Dumka : राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने प्रशिक्षु डॉक्टरों को दिए जाने वाले मासिक स्टाइपेंड का ब्योरा सार्वजनिक नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की है। इस मामले में झारखंड के दुमका मेडिकल कॉलेज समेत देश के सात मेडिकल कॉलेजों पर 1-1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
नियम तोड़ा तो लाइसेंस भी हो सकता है निलंबित
NMC ने साफ चेतावनी दी है कि अगर आगे भी नियमों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित मेडिकल कॉलेजों का लाइसेंस तक निलंबित किया जा सकता है। आयोग ने कहा है कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जारी हुआ था निर्देश
NMC ने 13 मार्च को जारी आदेश में बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पिछले साल 11 जुलाई को सभी मेडिकल कॉलेजों को आदेश दिया गया था कि वे एमबीबीएस और पीजी मेडिकल के प्रशिक्षु छात्रों को दिए जा रहे मासिक स्टाइपेंड का पूरा ब्योरा अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करें। आयोग लगातार इस प्रक्रिया की निगरानी कर रहा है, लेकिन जांच में पाया गया कि कुछ कॉलेजों ने अब तक यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई।
इन मेडिकल कॉलेजों पर भी लगा जुर्माना
जिन मेडिकल कॉलेजों पर जुर्माना लगाया गया है, उनमें आकाश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (बेंगलुरु), गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज बाड़मेर, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज ओंगोले (आंध्र प्रदेश), आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज भोपाल, प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लखनऊ और पंडित बीडी शर्मा मेडिकल कॉलेज रोहतक शामिल हैं।

