एंटी इनकंबेंसी बनी हार की वजह
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि एलडीएफ सरकार के खिलाफ जनता में नाराजगी थी. इसी सत्ता विरोधी लहर का फायदा यूडीएफ को मिला. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी जैसे नेताओं की लोकप्रियता ने भी चुनाव में अहम भूमिका निभाई. केरल में आए इन नतीजों को बड़े राजनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है, जहां लंबे समय बाद सत्ता पूरी तरह बदलती नजर आ रही है।

