Bihar: बिहार में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary नई सरकार बनाने से पहले दिल्ली दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरान उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah से हो सकती है। सम्राट चौधरी के इस दौरे को बिहार कैबिनेट विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने हैं, जबकि जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को डिप्टी सीएम बनाया गया है।
बिहार में सिर्फ तीन चेहरे, बाकी सभी मंत्री पद खाली
बिहार में फिलहाल मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम के अलावा किसी भी नेता को मंत्री नहीं बनाया गया है। ऐसे में पूरा मंत्रिमंडल लगभग खाली है। बिहार में मुख्यमंत्री सहित कुल 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। फिलहाल 33 मंत्री पद खाली हैं। इसलिए सम्राट चौधरी का दिल्ली दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।
मोदी और शाह से मुलाकात के मायने
मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी पहली बार दिल्ली जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो सके थे, इसलिए यह शिष्टाचार मुलाकात भी मानी जा रही है। इसके बाद सम्राट चौधरी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर सकते हैं। माना जा रहा है कि इस दौरान बिहार में कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चा हो सकती है और संभावित मंत्रियों के नामों पर भी राय ली जा सकती है।
मई में हो सकता है कैबिनेट विस्तार
सूत्रों के मुताबिक बिहार में कैबिनेट विस्तार मई के दूसरे सप्ताह तक हो सकता है। पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनाव नतीजे 4 मई को आने के बाद इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है। इसके बाद नई सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा ताकि प्रशासनिक कामकाज तेजी से शुरू हो सके।
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर रहेगा फोकस
बिहार कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत कुल 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार के दौरान जातीय समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन पर खास ध्यान दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक नई सरकार में अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को भी मौका मिल सकता है। इससे बीजेपी बिहार में जेनरेशन चेंज का बड़ा दांव खेल सकती है।
विजय सिन्हा को लेकर बना सस्पेंस
पूर्व डिप्टी सीएम Vijay Kumar Sinha के मंत्री बनने को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। विजय सिन्हा 2024 और 2025 में डिप्टी सीएम रह चुके हैं, लेकिन 2026 में बीजेपी ने सम्राट चौधरी को प्रमोट कर मुख्यमंत्री बना दिया। इसके बाद से विजय सिन्हा की भूमिका को लेकर चर्चा तेज है।
नेताओं की मुलाकात से बढ़ी अटकलें
सोमवार को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष Sanjay Saraogi ने विजय सिन्हा से मुलाकात की। इससे पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता Radha Mohan Singh भी उनसे मिल चुके हैं। इन मुलाकातों के बाद राजनीतिक गलियारों में विजय सिन्हा की नाराजगी की चर्चा भी तेज हो गई है।
विश्वासमत से पहले बढ़ी हलचल
सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता बनाए जाने के समय विजय सिन्हा ने कहा था कि पार्टी के आदेश और गठबंधन धर्म के तहत उन्होंने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव किया था। यह भी चर्चा है कि विजय सिन्हा मंत्री बनने को लेकर तैयार नहीं थे। इसी वजह से 15 अप्रैल को सिर्फ मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम को ही शपथ दिलाई गई थी। अब 24 अप्रैल को सम्राट सरकार को बिहार विधानसभा में विश्वासमत हासिल करना है। इससे पहले कैबिनेट विस्तार और नेताओं की भूमिका को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।

