Patna : बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लंबे समय से सीएम रहे नीतीश कुमार अब राज्य की सत्ता छोड़कर दिल्ली की राजनीति में नई पारी शुरू करने की तैयारी में हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के अनुसार, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इस खबर के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
नीतीश कुमार साल 2005 से लगातार बिहार के सीएम रहे हैं। ऐसे में उनका राज्यसभा जाना एक बड़े राजनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इसे बिहार की राजनीति में एक युग के अंत के तौर पर भी माना जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार अप्रैल के दूसरे सप्ताह में बिहार को नया सीएम मिल सकता है। अब सबकी नजर एनडीए के फैसले पर टिकी है, जो राज्य के अगले नेतृत्व का चयन करेगा।
राज्यसभा चुनाव में नीतीश कुमार के अलावा उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और नितिन नवीन समेत अन्य नेता भी चुने गए हैं। इसे केंद्र में बिहार के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। इधर, नए मुख्यमंत्री को लेकर कई नामों की चर्चा हो रही है। कुछ लोग नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को जिम्मेदारी देने की बात कर रहे हैं। पटना में इसके समर्थन में पोस्टर भी लगाए गए हैं। हालांकि, अंतिम फैसला एनडीए नेतृत्व और नीतीश कुमार की सहमति से ही लिया जाएगा।

