NCR Workers Protest : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मजदूरों के बढ़ते असंतोष के बीच सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) ने 16 अप्रैल को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। संगठन ने मजदूरों से अपील की है कि वे औद्योगिक क्षेत्रों और Factories में चल रही हड़तालों के समर्थन में एकजुट हों।
ट्रेड यूनियन नेताओं के अनुसार, मजदूरों की खराब स्थिति, कम वेतन और नौकरी की असुरक्षा को लेकर नाराजगी लगातार बढ़ रही है। कई स्थानों पर पहले से ही प्रदर्शन चल रहे हैं और अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज हो सकता है।
CITU के महासचिव एलामाराम करीम ने आरोप लगाया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम समेत NCR के कई इलाकों में मजदूरों के आंदोलनों को दबाने के लिए राज्य सरकारें सख्त कदम उठा रही हैं। उन्होंने इसे सिर्फ औद्योगिक विवाद नहीं, बल्कि मजदूरों और कॉर्पोरेट हितों के बीच टकराव बताया।
मजदूरों की प्रमुख मांगें
मजदूर संगठनों ने सरकार से कई मांगें रखी हैं। इनमें 26,000 रुपये न्यूनतम वेतन लागू करना, 8 घंटे का कार्यदिवस सुनिश्चित करना, Overtime का दोगुना भुगतान, कार्यस्थल पर सुरक्षा, Contract मजदूरों के साथ समान व्यवहार और Contract System खत्म करना शामिल है। साथ ही सस्ती LPG और श्रमिकों के नियमितीकरण की भी मांग की गई है।
नोएडा में हिंसा, कई गिरफ्तार
हाल ही में Noida के एक औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में तोड़फोड़ की और पुलिस पर पथराव किया। यह घटना तेजी से अन्य औद्योगिक इलाकों में भी फैल गई। पुलिस के अनुसार, इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
सरकार ने बढ़ाई न्यूनतम मजदूरी
गुरुग्राम में हुई घटनाओं के बाद हरियाणा सरकार ने अकुशल श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में 35 प्रतिशत की वृद्धि की है। अब यह 11,274 रुपये से बढ़कर 15,220 रुपये प्रति माह हो गया है। अर्ध-कुशल, कुशल और उच्च कुशल श्रमिकों के वेतन में भी समान वृद्धि की गई है।
देशभर में फैल रहा आंदोलन
CITU के अनुसार, यह आंदोलन अब NCR से बाहर भी फैल रहा है और देश के कई औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूर एकजुट हो रहे हैं। संगठन ने सभी मजदूरों से 16 अप्रैल को फैक्ट्री गेट और औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने की अपील की है।
किसान संगठन का समर्थन
अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) ने भी मजदूरों के आंदोलन का समर्थन किया है। संगठन ने आरोप लगाया कि मजदूरों पर दमन किया जा रहा है और उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

