Kerala: केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे पूरी तरह साफ हो गए हैं और इस बार राज्य में बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिला है. कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को स्पष्ट बहुमत मिला है. कांग्रेस 63 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि CPI(M) सिर्फ 26 सीटों पर सिमट गई.
कैसा रहा पूरा सीटों का गणित
140 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 71 सीटें चाहिए थीं, लेकिन UDF ने 99 सीटें जीतकर शानदार जीत दर्ज की.
कांग्रेस को 63 सीटें मिलीं, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को 22 सीटें, CPI को 8 सीटें, केरल कांग्रेस को 7 सीटें और RSP को 3 सीटें मिलीं.
वहीं एलडीएफ गठबंधन 35 सीटों तक ही सीमित रह गया. BJP को भी 3 सीटों पर जीत मिली है.
10 साल बाद बदली सत्ता की तस्वीर
दो कार्यकाल से सत्ता में रही एलडीएफ सरकार को इस बार जनता ने बाहर का रास्ता दिखा दिया. नतीजों के बाद मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया है. फिलहाल उनसे नई सरकार बनने तक कार्यवाहक के तौर पर जिम्मेदारी संभालने को कहा गया है.
शुरुआती रुझानों से ही साफ हो गई थी तस्वीर
सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतगणना में शुरुआती रुझानों से ही UDF की बढ़त दिखने लगी थी, जो धीरे-धीरे बड़ी जीत में बदल गई. 9 अप्रैल को हुए मतदान में 78.27% वोटिंग दर्ज की गई थी.
राहुल गांधी ने जताया आभार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केरल की जनता का धन्यवाद किया. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह जनादेश राज्य के लोगों के भरोसे को दिखाता है.

अब नतीजों के बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. UDF की इस जीत को केरल की राजनीति में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
