जिस जहाज को अमेरिका ने कब्जाया, उसमें क्या था सामान

Iran and US War: ईरानी झंडे वाले कंटेनर जहाज टूस्का पर अमेरिकी कब्जे के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। इस घटना से दोनों देशों के बीच बातचीत पर भी असर पड़ सकता है। रविवार को अमेरिकी बलों ने ओमान की खाड़ी में जहाज पर चढ़ाई कर कब्जा कर लिया था। अब सामने आ रहा है कि जहाज पर ऐसा सामान लदा था जिसे अमेरिका ड्यूल यूज यानी दोहरे इस्तेमाल वाली वस्तुएं मानता है। ऐसे सामान का इस्तेमाल सैन्य और औद्योगिक दोनों कामों में किया जा सकता है।

IRISL ग्रुप का हिस्सा है टूस्का जहाज

यह छोटा कंटेनर जहाज इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिपिंग लाइन्स ग्रुप का हिस्सा है। इस शिपिंग कंपनी पर अमेरिका पहले से प्रतिबंध लगा चुका है। अमेरिकी मरीन सैनिकों ने ओमान की खाड़ी में ईरान के चाबहार बंदरगाह के पास इस जहाज पर कार्रवाई की। जहाज ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक इसकी आखिरी लोकेशन दोपहर 1308 जीएमटी पर दर्ज की गई थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार जहाज को रोकने के लिए छह घंटे तक कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन जहाज ने चेतावनी को नजरअंदाज किया। इसके बाद अमेरिका ने पहले जहाज की रफ्तार रोकी और फिर उस पर कब्जा कर लिया।

जहाज में क्या सामान था

सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि जहाज एशिया से ड्यूल यूज सामान लेकर आ रहा था। यह जहाज पहले भी ऐसे सामान ढो चुका है जिन्हें सैन्य इस्तेमाल के लिए संवेदनशील माना जाता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार जहाज में धातु, पाइप और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट जैसे सामान लदे हो सकते हैं। इनका इस्तेमाल सैन्य उपकरण बनाने के साथ औद्योगिक कामों में भी किया जा सकता है।

ईरान ने बताया गैरकानूनी कार्रवाई

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्रवाई को गैरकानूनी बताया है। ईरान ने कहा कि अमेरिकी बलों ने उसके तट के पास एक कमर्शियल जहाज पर हमला किया है जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। ईरान ने जहाज, चालक दल और उनके परिवारों की तुरंत रिहाई की मांग की है। साथ ही कहा कि यह कार्रवाई युद्धविराम समझौते का उल्लंघन है और आगे तनाव बढ़ा तो इसके लिए अमेरिका जिम्मेदार होगा।

ईरान ने लगाया डकैती का आरोप

ईरानी सेना ने अमेरिका पर जहाज में डकैती करने का आरोप लगाया है। ईरान के मुताबिक जहाज चीन से आ रहा था और उस पर अचानक हमला कर दिया गया। सरकारी मीडिया के अनुसार ईरान ने कहा कि वह जवाब देने के लिए तैयार था, लेकिन जहाज पर चालक दल के परिवारों की मौजूदगी को देखते हुए संयम बरता गया।

किन देशों से होकर आया जहाज

डेटा एनालिटिक्स रिपोर्ट के मुताबिक जहाज 25 मार्च को चीन के ताइचांग बंदरगाह पर देखा गया था। इसके बाद 29 और 30 मार्च को यह चीन के गाओलान बंदरगाह पहुंचा। इसके बाद जहाज ने मलेशिया के पोर्ट क्लांग एंकरिज पर 11 और 12 अप्रैल को रुककर और कंटेनर लोड किए। रविवार को ओमान की खाड़ी पहुंचने तक जहाज कंटेनरों से पूरी तरह भरा हुआ था।

जहाज पर कौन सवार थे

सूत्रों के मुताबिक जहाज पर एक ईरानी कप्तान और कई ईरानी चालक दल के सदस्य मौजूद थे। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि सभी सदस्य ईरानी नागरिक ही थे या नहीं। बताया जा रहा है कि ऐसे जहाजों पर कभी कभी पाकिस्तानी नाविक भी काम करते हैं।

चीन ने भी जताई चिंता

चीन ने इस घटना पर चिंता जताई है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरानी जहाज को जबरन रोके जाने पर चीन चिंतित है। चीन ने दोनों पक्षों से जिम्मेदारी के साथ युद्धविराम समझौते का पालन करने की अपील की है।

ट्रंप ने क्या कहा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि टूस्का जहाज पर पहले से अमेरिकी प्रतिबंध थे। उन्होंने कहा कि जहाज का गैरकानूनी गतिविधियों का इतिहास रहा है और अमेरिकी बल जांच कर रहे हैं कि जहाज पर क्या सामान मौजूद है।

अमेरिका ने बढ़ाई समुद्री नाकाबंदी

अमेरिकी नौसेना ने हाल ही में एडवाइजरी जारी कर बताया था कि ईरान के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी का दायरा बढ़ा दिया गया है। इसके तहत प्रतिबंधित सामान ले जाने वाले किसी भी जहाज को रोककर जांच और तलाशी ली जा सकती है। प्रतिबंधित सामान में हथियार और गोला बारूद भी शामिल हैं।

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