West Bengal Election: पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद सियासी माहौल फिर गरमा गया है। कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर TMC नेताओं ने स्ट्रॉन्ग रूम के सामने धरना शुरू कर दिया है। TMC का आरोप है कि BJP और चुनाव आयोग (ECI) के अधिकारी बिना उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बैलेट बॉक्स खोलने की कोशिश कर रहे हैं।
स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने पर बैठे TMC नेता
TMC नेता शशि पांजा और कुणाल घोष स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है, जबकि अंदर कुछ गतिविधियां चल रही हैं। कुणाल घोष ने कहा, “CCTV और लाइवस्ट्रीमिंग में दिख रहा है कि अंदर लोग काम कर रहे हैं, लेकिन हमारा कोई प्रतिनिधि वहां मौजूद नहीं है।”
‘हमें अंदर नहीं जाने दे रहे’—TMC
कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि उन्हें स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर जाने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा, “हमसे कहा जा रहा है कि दूसरे उम्मीदवारों से बात करें, लेकिन हम उनकी जिम्मेदारी क्यों लें? हमें खुद अंदर जाने दिया जाए।” शशि पांजा ने भी चिंता जताते हुए कहा कि कहीं कोई गड़बड़ी न हो, इसलिए पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।
केंद्रीय बलों पर भी उठाए सवाल
TMC नेताओं ने आरोप लगाया कि स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर तैनात उनके कार्यकर्ताओं को केंद्रीय बलों ने हटा दिया। उनका कहना है कि इससे अंदर किसी तरह की छेड़छाड़ की आशंका बढ़ जाती है। TMC ने चुनाव आयोग से मांग की है कि स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर क्या हो रहा है, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।
ममता बनर्जी के बयान के बाद बढ़ा विवाद
यह धरना उस समय शुरू हुआ जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक वीडियो संदेश जारी कर EVM से छेड़छाड़ की आशंका जताई थी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की थी कि वे स्ट्रॉन्ग रूम की कड़ी निगरानी करें और मतगणना तक सतर्क रहें।
ईमेल से मिली ‘स्ट्रॉन्ग रूम खोलने’ की जानकारी
कुणाल घोष के मुताबिक, दोपहर तक TMC कार्यकर्ता स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर मौजूद थे, लेकिन बाद में उन्हें हटा दिया गया। उन्होंने बताया कि अचानक एक ईमेल आया, जिसमें कहा गया कि शाम 4 बजे स्ट्रॉन्ग रूम खोला जाएगा। जब कार्यकर्ताओं से संपर्क किया गया, तो पता चला कि उन्हें वहां से हटा दिया गया है।
‘BJP के लोगों को अंदर बुलाया जा रहा’—आरोप
TMC नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा, जबकि BJP के लोगों को अंदर बुलाया जा रहा है। शशि पांजा ने सवाल उठाया कि अगर स्ट्रॉन्ग रूम खोला गया था, तो इसकी जानकारी सभी राजनीतिक दलों को क्यों नहीं दी गई। इस पूरे मामले के बाद चुनावी पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
