New Delhi : जमीन के बदले नौकरी मामले में लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज FIR और उससे जुड़ी कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
सोमवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि CBI जांच को लेकर उनकी आपत्तियां वे ट्रायल के दौरान उठा सकते हैं। हालांकि, अदालत ने उन्हें ट्रायल कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी है।
यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने पहले ही CBI की FIR को रद्द करने से इनकार कर दिया था और चार्जशीट को सही ठहराया था।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच में जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह शामिल थे। यह मामला 2004 से 2009 के बीच रेलवे में भर्ती के दौरान कथित घोटाले से जुड़ा है, जब लालू यादव रेल मंत्री थे।
इससे पहले राउज एवेन्यू कोर्ट ने जनवरी 2026 में इस मामले में लालू यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। कोर्ट ने कहा था कि यह मामला एक संगठित आपराधिक साजिश की तरह चलाया गया।
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