TCS में महिलाओं से उत्पीड़न का आरोप, यौन शोषण, ब्रेनवॉश और धर्मांतरण की कोशिश का मामला

Tata Consultancy Services: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को लेकर नासिक में बड़ा विवाद सामने आया है। कंपनी की कई महिला कर्मचारियों ने टीम लीडरों पर यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और धर्म परिवर्तन के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में राज्य के अलग-अलग थानों में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें एक दुष्कर्म का मामला भी शामिल है। अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

देवळाली और मुंबई नाका थानों में दर्ज हुए मामले

देवळाली थाना क्षेत्र में दो आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, छेड़छाड़ और उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है। वहीं मुंबई नाका थाना क्षेत्र में आठ अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कंपनी के भीतर कुछ कर्मचारियों ने ऐसा माहौल बनाया, जहां धार्मिक परिवर्तन को बढ़ावा दिया जा रहा था।

18 से 25 साल की महिलाओं ने लगाए गंभीर आरोप

पीड़ित महिलाओं की उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है। उनका आरोप है कि उन्हें अलग-अलग कार्यस्थलों पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। पीड़ितों ने बताया कि उनके पहनावे और शारीरिक बनावट पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। साथ ही धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली बातें भी कही गईं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आरोपियों ने महिलाओं की निजी और वैवाहिक समस्याओं का फायदा उठाकर उन्हें निशाना बनाया। यह उत्पीड़न पिछले दो से तीन वर्षों से जारी था। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने पहले कंपनी के HR विभाग से शिकायत की थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

छह आरोपी गिरफ्तार, कई टीम लीडर शामिल

पुलिस ने अब तक जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तार और अश्विन चैनानी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि आरोपियों में कई टीम लीडर और इंजीनियर शामिल हैं। पुलिस एक HR अधिकारी की भी तलाश कर रही है।

पुरुष कर्मचारी ने भी लगाया धर्म परिवर्तन का दबाव

मामले में एक पुरुष कर्मचारी ने भी आरोप लगाया है कि उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया। उसका कहना है कि उसे विशेष धार्मिक क्रियाएं करने और मांसाहार खाने के लिए मजबूर किया गया।

पुलिस ने बनाया विशेष जांच दल

पुलिस ने एसीपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में 12 सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है। संदीप मिटके के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत लेने की प्रक्रिया जारी है।

TCS ने कहा — जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हैं

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने बयान जारी कर कहा है कि कंपनी किसी भी तरह के उत्पीड़न या दबाव के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती है। कंपनी के अनुसार मामला सामने आते ही संबंधित कर्मचारियों को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है और स्थानीय प्रशासन के साथ पूरा सहयोग किया जा रहा है। हालांकि यह सवाल उठ रहे हैं कि पहले की गई शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

मामले ने पकड़ा राजनीतिक रंग

इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने इसे कॉरपोरेट जिहाद का मामला बताया है। बंदी संजय कुमार ने आईटी कंपनियों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। वहीं गिरीश महाजन ने आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारियों ने नौकरी और अच्छे वेतन का लालच देकर महिलाओं को फंसाया। दूसरी ओर प्रियंका चतुर्वेदी ने कंपनी की प्रतिक्रिया को अपर्याप्त बताते हुए कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं।

जांच जारी, सामने आ सकते हैं और खुलासे

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे नए साक्ष्य सामने आएंगे, मामले की स्थिति और साफ होती जाएगी।

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