Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में बड़ा हादसा हो गया। पर्यटकों से भरा एक क्रूज अचानक डैम के बीच डूब गया। हादसे के वक्त क्रूज में करीब 30-35 लोग सवार थे। तेज हवाओं की वजह से क्रूज असंतुलित हुआ और कुछ ही देर में पानी में समा गया। प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन कई लोगों के लापता होने की खबर है और कुछ की मौत भी बताई जा रही है।
तेज हवा बनी हादसे की वजह
बताया जा रहा है कि क्रूज जैसे ही डैम के बीच पहुंचा, अचानक मौसम बदला और तेज हवाएं चलने लगीं। हवा के झोंकों से क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और वह पलटकर डूब गया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
बरगी डैम—जबलपुर का पॉपुलर टूरिस्ट स्पॉट
नर्मदा नदी पर बना बरगी डैम जबलपुर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां नौकाविहार और क्रूज राइड पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। मध्य प्रदेश टूरिज्म के मुताबिक, यहां सालभर पर्यटक आते हैं, लेकिन अक्टूबर से अप्रैल के बीच का समय घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
1974 में शुरू हुआ था डैम का निर्माण
बरगी डैम का निर्माण 1974 में शुरू हुआ था और 1990 में यह बनकर तैयार हुआ। इसे पूरा होने में करीब 16 साल लगे। यह बांध जबलपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित है और नर्मदा नदी पर बने शुरुआती बड़े बांधों में से एक माना जाता है।
सिंचाई और बिजली उत्पादन में अहम भूमिका
इस डैम का इस्तेमाल सिंचाई और बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है। इसकी क्षमता करीब 90 मेगावाट पनबिजली उत्पादन की है। बरगी डैम से निकलने वाली नहरें कई जिलों में पानी पहुंचाती हैं और बड़े इलाके को सिंचाई सुविधा देती हैं।
पर्यटन के लिए भी बड़ा आकर्षण
बरगी डैम का बैकवाटर एक बड़ी झील जैसा बनाता है, जो पर्यटन के लिए खास आकर्षण है। यही वजह है कि यहां बोटिंग, क्रूज और रिजॉर्ट जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।
नर्मदा के दूसरे डैम पर भी होती है बोटिंग
बरगी डैम की तरह ही नर्मदा नदी पर बने इंदिरा सागर डैम (हनुवंतिया) में भी नौकाविहार और पर्यटन गतिविधियां होती हैं। यह जलाशय भारत के बड़े जलाशयों में गिना जाता है और यहां भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।

