Kartik Aaryan case : Bollywood अभिनेता कार्तिक आर्यन द्वारा दायर पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकार) से जुड़े मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस शर्मिला देशमुख ने कहा कि अभिनेता की याचिका में दम है और उन्हें उचित राहत दिए जाने पर विचार किया जा सकता है।
कार्तिक आर्यन ने हाल ही में Bombay High Court में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि उनके नाम, फोटो और आवाज का बिना अनुमति के व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है। याचिका में कहा गया है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और लोग उनकी पहचान का उपयोग विज्ञापन और प्रमोशनल कामों में कर रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान और छवि को नुकसान हो रहा है।
अभिनेता की ओर से सीनियर वकील बीरेंद्र सर्राफ ने कोर्ट में दलील दी कि सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कार्तिक की पहचान का बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह बिना अनुमति के हो रहा है और इसे रोकना जरूरी है।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और Deepfake तकनीक का इस्तेमाल कर अभिनेता जैसी दिखने वाली नकली तस्वीरें, वीडियो और ऑडियो बना रहे हैं और उनका व्यावसायिक उपयोग कर रहे हैं।
कार्तिक आर्यन ने अदालत से मांग की है कि ऐसे सभी मामलों पर तुरंत रोक लगाई जाए और उनके व्यक्तित्व से जुड़ी किसी भी चीज़ का बिना अनुमति इस्तेमाल न किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि संबंधित Content को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटाया जाए और जिम्मेदार लोगों की पहचान उजागर की जाए।
याचिका में कई E-Commerce Companies और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी उनकी तस्वीरों और वीडियो के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है। कार्तिक ने Court से यह भी आग्रह किया है कि सरकारी एजेंसियों को ऐसे कंटेंट को हटाने के लिए निर्देश दिए जाएं।

